Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 6 सितंबर 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
6 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 6 सितंबर
- 04:38–05:26ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 09:13–10:42लाभ चौघड़िया
- 10:42–12:11अमृत चौघड़िया
- 11:47–12:11अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:39–15:08शुभ चौघड़िया
-
13:39–14:35अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अश्विनी में
- सूर्यास्त 18:06 के बाद
- 18:06–19:37शुभ चौघड़िया
- 19:37–21:08अमृत चौघड़िया
- 01:41–03:12 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:43–06:14 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:37–05:26 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:44उद्वेगअशुभ
- 07:44–09:13चरसामान्य
- 09:13–10:42लाभशुभ
- 10:42–12:11अमृतशुभ
- 12:11–13:39कालअशुभ
- 13:39–15:08शुभ
- 15:08–16:37रोगअशुभ
- 16:37–18:06उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:06–19:37शुभ
- 19:37–21:08अमृतशुभ
- 21:08–22:39चरसामान्य
- 22:39–00:10 सोमरोगअशुभ
- 00:10–01:41 सोमकालअशुभ
- 01:41–03:12 सोमलाभशुभ
- 03:12–04:43 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:43–06:14 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 6 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:26, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:15–07:44
- चर, सामान्य, 07:44–09:13
- लाभ, शुभ, 09:13–10:42
- अमृत, शुभ, 10:42–12:11
- काल, अशुभ, 12:11–13:39
- शुभ, 13:39–15:08
- रोग, अशुभ, 15:08–16:37
- उद्वेग, अशुभ, 16:37–18:06
- शुभ, 18:06–19:37
- अमृत, शुभ, 19:37–21:08
- चर, सामान्य, 21:08–22:39
- रोग, अशुभ, 22:39–00:10 सोम
- काल, अशुभ, 00:10–01:41 सोम
- लाभ, शुभ, 01:41–03:12 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:12–04:43 सोम
- शुभ, 04:43–06:14 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:34, शुभ
- यमगण्ड, 12:11–13:39, अशुभ
- गुलिक काल, 15:08–16:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:31–17:19, अशुभ
- राहु काल, 16:37–18:06, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:26 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 6 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 226° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। तृतीया उससे पहले 08:09 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्थी 10:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 2 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 6 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:38–05:26
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:38–05:26।
शनि 5 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:06 शनि से सूर्योदय 06:15 तक थी, 12 घं 9 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 6 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:34।
रवि 6 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:31–17:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:31–17:19।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:31–17:19।
रवि 6 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:44 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:06, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:06 से 06:14 सोम, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 6 सितंबर को राहुकाल कब है? 16:37–18:06
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:37–18:06।
रवि 6 सितंबर को यमगंड कब है? 12:11–13:39
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:11–13:39।
रवि 6 सितंबर को गुलिक काल कब है? 15:08–16:37
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:37।
यहाँ दिन 06:15 से 18:06 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 6 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:06, 11 घं 51 मि का दिन।
रवि 6 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:06, 11 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 6 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 6.1° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:53 को निकलेगा, भरणी में।
रवि 6 सितंबर को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 146.2° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 140.1° + 6.1° = 146.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 07:05 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
रवि 6 सितंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 226° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:22 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 222° हुई; बालव 10:37 तक है।
रवि 6 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:14 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 6 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 18 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 17 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
रवि 6 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
रवि 6 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 06:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 160° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 6 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:47
चंद्रमा यहाँ 21:47 पर उदय होता है।
रवि 6 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:47 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:47 पर उदय होगा।