Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 25 मई 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी बुध 25 मई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 25 मई क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़25 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 25 मई
- 04:51–05:42ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:34 से
- 06:34–07:58लाभ चौघड़िया
- 07:58–09:21अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:45–12:09शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:33–14:45अमृत कालराहु काल छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 16:21–17:45लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:45 के बाद
- 19:21–20:57शुभ चौघड़िया
- 20:57–22:33अमृत चौघड़िया
- 03:22–04:58 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:52–05:43 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:34–07:58लाभशुभ
- 07:58–09:21अमृतयमगण्ड में
- 09:21–10:45कालअशुभ
- 10:45–12:09शुभगुलिक काल में
- 12:09–13:33रोगअशुभ
- 13:33–14:57उद्वेगअशुभ
- 14:57–16:21चरसामान्य
- 16:21–17:45लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:45–19:21उद्वेगअशुभ
- 19:21–20:57शुभ
- 20:57–22:33अमृतशुभ
- 22:33–00:09 गुरुचरसामान्य
- 00:09–01:46 गुरुरोगअशुभ
- 01:46–03:22 गुरुकालअशुभ
- 03:22–04:58 गुरुलाभशुभ
- 04:58–06:34 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 25 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:42, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:34–07:58
- अमृत, शुभ, 07:58–09:21
- काल, अशुभ, 09:21–10:45
- शुभ, 10:45–12:09
- रोग, अशुभ, 12:09–13:33
- उद्वेग, अशुभ, 13:33–14:57
- चर, सामान्य, 14:57–16:21
- लाभ, शुभ, 16:21–17:45
- उद्वेग, अशुभ, 17:45–19:21
- शुभ, 19:21–20:57
- अमृत, शुभ, 20:57–22:33
- चर, सामान्य, 22:33–00:09 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:09–01:46 गुरु
- काल, अशुभ, 01:46–03:22 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:22–04:58 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:58–06:34 गुरु
- यमगण्ड, 07:58–09:21, अशुभ
- गुलिक काल, 10:45–12:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:47–12:32, अशुभ
- राहु काल, 12:09–13:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:43 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में संकष्टी चतुर्थी बुध 25 मई को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी बुध 25 मई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 24 मई को 22:15 से बुध 25 मई को 22:50 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 25 मई को है, 21:07 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 25 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 220° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। तृतीया उससे पहले 22:15 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्थी 22:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 21 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Ipameri में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:25, तृतीया की समाप्ति 06:45 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:34, तृतीया की समाप्ति 22:15 मंगल के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
बुध 25 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:51–05:42
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:51–05:42।
मंगल 24 मई की रात सूर्यास्त 17:45 मंगल से सूर्योदय 06:34 तक थी, 12 घं 49 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 25 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:47–12:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:47–12:32।
यहाँ दिन, 06:34 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:47–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 25 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:34–07:58 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:34 से 17:45, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:45 से 06:34 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 25 मई को राहुकाल कब है? 12:09–13:33
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:33।
बुध 25 मई को यमगंड कब है? 07:58–09:21
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:58–09:21।
बुध 25 मई को गुलिक काल कब है? 10:45–12:09
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:45–12:09।
यहाँ दिन 06:34 से 17:45 तक है, 11 घं 11 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 25 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 11 मि का दिन।
बुध 25 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 25 मई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 260.6° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 18:07 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
बुध 25 मई को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 301.1° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 40.5° + 260.6° = 301.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 16:24 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
बुध 25 मई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 220° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 10:35 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 22:50 तक।
बुध 25 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:34 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
बुध 25 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 08:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 46.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 25 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:07
चंद्रमा यहाँ 21:07 पर उदय होता है।
बुध 25 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:30
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:07 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:07 पर उदय होगा।