Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 30 दिसंबर 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
30 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 30 दिसंबर
- 05:13–05:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:39 से
- 09:57–11:36लाभ चौघड़िया
- 11:36–13:15अमृत चौघड़िया
- 12:48–13:15अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:54–16:32शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:50 के बाद
- 19:50–21:11शुभ चौघड़िया
- 21:11–22:33अमृत चौघड़िया
- 02:36–03:58 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:19–06:40 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:13–05:57 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:39–08:18उद्वेगअशुभ
- 08:18–09:57चरसामान्य
- 09:57–11:36लाभशुभ
- 11:36–13:15अमृतशुभ
- 13:15–14:54कालअशुभ
- 14:54–16:32शुभ
- 16:32–18:11रोगअशुभ
- 18:11–19:50उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:50–21:11शुभ
- 21:11–22:33अमृतशुभ
- 22:33–23:54चरसामान्य
- 23:54–01:15 सोमरोगअशुभ
- 01:15–02:36 सोमकालअशुभ
- 02:36–03:58 सोमलाभशुभ
- 03:58–05:19 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:19–06:40 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 30 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–05:56, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:39–08:18
- चर, सामान्य, 08:18–09:57
- लाभ, शुभ, 09:57–11:36
- अमृत, शुभ, 11:36–13:15
- काल, अशुभ, 13:15–14:54
- शुभ, 14:54–16:32
- रोग, अशुभ, 16:32–18:11
- उद्वेग, अशुभ, 18:11–19:50
- शुभ, 19:50–21:11
- अमृत, शुभ, 21:11–22:33
- चर, सामान्य, 22:33–23:54
- रोग, अशुभ, 23:54–01:15 सोम
- काल, अशुभ, 01:15–02:36 सोम
- लाभ, शुभ, 02:36–03:58 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:58–05:19 सोम
- शुभ, 05:19–06:40 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:48–13:41, शुभ
- यमगण्ड, 13:15–14:54, अशुभ
- गुलिक काल, 16:32–18:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:05–18:57, अशुभ
- राहु काल, 18:11–19:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–05:57 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 30 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 282.1° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। अष्टमी उससे पहले 18:56 शनि पर समाप्त हुई। नवमी 18:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 22 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 30 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:13–05:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:13–05:56।
शनि 29 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:50 शनि से सूर्योदय 06:39 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 30 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:48–13:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:48–13:41।
रवि 30 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 18:05–18:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:05–18:57।
यहाँ दिन, 06:39 से 19:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:05–18:57।
रवि 30 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:39–08:18 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:39 से 19:50, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:50 से 06:40 सोम, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 30 दिसंबर को राहुकाल कब है? 18:11–19:50
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:11–19:50।
रवि 30 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:15–14:54
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:15–14:54।
रवि 30 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 16:32–18:11
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:32–18:11।
यहाँ दिन 06:39 से 19:50 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 30 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 19:50, 13 घं 11 मि का दिन।
रवि 30 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 19:50, 13 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 176.6° पर था: चित्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 173°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:48 सोम को निकलेगा, स्वाती में।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 431.1° थे, एक चक्कर और 71.1°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 254.5° + 176.6° = 431.1°, एक पूरा चक्कर और 71.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 21:36 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 282.1° थी: नवमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 06:27 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 282° हुई; गर 18:05 तक है।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:40 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 7 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
रवि 30 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 10:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 281.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 30 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:31 सोम
चंद्रमा यहाँ 02:31 सोम पर उदय होता है।
रवि 30 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:22
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:22 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:31 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:22 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:31 सोम पर उदय होगा।