tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 15 सितंबर 2016

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 18:45 तक

फिर पूर्णिमा · 16:05 शुक्र तक

त्योहार

अनंत चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी गुरु 15 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर चतुर्दशी है। गुरु 15 सितंबर क्यों?

अनंत चतुर्दशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:31 06:07 18:07अगला सूर्योदय 06:07 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:07–07:37शुभयमगण्ड में
  • 07:37–09:07रोगअशुभ
  • 09:07–10:37उद्वेगअशुभ
  • 10:37–12:07चरसामान्य
  • 12:07–13:37लाभशुभ
  • 13:37–15:07अमृतराहु काल में
  • 15:07–16:37कालअशुभ
  • 16:37–18:07शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:07–19:37अमृतशुभ
  • 19:37–21:07चरसामान्य
  • 21:07–22:37रोगअशुभ
  • 22:37–00:07 शुक्रकालअशुभ
  • 00:07–01:37 शुक्रलाभशुभ
  • 01:37–03:07 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:07–04:37 शुक्रशुभ
  • 04:37–06:07 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 15 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:19, शुभ
  • शुभ, 06:07–07:37
  • रोग, अशुभ, 07:37–09:07
  • उद्वेग, अशुभ, 09:07–10:37
  • चर, सामान्य, 10:37–12:07
  • लाभ, शुभ, 12:07–13:37
  • अमृत, शुभ, 13:37–15:07
  • काल, अशुभ, 15:07–16:37
  • शुभ, 16:37–18:07
  • अमृत, शुभ, 18:07–19:37
  • चर, सामान्य, 19:37–21:07
  • रोग, अशुभ, 21:07–22:37
  • काल, अशुभ, 22:37–00:07 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:07–01:37 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:37–03:07 शुक्र
  • शुभ, 03:07–04:37 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:37–06:07 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:07–07:37, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:07–10:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:07–10:55, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:43–12:31, शुभ
  • राहु काल, 13:37–15:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:55–15:43, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:19 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में अनंत चतुर्दशी गुरु 15 सितंबर को क्यों है?

अनंत चतुर्दशी गुरु 15 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर चतुर्दशी है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 15 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:07
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 15 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:07
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अनंत चतुर्दशी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। चतुर्दशी बुध 14 सितंबर को 20:57 से गुरु 15 सितंबर को 18:45 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 15 सितंबर के सूर्योदय (06:07) पर है। अनंत चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अनंत चतुर्दशी: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 15 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 161° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 161.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 161.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:07। त्रयोदशी उससे पहले 20:57 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 18:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 1 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 15 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:19।

सूर्यास्त 18:07 बुध सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 14 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:07 बुध सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 14 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 14 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:07 बुध से सूर्योदय 06:07 तक थी, 12 घं 0 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 15 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:43–12:31

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:43–12:31।

गुरु 15 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:07–10:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:07–10:55 और 14:55–15:43।

गुरु 15 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:55–15:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:07–10:55 और 14:55–15:43।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:07 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:07–10:55 और 14:55–15:43।

गुरु 15 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:07–07:37 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:07 से 18:07, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:07 से 06:07 शुक्र, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 15 सितंबर को राहुकाल कब है? 13:37–15:07

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:37–15:07।

गुरु 15 सितंबर को यमगंड कब है? 06:07–07:37

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:07–07:37।

गुरु 15 सितंबर को गुलिक काल कब है? 09:07–10:37

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:07–10:37।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:07 से 18:07 तक है, 12 घं 0 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 15 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 0 मि का दिन।

गुरु 15 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शुक्र चंद्रोदय 17:10
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शुक्र चंद्रोदय 17:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 309.9° पर था: शतभिषा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 309.9° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 309.9° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 306°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:08 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 458.8° थे, एक चक्कर और 98.8°: धृति।

सूर्य 148.9° + चंद्रमा 309.9° = 458.8° एक चक्कर + 98.8° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 148.9° + चंद्रमा 309.9° = 458.8° एक चक्कर + 98.8° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 148.9° + 309.9° = 458.8°, एक पूरा चक्कर और 98.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 18:37 को समाप्त होता है, फिर शूल।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 161° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 161.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 161.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 07:55 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 18:45 तक।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:07, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:07 से 06:07 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 1 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 30 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 15 सितंबर पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 1 सित॰ पूर्णिमा 16 सित॰ अमावस्या 30 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 15 सितंबर पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 1 सित॰ पूर्णिमा 16 सित॰ अमावस्या 30 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

गुरु 15 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 08:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 15 सितंबर सूर्य 148.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 08:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 15 सितंबर सूर्य 148.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 08:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 154.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 15 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:10

चंद्रमा यहाँ 17:10 पर उदय होता है।

गुरु 15 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:52 शुक्र

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शुक्र चंद्रोदय 17:10
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शुक्र चंद्रोदय 17:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:10 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:52 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:10 पर उदय हुआ; वह फिर 05:52 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।