Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 8 जनवरी 2021
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
8 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 8 जनवरी
- 04:18–05:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:45 से
- 07:24–09:02लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:15–10:41अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:19–12:45अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:19–12:45शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:38–13:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:53 के बाद
-
19:51–21:20अमृत कालविशाखा में
- 21:36–22:58लाभ चौघड़िया
- 00:19–01:41 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:41–03:03 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:19–05:02 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:45–07:24चरसामान्य
- 07:24–09:02लाभगुलिक काल में
- 09:02–10:41अमृतशुभ
- 10:41–12:19कालअशुभ
- 12:19–13:58शुभ
- 13:58–15:36रोगअशुभ
- 15:36–17:14उद्वेगअशुभ
- 17:14–18:53चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:53–20:15रोगअशुभ
- 20:15–21:36कालअशुभ
- 21:36–22:58लाभशुभ
- 22:58–00:19 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:19–01:41 शनिशुभ
- 01:41–03:03 शनिअमृतशुभ
- 03:03–04:24 शनिचरसामान्य
- 04:24–05:46 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 8 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–05:02, शुभ
- चर, सामान्य, 05:45–07:24
- लाभ, शुभ, 07:24–09:02
- अमृत, शुभ, 09:02–10:41
- काल, अशुभ, 10:41–12:19
- शुभ, 12:19–13:58
- रोग, अशुभ, 13:58–15:36
- उद्वेग, अशुभ, 15:36–17:14
- चर, सामान्य, 17:14–18:53
- रोग, अशुभ, 18:53–20:15
- काल, अशुभ, 20:15–21:36
- लाभ, शुभ, 21:36–22:58
- उद्वेग, अशुभ, 22:58–00:19 शनि
- शुभ, 00:19–01:41 शनि
- अमृत, शुभ, 01:41–03:03 शनि
- चर, सामान्य, 03:03–04:24 शनि
- रोग, अशुभ, 04:24–05:46 शनि
- गुलिक काल, 07:24–09:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:23–09:15, अशुभ
- राहु काल, 10:41–12:19, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:45, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:45–13:38, अशुभ
- यमगण्ड, 15:36–17:14, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:02 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 8 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 295.9° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:45। नवमी उससे पहले 15:28 गुरु पर समाप्त हुई। दशमी 13:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 30 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 8 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:18–05:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:18–05:02।
गुरु 7 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:53 गुरु से सूर्योदय 05:45 तक थी, 10 घं 52 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 8 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:45
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:45।
शुक्र 8 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:23–09:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:23–09:15 और 12:45–13:38।
शुक्र 8 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:45–13:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:23–09:15 और 12:45–13:38।
यहाँ दिन, 05:45 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:23–09:15 और 12:45–13:38।
शुक्र 8 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:45–07:24 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:45 से 18:53, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:53 से 05:46 शनि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 8 जनवरी को राहुकाल कब है? 10:41–12:19
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:41–12:19।
शुक्र 8 जनवरी को यमगंड कब है? 15:36–17:14
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:36–17:14।
शुक्र 8 जनवरी को गुलिक काल कब है? 07:24–09:02
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:24–09:02।
यहाँ दिन 05:45 से 18:53 तक है, 13 घं 8 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 8 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:53, 13 घं 8 मि का दिन।
शुक्र 8 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:53, 13 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 200° पर था: विशाखा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:02 शनि को निकलेगा, अनुराधा में।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 464.1° थे, एक चक्कर और 104.1°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 264.1° + 200° = 464.1°, एक पूरा चक्कर और 104.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 09:40 को समाप्त होता है, फिर शूल।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 295.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 02:20 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 13:10 तक है।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:45, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:45 से 05:46 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 14 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 13 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
शुक्र 8 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 06:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 284° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 8 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:13 शनि
चंद्रमा यहाँ 02:13 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 8 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:28
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:28 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:13 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:28 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:13 शनि पर उदय होगा।