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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 21 अक्टूबर 2015

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

नवमी

शुक्ल पक्ष · 04:28 गुरु तक

फिर दशमी · 02:21 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

महानवमी

महानवमी बुध 21 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर नवमी है। बुध 21 अक्टूबर क्यों?

महानवमी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:08 06:40 19:14अगला सूर्योदय 06:39 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:40–08:14लाभशुभ
  • 08:14–09:48अमृतयमगण्ड में
  • 09:48–11:23कालअशुभ
  • 11:23–12:57शुभगुलिक काल में
  • 12:57–14:31रोगअशुभ
  • 14:31–16:06उद्वेगअशुभ
  • 16:06–17:40चरसामान्य
  • 17:40–19:14लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:14–20:40उद्वेगअशुभ
  • 20:40–22:06शुभ
  • 22:06–23:31अमृतशुभ
  • 23:31–00:57 गुरुचरसामान्य
  • 00:57–02:22 गुरुरोगअशुभ
  • 02:22–03:48 गुरुकालअशुभ
  • 03:48–05:13 गुरुलाभशुभ
  • 05:13–06:39 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 21 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:54, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:40–08:14
  • अमृत, शुभ, 08:14–09:48
  • काल, अशुभ, 09:48–11:23
  • शुभ, 11:23–12:57
  • रोग, अशुभ, 12:57–14:31
  • उद्वेग, अशुभ, 14:31–16:06
  • चर, सामान्य, 16:06–17:40
  • लाभ, शुभ, 17:40–19:14
  • उद्वेग, अशुभ, 19:14–20:40
  • शुभ, 20:40–22:06
  • अमृत, शुभ, 22:06–23:31
  • चर, सामान्य, 23:31–00:57 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:57–02:22 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:22–03:48 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:48–05:13 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:13–06:39 गुरु
  • यमगण्ड, 08:14–09:48, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:23–12:57, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:32–13:22, अशुभ
  • राहु काल, 12:57–14:31, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:53 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में महानवमी बुध 21 अक्टूबर को क्यों है?

महानवमी बुध 21 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर नवमी है।

अष्टमी नवमी 05:59 04:00 05:00 07:00 08:00 बुध 21 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:40
अष्टमी नवमी 05:59 04:00 05:00 07:00 08:00 बुध 21 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:40
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

महानवमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। नवमी बुध 21 अक्टूबर को 05:59 से गुरु 22 अक्टूबर को 04:28 तक है, इसलिए वह केवल बुध 21 अक्टूबर के सूर्योदय (06:40) पर है। महानवमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

महानवमी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 21 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 96.4° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 96.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 96.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। अष्टमी उससे पहले 05:59 पर समाप्त हुई। नवमी 04:28 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 12 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?

नई दिल्ली में अष्टमी है, Ipameri में नवमी।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी बुध 21 अक्टूबर सुबह गुरु 22 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 13:29 05:59 11:58 04:28 06:25 अष्टमी 06:25 नवमी 06:40 नवमी 06:39 दशमी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी बुध 21 अक्टूबर सुबह गुरु 22 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 13:29 05:59 11:58 04:28 06:25 अष्टमी 06:25 नवमी 06:40 नवमी 06:39 दशमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:25, अष्टमी की समाप्ति 13:29 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है।

Ipameri · UTC−2

यहाँ सूर्योदय, 06:40, अष्टमी की समाप्ति 05:59 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।

बुध 21 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:08–05:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:08–05:54।

सूर्यास्त 19:14 मंगल सूर्योदय 06:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 20 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:14 मंगल सूर्योदय 06:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 20 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 20 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:14 मंगल से सूर्योदय 06:40 तक थी, 11 घं 26 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:32–13:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:32–13:22।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:40 से 19:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:32–13:22: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 21 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:40–08:14 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:40 से 19:14, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:14 से 06:39 गुरु, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 21 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:57–14:31

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:57–14:31।

बुध 21 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:14–09:48

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:14–09:48।

बुध 21 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:23–12:57

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:23–12:57।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:40 से 19:14 तक है, 12 घं 34 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 21 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 19:14, 12 घं 34 मि का दिन।

बुध 21 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 19:14, 12 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 13:32
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 13:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 279.9° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 279.9° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 279.9° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:49 को निकलेगा, श्रवण में।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 463.5° थे, एक चक्कर और 103.5°: धृति।

सूर्य 183.6° + चंद्रमा 279.9° = 463.5° एक चक्कर + 103.5° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 183.6° + चंद्रमा 279.9° = 463.5° एक चक्कर + 103.5° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 183.6° + 279.9° = 463.5°, एक पूरा चक्कर और 103.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 11:54 को समाप्त होता है, फिर शूल।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 96.4° थी: नवमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 96.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 96.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 17:18 तक है, जब बढ़त 102° होगी; कौलव 04:28 गुरु तक।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:39 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 12 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 11 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 21 अक्टूबर पूर्णिमा 27 सित॰ अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰ अमावस्या 11 नव॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 21 अक्टूबर पूर्णिमा 27 सित॰ अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰ अमावस्या 11 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

बुध 21 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 06:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 21 अक्टूबर सूर्य 183.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 06:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 21 अक्टूबर सूर्य 183.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 06:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 208.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 21 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:32

चंद्रमा यहाँ 13:32 पर उदय होता है।

बुध 21 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:34 गुरु

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 13:32
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 19:14 सूर्योदय 06:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 13:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:34 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:32 पर उदय हुआ; वह फिर 02:34 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।