tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 5 सितंबर 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

दशमी

कृष्ण पक्ष · 06:30 तक

फिर एकादशी · 03:45 गुरु तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

अजा एकादशी

पारण समय
08:59⁠–⁠18:06 गुरु
गुरु 6 सितंबर
व्रत आरंभ
06:16

स्मार्त परंपरा में अजा एकादशी बुध 5 सितंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 6 सितंबर को व्रत रखते हैं। बुध 5 सितंबर क्यों?

अजा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:39 06:16 18:06अगला सूर्योदय 06:15 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:16–07:45लाभशुभ
  • 07:45–09:14अमृतयमगण्ड में
  • 09:14–10:42कालअशुभ
  • 10:42–12:11शुभगुलिक काल में
  • 12:11–13:40रोगअशुभ
  • 13:40–15:09उद्वेगअशुभ
  • 15:09–16:37चरसामान्य
  • 16:37–18:06लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:06–19:37उद्वेगअशुभ
  • 19:37–21:08शुभ
  • 21:08–22:39अमृतशुभ
  • 22:39–00:11 गुरुचरसामान्य
  • 00:11–01:42 गुरुरोगअशुभ
  • 01:42–03:13 गुरुकालअशुभ
  • 03:13–04:44 गुरुलाभशुभ
  • 04:44–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 5 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:28, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:16–07:45
  • अमृत, शुभ, 07:45–09:14
  • काल, अशुभ, 09:14–10:42
  • शुभ, 10:42–12:11
  • रोग, अशुभ, 12:11–13:40
  • उद्वेग, अशुभ, 13:40–15:09
  • चर, सामान्य, 15:09–16:37
  • लाभ, शुभ, 16:37–18:06
  • उद्वेग, अशुभ, 18:06–19:37
  • शुभ, 19:37–21:08
  • अमृत, शुभ, 21:08–22:39
  • चर, सामान्य, 22:39–00:11 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:11–01:42 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:42–03:13 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:13–04:44 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:44–06:15 गुरु
  • यमगण्ड, 07:45–09:14, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:42–12:11, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:47–12:35, अशुभ
  • राहु काल, 12:11–13:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:27 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में अजा एकादशी बुध 5 सितंबर को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में अजा एकादशी बुध 5 सितंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 6 सितंबर को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 06:16 06:30 03:00 04:00 05:00 08:00 बुध 5 सितंबर स्मार्त अरुणोदय 04:40–06:16
दशमी एकादशी 06:16 06:30 03:00 05:00 बुध 5 सितंबर स्मार्त अरुणोदय 04:40–06:16
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 5 सितंबर को 06:30 पर, उस सूर्योदय (06:16) के बाद, लगती है और गुरु 6 सितंबर को 03:45 पर, अगले सूर्योदय (06:15 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 5 सितंबर।

अजा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 5 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.9° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:16। नवमी उससे पहले 08:53 मंगल पर समाप्त हुई। दशमी 06:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 26 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 5 सितंबर सुबह गुरु 6 सितंबर सुबह Ipameri UTC−3 06:30 03:45 06:16 दशमी 06:15 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 5 सितंबर सुबह गुरु 6 सितंबर सुबह Ipameri UTC−3 06:30 03:45 06:16 दशमी 06:15 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:30 को शुरू हुई और 03:45 गुरु को समाप्त, 06:16 और 06:15 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को दशमी है और गुरुवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 5 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:28।

सूर्यास्त 18:06 मंगल सूर्योदय 06:16 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 4 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:06 मंगल सूर्योदय 06:16 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 4 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 4 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:06 मंगल से सूर्योदय 06:16 तक थी, 12 घं 10 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 5 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:47–12:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:47–12:35।

सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:16 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:47–12:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 5 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:16–07:45 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:16 से 18:06, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:06 से 06:15 गुरु, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 5 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:11–13:40

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:11–13:40।

बुध 5 सितंबर को यमगंड कब है? 07:45–09:14

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:45–09:14।

बुध 5 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:42–12:11

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:42–12:11।

सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:16 से 18:06 तक है, 11 घं 50 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 5 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:16

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:06, 11 घं 50 मि का दिन।

बुध 5 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:06, 11 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:59 चंद्रोदय 03:28 गुरु
सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:59 चंद्रोदय 03:28 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 5 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 78.5° पर था: आर्द्रा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 78.5° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 78.5° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 76°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:44 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

बुध 5 सितंबर को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 217.2° थे: व्यतीपात।

सूर्य 138.7° + चंद्रमा 78.5° = 217.2° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 138.7° + चंद्रमा 78.5° = 217.2° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 138.7° + 78.5° = 217.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 21:00 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

बुध 5 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 299.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:45 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 06:30 तक है।

बुध 5 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:16, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:16 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 5 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 11 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 9 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

बुध 5 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल बुध 5 सितंबर अमावस्या 11 अग॰ पूर्णिमा 26 अग॰ अमावस्या 9 सित॰ पूर्णिमा 24 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल बुध 5 सितंबर अमावस्या 11 अग॰ पूर्णिमा 26 अग॰ अमावस्या 9 सित॰ पूर्णिमा 24 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

बुध 5 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 10:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 5 सितंबर सूर्य 138.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 10:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 5 सितंबर सूर्य 138.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 10:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 165.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 5 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:28 गुरु

चंद्रमा यहाँ 03:28 गुरु पर उदय होता है।

बुध 5 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:59

सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:59 चंद्रोदय 03:28 गुरु
सूर्योदय 06:16 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:59 चंद्रोदय 03:28 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:28 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:28 गुरु पर उदय होगा।