tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 6 नवंबर 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 14:57 तक

फिर अमावस्या · 14:02 बुध तक

त्योहार

दीवाली · लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
20:00⁠–⁠21:35
प्रदोष काल 19:21⁠–⁠21:35

दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। मंगल 6 नवंबर क्यों?

दीवाली: Ipameri में हर तारीख़

त्योहार

नरक चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान मुहूर्त
04:55⁠–⁠06:31
अरुणोदय 04:55⁠–⁠06:31

नरक चतुर्दशी मंगल 6 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 6 नवंबर क्यों?

नरक चतुर्दशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:02 06:31 19:21अगला सूर्योदय 06:31 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:31–08:07रोगअशुभ
  • 08:07–09:44उद्वेगअशुभ
  • 09:44–11:20चरसामान्य
  • 11:20–12:56लाभशुभ
  • 12:56–14:32अमृतगुलिक काल में
  • 14:32–16:08कालअशुभ
  • 16:08–17:45शुभराहु काल में
  • 17:45–19:21रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:21–20:45कालअशुभ
  • 20:45–22:08लाभशुभ
  • 22:08–23:32उद्वेगअशुभ
  • 23:32–00:56 बुधशुभ
  • 00:56–02:20 बुधअमृतशुभ
  • 02:20–03:43 बुधचरसामान्य
  • 03:43–05:07 बुधरोगअशुभ
  • 05:07–06:31 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 6 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:47, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:31–08:07
  • उद्वेग, अशुभ, 08:07–09:44
  • चर, सामान्य, 09:44–11:20
  • लाभ, शुभ, 11:20–12:56
  • अमृत, शुभ, 12:56–14:32
  • काल, अशुभ, 14:32–16:08
  • शुभ, 16:08–17:45
  • रोग, अशुभ, 17:45–19:21
  • काल, अशुभ, 19:21–20:45
  • लाभ, शुभ, 20:45–22:08
  • उद्वेग, अशुभ, 22:08–23:32
  • शुभ, 23:32–00:56 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:56–02:20 बुध
  • चर, सामान्य, 02:20–03:43 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:43–05:07 बुध
  • काल, अशुभ, 05:07–06:31 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:05–09:56, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:44–11:20, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:30–13:22, शुभ
  • गुलिक काल, 12:56–14:32, अशुभ
  • राहु काल, 16:08–17:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:49–00:34 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:46 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में दीवाली मंगल 6 नवंबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।

अमावस्या 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 6 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:21–21:35
अमावस्या 18:00 20:00 22:00 मंगल 6 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:21–21:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या मंगल 6 नवंबर को 14:57 से बुध 7 नवंबर को 14:02 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (19:21–21:35) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 19:21–21:35। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 20:00 से 21:35 तक उदित रहता है।

दीवाली: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में नरक चतुर्दशी मंगल 6 नवंबर को क्यों है?

नरक चतुर्दशी मंगल 6 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं।

त्रयोदशी 06:32 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 5 नवंबर अरुणोदय 04:56–06:32
त्रयोदशी 06:32 03:00 05:00 07:00 सोम 5 नवंबर अरुणोदय 04:56–06:32
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी सोम 5 नवंबर को 16:17 से मंगल 6 नवंबर को 14:57 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का अरुणोदय (04:55–06:31) उसके भीतर है। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।

नरक चतुर्दशी: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 6 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 343.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 343.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 343.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:31। त्रयोदशी उससे पहले 16:17 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 14:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 24 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 6 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:02–05:47

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:02–05:47।

सूर्यास्त 19:20 सोम सूर्योदय 06:31 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 5 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:20 सोम सूर्योदय 06:31 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 5 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:20 सोम से सूर्योदय 06:31 तक थी, 11 घं 11 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:30–13:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:30–13:22।

मंगल 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:05–09:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:05–09:56, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:49–00:34 बुध।

मंगल 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:49–00:34 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:05–09:56, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:49–00:34 बुध।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:31 से 19:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:05–09:56 और 23:49–00:34 बुध।

मंगल 6 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:31–08:07 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:31 से 19:21, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:21 से 06:31 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 6 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:08–17:45

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:08–17:45।

मंगल 6 नवंबर को यमगंड कब है? 09:44–11:20

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:44–11:20।

मंगल 6 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:56–14:32

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:56–14:32।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:31 से 19:21 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 6 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 19:21, 12 घं 50 मि का दिन।

मंगल 6 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 19:21, 12 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:33
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 183.3° पर था: चित्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 12:24 को निकलेगा, स्वाती में।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 383.1° थे, एक चक्कर और 23.1°: प्रीति।

सूर्य 199.8° + चंद्रमा 183.3° = 383.1° एक चक्कर + 23.1° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 199.8° + चंद्रमा 183.3° = 383.1° एक चक्कर + 23.1° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 199.8° + 183.3° = 383.1°, एक पूरा चक्कर और 23.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 12:24 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 343.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 343.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 343.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 03:34 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 14:57 तक है।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:31, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:31 से 06:31 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 9 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 7 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 6 नवंबर अमावस्या 9 अक्टू॰ पूर्णिमा 24 अक्टू॰ अमावस्या 7 नव॰ पूर्णिमा 23 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 6 नवंबर अमावस्या 9 अक्टू॰ पूर्णिमा 24 अक्टू॰ अमावस्या 7 नव॰ पूर्णिमा 23 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

मंगल 6 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 10:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 6 नवंबर सूर्य 199.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 10:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 6 नवंबर सूर्य 199.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 10:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 227° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 6 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:33

चंद्रमा यहाँ 18:33 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:33
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 06:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 18:33 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।