Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 9 जून 2021
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
कृष्ण पक्ष · 07:52 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें अमावस्या यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत बुध 9 जून को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। बुध 9 जून क्यों?
वट सावित्री व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 9 जून को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। बुध 9 जून क्यों?
अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़9 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 9 जून
- 04:56–05:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:39 से
- 06:39–08:02लाभ चौघड़िया
- 08:02–09:25अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:48–12:12शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:21–17:44लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 19:21–20:58शुभ चौघड़िया
- 20:58–22:35अमृत चौघड़िया
-
23:38–01:26 गुरुअमृत कालरोहिणी में
- 03:25–05:02 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:56–05:48 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:39–08:02लाभशुभ
- 08:02–09:25अमृतयमगण्ड में
- 09:25–10:48कालअशुभ
- 10:48–12:12शुभगुलिक काल में
- 12:12–13:35रोगअशुभ
- 13:35–14:58उद्वेगअशुभ
- 14:58–16:21चरसामान्य
- 16:21–17:44लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:21उद्वेगअशुभ
- 19:21–20:58शुभ
- 20:58–22:35अमृतशुभ
- 22:35–00:12 गुरुचरसामान्य
- 00:12–01:49 गुरुरोगअशुभ
- 01:49–03:25 गुरुकालअशुभ
- 03:25–05:02 गुरुलाभशुभ
- 05:02–06:39 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 9 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:47, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:39–08:02
- अमृत, शुभ, 08:02–09:25
- काल, अशुभ, 09:25–10:48
- शुभ, 10:48–12:12
- रोग, अशुभ, 12:12–13:35
- उद्वेग, अशुभ, 13:35–14:58
- चर, सामान्य, 14:58–16:21
- लाभ, शुभ, 16:21–17:44
- उद्वेग, अशुभ, 17:44–19:21
- शुभ, 19:21–20:58
- अमृत, शुभ, 20:58–22:35
- चर, सामान्य, 22:35–00:12 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:12–01:49 गुरु
- काल, अशुभ, 01:49–03:25 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:25–05:02 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:02–06:39 गुरु
- यमगण्ड, 08:02–09:25, अशुभ
- गुलिक काल, 10:48–12:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:49–12:34, अशुभ
- राहु काल, 12:12–13:35, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:48 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में वट सावित्री व्रत बुध 9 जून को क्यों है?
वट सावित्री व्रत बुध 9 जून को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 9 जून को 06:39 और गुरु 10 जून को 06:39। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 9 जून। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में अमावस्या बुध 9 जून को क्यों है?
अमावस्या बुध 9 जून को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 9 जून को 06:39 और गुरु 10 जून को 06:39। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 9 जून। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 9 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.5° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। चतुर्दशी उससे पहले 05:28 पर समाप्त हुई। अमावस्या 07:52 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 26 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?
अमावस्या यहाँ बुध 9 और गुरु 10 जून दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 05:28 को, सूर्योदय 06:39 से पहले, शुरू हुई और 07:52 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:39 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:22, चतुर्दशी की समाप्ति 13:58 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:39, चतुर्दशी की समाप्ति 05:28 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
बुध 9 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:56–05:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:56–05:47।
मंगल 8 जून की रात सूर्यास्त 17:44 मंगल से सूर्योदय 06:39 तक थी, 12 घं 55 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 9 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:49–12:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:49–12:34।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:49–12:34: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 9 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:39–08:02 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:44, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 06:39 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 9 जून को राहुकाल कब है? 12:12–13:35
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:35।
बुध 9 जून को यमगंड कब है? 08:02–09:25
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:02–09:25।
बुध 9 जून को गुलिक काल कब है? 10:48–12:12
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:48–12:12।
यहाँ दिन 06:39 से 17:44 तक है, 11 घं 5 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 9 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 5 मि का दिन।
बुध 9 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 9 जून को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 43.2° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:14 गुरु को निकलेगा, मृगशिरा में।
बुध 9 जून को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 97.8° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 54.6° + 43.2° = 97.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 23:17 को समाप्त होता है, फिर शूल।
बुध 9 जून को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.5° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 18:42 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 07:52 गुरु तक।
बुध 9 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:39 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 9 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 11 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 10 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 9 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
बुध 9 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943
विक्रम संवत 2078 11 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2021, 23:30 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 56.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 9 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:12
चंद्रमा यहाँ 17:12 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:12 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।