Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 9 मार्च 2021
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
विजया एकादशी
विजया एकादशी मंगल 9 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 9 मार्च क्यों?
विजया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़9 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 9 मार्च
- 04:40–05:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:14 से
- 10:50–12:23लाभ चौघड़िया
- 11:58–12:23अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:23–13:55अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:27–16:59शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:31 के बाद
- 19:59–21:27लाभ चौघड़िया
- 22:55–23:12शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:59–00:23 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:23–01:51 बुधअमृत चौघड़िया
-
01:59–03:36 बुधअमृत कालश्रवण में
- 04:40–05:27 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:14–07:46रोगअशुभ
- 07:46–09:18उद्वेगअशुभ
- 09:18–10:50चरसामान्य
- 10:50–12:23लाभशुभ
- 12:23–13:55अमृतगुलिक काल में
- 13:55–15:27कालअशुभ
- 15:27–16:59शुभराहु काल में
- 16:59–18:31रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:31–19:59कालअशुभ
- 19:59–21:27लाभशुभ
- 21:27–22:55उद्वेगअशुभ
- 22:55–00:23 बुधशुभ
- 00:23–01:51 बुधअमृतशुभ
- 01:51–03:18 बुधचरसामान्य
- 03:18–04:46 बुधरोगअशुभ
- 04:46–06:14 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 9 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:27, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:14–07:46
- उद्वेग, अशुभ, 07:46–09:18
- चर, सामान्य, 09:18–10:50
- लाभ, शुभ, 10:50–12:23
- अमृत, शुभ, 12:23–13:55
- काल, अशुभ, 13:55–15:27
- शुभ, 15:27–16:59
- रोग, अशुभ, 16:59–18:31
- काल, अशुभ, 18:31–19:59
- लाभ, शुभ, 19:59–21:27
- उद्वेग, अशुभ, 21:27–22:55
- शुभ, 22:55–00:23 बुध
- अमृत, शुभ, 00:23–01:51 बुध
- चर, सामान्य, 01:51–03:18 बुध
- रोग, अशुभ, 03:18–04:46 बुध
- काल, अशुभ, 04:46–06:14 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:41–09:30, अशुभ
- यमगण्ड, 09:18–10:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:47, शुभ
- गुलिक काल, 12:23–13:55, अशुभ
- राहु काल, 15:27–16:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:12–23:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:27 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में विजया एकादशी मंगल 9 मार्च को क्यों है?
विजया एकादशी मंगल 9 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 9 मार्च को सूर्योदय पर है, 06:14: मंगल 9 मार्च। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:14 सोम पर, उससे (04:38–06:14) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 9 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.8° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। दशमी उससे पहले 07:14 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 06:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 27 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वादशी क्षय क्यों है?
द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 06:32 को शुरू हुई और 06:10 बुध को समाप्त, 06:14 और 06:14 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को एकादशी है और बुधवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 9 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:40–05:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:40–05:27।
सोम 8 मार्च की रात सूर्यास्त 18:32 सोम से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 42 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 9 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:47
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:47।
मंगल 9 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:12–23:59।
मंगल 9 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 23:12–23:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:12–23:59।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:41–09:30 और 23:12–23:59।
मंगल 9 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:14–07:46 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:31, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:31 से 06:14 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 9 मार्च को राहुकाल कब है? 15:27–16:59
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–16:59।
मंगल 9 मार्च को यमगंड कब है? 09:18–10:50
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:50।
मंगल 9 मार्च को गुलिक काल कब है? 12:23–13:55
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–13:55।
यहाँ दिन 06:14 से 18:31 तक है, 12 घं 17 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 9 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 17 मि का दिन।
मंगल 9 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 9 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 276.7° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:11 को निकलेगा, श्रवण में।
मंगल 9 मार्च को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 601.6° थे, एक चक्कर और 241.6°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 324.9° + 276.7° = 601.6°, एक पूरा चक्कर और 241.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 02:05 बुध को समाप्त होता है, फिर शिव।
मंगल 9 मार्च को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.8° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:51 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:32 तक है।
मंगल 9 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 9 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 11 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 13 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
मंगल 9 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
मंगल 9 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 06:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 344.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 9 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:37 बुध
चंद्रमा यहाँ 03:37 बुध पर उदय होता है।
मंगल 9 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:10
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:10 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:37 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:10 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:37 बुध पर उदय होगा।