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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 6 फ़रवरी 2017

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 08:39 तक

फिर एकादशी · 06:17 मंगल तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

जया एकादशी

पारण समय
11:43⁠–⁠19:50 मंगल
मंगल 7 फ़रवरी
व्रत आरंभ
07:02

स्मार्त परंपरा में जया एकादशी सोम 6 फ़रवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव मंगल 7 फ़रवरी को व्रत रखते हैं। सोम 6 फ़रवरी क्यों?

जया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:33 07:02 19:50अगला सूर्योदय 07:03 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:02–08:38अमृतशुभ
  • 08:38–10:14कालअशुभ
  • 10:14–11:50शुभ
  • 11:50–13:26रोगअशुभ
  • 13:26–15:02उद्वेगअशुभ
  • 15:02–16:38चरसामान्य
  • 16:38–18:14लाभशुभ
  • 18:14–19:50अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:50–21:14चरसामान्य
  • 21:14–22:38रोगअशुभ
  • 22:38–00:02 मंगलकालअशुभ
  • 00:02–01:27 मंगललाभशुभ
  • 01:27–02:51 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:51–04:15 मंगलशुभ
  • 04:15–05:39 मंगलअमृतशुभ
  • 05:39–07:03 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 6 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:18, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:02–08:38
  • काल, अशुभ, 08:38–10:14
  • शुभ, 10:14–11:50
  • रोग, अशुभ, 11:50–13:26
  • उद्वेग, अशुभ, 13:26–15:02
  • चर, सामान्य, 15:02–16:38
  • लाभ, शुभ, 16:38–18:14
  • अमृत, शुभ, 18:14–19:50
  • चर, सामान्य, 19:50–21:14
  • रोग, अशुभ, 21:14–22:38
  • काल, अशुभ, 22:38–00:02 मंगल
  • लाभ, शुभ, 00:02–01:27 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 01:27–02:51 मंगल
  • शुभ, 02:51–04:15 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:15–05:39 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:39–07:03 मंगल
  • राहु काल, 08:38–10:14, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:50–13:26, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:01–13:52, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:52–14:43, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:02–16:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:25–17:17, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:18 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में जया एकादशी सोम 6 फ़रवरी को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में जया एकादशी सोम 6 फ़रवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव मंगल 7 फ़रवरी को व्रत रखते हैं।

दशमी 07:02 08:39 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 6 फ़रवरी स्मार्त अरुणोदय 05:26–07:02 एकादशी 08:39 से
दशमी 07:02 08:39 04:00 06:00 सोम 6 फ़रवरी स्मार्त अरुणोदय 05:26–07:02 एकादशी 08:39 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह सोम 6 फ़रवरी को 08:39 पर, उस सूर्योदय (07:02) के बाद, लगती है और मंगल 7 फ़रवरी को 06:17 पर, अगले सूर्योदय (07:03 मंगल) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 6 फ़रवरी।

जया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सोम 6 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.1° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:02। नवमी उससे पहले 11:00 रवि पर समाप्त हुई। दशमी 08:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 27 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 6 फ़रवरी सुबह मंगल 7 फ़रवरी सुबह Ipameri UTC−2 08:39 06:17 07:02 दशमी 07:03 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 6 फ़रवरी सुबह मंगल 7 फ़रवरी सुबह Ipameri UTC−2 08:39 06:17 07:02 दशमी 07:03 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 08:39 को शुरू हुई और 06:17 मंगल को समाप्त, 07:02 और 07:03 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को दशमी है और मंगलवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 6 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:18

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:18।

सूर्यास्त 19:51 रवि सूर्योदय 07:02 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 5 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:51 रवि सूर्योदय 07:02 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 5 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 5 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 19:51 रवि से सूर्योदय 07:02 तक थी, 11 घं 11 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 6 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:01–13:52

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:01–13:52।

सोम 6 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 13:52–14:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:52–14:43 और 16:25–17:17।

सोम 6 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:25–17:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:52–14:43 और 16:25–17:17।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:02 से 19:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:52–14:43 और 16:25–17:17।

सोम 6 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:02–08:38 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:02 से 19:50, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:50 से 07:03 मंगल, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 6 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 08:38–10:14

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:38–10:14।

सोम 6 फ़रवरी को यमगंड कब है? 11:50–13:26

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:50–13:26।

सोम 6 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 15:02–16:38

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:02–16:38।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:02 से 19:50 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 6 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 19:50, 12 घं 48 मि का दिन।

सोम 6 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 19:50, 12 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:33 मंगल चंद्रोदय 15:56
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:33 मंगल चंद्रोदय 15:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 52.8° पर था: रोहिणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 52.8° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 52.8° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:58 को निकलेगा, मृगशिरा में।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 346.5° थे: इन्द्र।

सूर्य 293.7° + चंद्रमा 52.8° = 346.5° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 293.7° + चंद्रमा 52.8° = 346.5° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 293.7° + 52.8° = 346.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 07:23 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.1° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 21:50 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 08:39 तक है।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:02, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:02 से 07:03 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 27 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 26 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल सोम 6 फ़रवरी पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 27 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 26 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल सोम 6 फ़रवरी पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 27 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 26 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

सोम 6 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 08:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 6 फ़रवरी सूर्य 293.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 08:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 6 फ़रवरी सूर्य 293.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 08:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 299.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 6 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:56

चंद्रमा यहाँ 15:56 पर उदय होता है।

सोम 6 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:33 मंगल

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:33 मंगल चंद्रोदय 15:56
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:33 मंगल चंद्रोदय 15:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:56 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:33 मंगल पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:56 पर उदय हुआ; वह फिर 03:33 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।