Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 16 मई 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
16 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 मई
- 04:49–05:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:31 से
- 08:01–09:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:46–12:31अभिजीत मुहूर्त
- 13:33–14:58लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:58–16:22अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:47 के बाद
- 17:47–19:22लाभ चौघड़िया
-
20:30–22:18अमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- 20:58–22:33शुभ चौघड़िया
- 22:33–00:09 रविअमृत चौघड़िया
- 04:55–06:31 रविलाभ चौघड़िया
- 04:49–05:40 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:31–07:55कालअशुभ
- 07:55–09:20शुभ
- 09:20–10:44रोगअशुभ
- 10:44–12:09उद्वेगअशुभ
- 12:09–13:33चरसामान्य
- 13:33–14:58लाभयमगण्ड में
- 14:58–16:22अमृतशुभ
- 16:22–17:47कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:47–19:22लाभशुभ
- 19:22–20:58उद्वेगअशुभ
- 20:58–22:33शुभ
- 22:33–00:09 रविअमृतशुभ
- 00:09–01:44 रविचरसामान्य
- 01:44–03:20 रविरोगअशुभ
- 03:20–04:55 रविकालअशुभ
- 04:55–06:31 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:40, शुभ
- काल, अशुभ, 06:31–07:55
- शुभ, 07:55–09:20
- रोग, अशुभ, 09:20–10:44
- उद्वेग, अशुभ, 10:44–12:09
- चर, सामान्य, 12:09–13:33
- लाभ, शुभ, 13:33–14:58
- अमृत, शुभ, 14:58–16:22
- काल, अशुभ, 16:22–17:47
- लाभ, शुभ, 17:47–19:22
- उद्वेग, अशुभ, 19:22–20:58
- शुभ, 20:58–22:33
- अमृत, शुभ, 22:33–00:09 रवि
- चर, सामान्य, 00:09–01:44 रवि
- रोग, अशुभ, 01:44–03:20 रवि
- काल, अशुभ, 03:20–04:55 रवि
- लाभ, शुभ, 04:55–06:31 रवि
- गुलिक काल, 06:31–07:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:31–07:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:16–08:01, अशुभ
- राहु काल, 09:20–10:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:31, शुभ
- यमगण्ड, 13:33–14:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:40 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 16 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 290.1° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:31। नवमी उससे पहले 01:53 पर समाप्त हुई। दशमी 04:12 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 7 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में नवमी क्यों है?
नई दिल्ली में नवमी है, Ipameri में दशमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:29, नवमी की समाप्ति 10:23 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:31, नवमी की समाप्ति 01:53 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।
शनि 16 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:49–05:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:49–05:40।
शुक्र 15 मई की रात सूर्यास्त 17:47 शुक्र से सूर्योदय 06:31 तक थी, 12 घं 44 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 16 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:31।
शनि 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:31–07:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:31–07:16 और 07:16–08:01।
शनि 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:16–08:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:31–07:16 और 07:16–08:01।
यहाँ दिन, 06:31 से 17:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:31–07:16 और 07:16–08:01।
शनि 16 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:31–07:55 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:31 से 17:47, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:47 से 06:31 रवि, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 16 मई को राहुकाल कब है? 09:20–10:44
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:20–10:44।
शनि 16 मई को यमगंड कब है? 13:33–14:58
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:33–14:58।
शनि 16 मई को गुलिक काल कब है? 06:31–07:55
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:31–07:55।
यहाँ दिन 06:31 से 17:47 तक है, 11 घं 16 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 16 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 16 मि का दिन।
शनि 16 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 16 मई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 322° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:28 रवि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
शनि 16 मई को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 353.8° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 31.8° + 322° = 353.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 18:05 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
शनि 16 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 290.1° थी: दशमी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 15:01 तक है, जब बढ़त 294° होगी; विष्टि 04:12 रवि तक।
शनि 16 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:31, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:31 से 06:31 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 22 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 22 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
शनि 16 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 06:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 51.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 16 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:16 रवि
चंद्रमा यहाँ 02:16 रवि पर उदय होता है।
शनि 16 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:15
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:15 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:16 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:15 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:16 रवि पर उदय होगा।