tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 26 दिसंबर 2016

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 01:00 मंगल तक

फिर चतुर्दशी · 03:06 बुध तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:49⁠–⁠21:59
प्रदोष काल 19:49⁠–⁠21:59

प्रदोष व्रत सोम 26 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 26 दिसंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:11 06:38 19:49अगला सूर्योदय 06:38 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:38–08:16अमृतशुभ
  • 08:16–09:55कालअशुभ
  • 09:55–11:34शुभ
  • 11:34–13:13रोगअशुभ
  • 13:13–14:52उद्वेगअशुभ
  • 14:52–16:31चरसामान्य
  • 16:31–18:10लाभशुभ
  • 18:10–19:49अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:49–21:10चरसामान्य
  • 21:10–22:31रोगअशुभ
  • 22:31–23:52कालअशुभ
  • 23:52–01:13 मंगललाभशुभ
  • 01:13–02:35 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:35–03:56 मंगलशुभ
  • 03:56–05:17 मंगलअमृतशुभ
  • 05:17–06:38 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 26 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–05:54, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:38–08:16
  • काल, अशुभ, 08:16–09:55
  • शुभ, 09:55–11:34
  • रोग, अशुभ, 11:34–13:13
  • उद्वेग, अशुभ, 13:13–14:52
  • चर, सामान्य, 14:52–16:31
  • लाभ, शुभ, 16:31–18:10
  • अमृत, शुभ, 18:10–19:49
  • चर, सामान्य, 19:49–21:10
  • रोग, अशुभ, 21:10–22:31
  • काल, अशुभ, 22:31–23:52
  • लाभ, शुभ, 23:52–01:13 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 01:13–02:35 मंगल
  • शुभ, 02:35–03:56 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:56–05:17 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:17–06:38 मंगल
  • राहु काल, 08:16–09:55, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:34–13:13, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:47–13:40, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:40–14:32, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:52–16:31, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:18–17:11, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–05:55 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में प्रदोष व्रत सोम 26 दिसंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत सोम 26 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 22:37 18:00 19:00 20:00 21:00 रवि 25 दिसंबर प्रदोष काल 19:48–21:58 त्रयोदशी 22:37 से
द्वादशी 22:37 18:00 20:00 रवि 25 दिसंबर प्रदोष काल 19:48–21:58 त्रयोदशी 22:37 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 25 दिसंबर को 22:37 से मंगल 27 दिसंबर को 01:00 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:49–21:59) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

सोम 26 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 327.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 327.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। द्वादशी उससे पहले 22:37 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 01:00 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 13 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 26 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–05:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–05:54।

सूर्यास्त 19:48 रवि सूर्योदय 06:38 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 25 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:48 रवि सूर्योदय 06:38 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 25 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 25 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:48 रवि से सूर्योदय 06:38 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 26 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:47–13:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:47–13:40।

सोम 26 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:40–14:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:40–14:32 और 16:18–17:11।

सोम 26 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:18–17:11

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:40–14:32 और 16:18–17:11।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:38 से 19:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:40–14:32 और 16:18–17:11।

सोम 26 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:38–08:16 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:38 से 19:49, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:49 से 06:38 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 26 दिसंबर को राहुकाल कब है? 08:16–09:55

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:16–09:55।

सोम 26 दिसंबर को यमगंड कब है? 11:34–13:13

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:34–13:13।

सोम 26 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 14:52–16:31

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:52–16:31।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:38 से 19:49 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 26 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 19:49, 13 घं 11 मि का दिन।

सोम 26 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 19:49, 13 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 05:18 मंगल
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 05:18 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 218.5° पर था: अनुराधा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 218.5° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 218.5° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:56 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 469.4° थे, एक चक्कर और 109.4°: शूल।

सूर्य 250.9° + चंद्रमा 218.5° = 469.4° एक चक्कर + 109.4° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 250.9° + चंद्रमा 218.5° = 469.4° एक चक्कर + 109.4° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 250.9° + 218.5° = 469.4°, एक पूरा चक्कर और 109.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 02:08 मंगल को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 327.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 327.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 327.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 11:50 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 01:00 मंगल तक।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:38 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 29 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 29 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 26 दिसंबर अमावस्या 29 नव॰ पूर्णिमा 13 दिस॰ अमावस्या 29 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 26 दिसंबर अमावस्या 29 नव॰ पूर्णिमा 13 दिस॰ अमावस्या 29 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

सोम 26 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 08:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 26 दिसंबर सूर्य 250.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 08:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 26 दिसंबर सूर्य 250.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 08:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 256.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 26 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:18 मंगल

चंद्रमा यहाँ 05:18 मंगल पर उदय होता है।

सोम 26 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:40

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 05:18 मंगल
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:38 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 05:18 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:18 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:18 मंगल पर उदय होगा।