Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 18 मार्च 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना रवि 18 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। रवि 18 मार्च क्यों?
चैत्र नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़त्योहार
नव संवत्सर
नव संवत्सर रवि 18 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2075 आरंभ होता है। रवि 18 मार्च क्यों?
नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़18 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 18 मार्च
- 04:41–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:16 से
-
06:46–08:24अमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 09:18–10:49लाभ चौघड़िया
- 10:49–12:20अमृत चौघड़िया
- 11:56–12:20अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:51–15:22शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:25 के बाद
- 18:25–19:54शुभ चौघड़िया
- 19:54–21:22अमृत चौघड़िया
- 01:49–03:18 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:47–06:16 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:41–05:29 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:16–07:47उद्वेगअशुभ
- 07:47–09:18चरसामान्य
- 09:18–10:49लाभशुभ
- 10:49–12:20अमृतशुभ
- 12:20–13:51कालअशुभ
- 13:51–15:22शुभ
- 15:22–16:54रोगअशुभ
- 16:54–18:25उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:25–19:54शुभ
- 19:54–21:22अमृतशुभ
- 21:22–22:51चरसामान्य
- 22:51–00:20 सोमरोगअशुभ
- 00:20–01:49 सोमकालअशुभ
- 01:49–03:18 सोमलाभशुभ
- 03:18–04:47 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:47–06:16 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 18 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:16–07:47
- चर, सामान्य, 07:47–09:18
- लाभ, शुभ, 09:18–10:49
- अमृत, शुभ, 10:49–12:20
- काल, अशुभ, 12:20–13:51
- शुभ, 13:51–15:22
- रोग, अशुभ, 15:22–16:54
- उद्वेग, अशुभ, 16:54–18:25
- शुभ, 18:25–19:54
- अमृत, शुभ, 19:54–21:22
- चर, सामान्य, 21:22–22:51
- रोग, अशुभ, 22:51–00:20 सोम
- काल, अशुभ, 00:20–01:49 सोम
- लाभ, शुभ, 01:49–03:18 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:18–04:47 सोम
- शुभ, 04:47–06:16 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:44, शुभ
- यमगण्ड, 12:20–13:51, अशुभ
- गुलिक काल, 15:22–16:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:47–17:36, अशुभ
- राहु काल, 16:54–18:25, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:29 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में चैत्र नवरात्रि रवि 18 मार्च को क्यों है?
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना रवि 18 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शनि 17 मार्च को 10:11 से रवि 18 मार्च को 10:01 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रातःकाल (06:16–08:42) उसके भीतर है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में नव संवत्सर रवि 18 मार्च को क्यों है?
नव संवत्सर रवि 18 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2075 आरंभ होता है।
विक्रम संवत् 2075 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: रवि 18 मार्च, 06:16 पर। प्रतिपदा 10:01 तक है।
रवि 18 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 10.1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:16। अमावस्या उससे पहले 10:11 शनि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 10:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 17 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 18 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:28।
शनि 17 मार्च की रात सूर्यास्त 18:25 शनि से सूर्योदय 06:16 तक थी, 11 घं 51 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 18 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:44
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:44।
रवि 18 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 16:47–17:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:47–17:36।
यहाँ दिन, 06:16 से 18:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:47–17:36।
रवि 18 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:16–07:47 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:16 से 18:25, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:25 से 06:16 सोम, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 18 मार्च को राहुकाल कब है? 16:54–18:25
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:54–18:25।
रवि 18 मार्च को यमगंड कब है? 12:20–13:51
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:20–13:51।
रवि 18 मार्च को गुलिक काल कब है? 15:22–16:54
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:22–16:54।
यहाँ दिन 06:16 से 18:25 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 18 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 9 मि का दिन।
रवि 18 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 18 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 343.7° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:39 को निकलेगा, रेवती में।
रवि 18 मार्च को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 677.3° थे, एक चक्कर और 317.3°: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 333.6° + 343.7° = 677.3°, एक पूरा चक्कर और 317.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 10:48 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
रवि 18 मार्च को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 10.1° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 22:10 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 10:01 तक है।
रवि 18 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:16, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:16 से 06:16 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 18 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 17 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 15 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
रवि 18 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
रवि 18 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 10:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 0.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 18 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:05
चंद्रमा यहाँ 07:05 पर उदय होता है।
रवि 18 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:26
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:26 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:05 पर उदय हुआ; वह फिर 19:26 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।