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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 1 जुलाई 2015

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 23:19 तक

फिर प्रतिपदा · 21:12 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा बुध 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 1 जुलाई क्यों?

पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:00 06:44 17:49अगला सूर्योदय 06:44 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:44–08:07लाभशुभ
  • 08:07–09:30अमृतयमगण्ड में
  • 09:30–10:53कालअशुभ
  • 10:53–12:16शुभगुलिक काल में
  • 12:16–13:39रोगअशुभ
  • 13:39–15:02उद्वेगअशुभ
  • 15:02–16:26चरसामान्य
  • 16:26–17:49लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:49–19:26उद्वेगअशुभ
  • 19:26–21:02शुभ
  • 21:02–22:39अमृतशुभ
  • 22:39–00:16 गुरुचरसामान्य
  • 00:16–01:53 गुरुरोगअशुभ
  • 01:53–03:30 गुरुकालअशुभ
  • 03:30–05:07 गुरुलाभशुभ
  • 05:07–06:44 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:52, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:44–08:07
  • अमृत, शुभ, 08:07–09:30
  • काल, अशुभ, 09:30–10:53
  • शुभ, 10:53–12:16
  • रोग, अशुभ, 12:16–13:39
  • उद्वेग, अशुभ, 13:39–15:02
  • चर, सामान्य, 15:02–16:26
  • लाभ, शुभ, 16:26–17:49
  • उद्वेग, अशुभ, 17:49–19:26
  • शुभ, 19:26–21:02
  • अमृत, शुभ, 21:02–22:39
  • चर, सामान्य, 22:39–00:16 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:16–01:53 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:53–03:30 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:30–05:07 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:07–06:44 गुरु
  • यमगण्ड, 08:07–09:30, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:53–12:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:54–12:38, अशुभ
  • राहु काल, 12:16–13:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:52 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में पूर्णिमा बुध 1 जुलाई को क्यों है?

पूर्णिमा बुध 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:44
पूर्णिमा 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:44
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 1 जुलाई को 01:00 से बुध 1 जुलाई को 23:19 तक है, इसलिए वह केवल बुध 1 जुलाई के सूर्योदय (06:44) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़

बुध 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 171.1° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 171.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 171.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। चतुर्दशी उससे पहले 01:00 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 23:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में पूर्णिमा।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 1 जुलाई सुबह गुरु 2 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:30 01:00 07:49 23:19 05:26 चतुर्दशी 05:27 पूर्णिमा 06:44 पूर्णिमा 06:44 प्रतिपदा
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 1 जुलाई सुबह गुरु 2 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:30 01:00 07:49 23:19 05:26 चतुर्दशी 05:27 पूर्णिमा 06:44 पूर्णिमा 06:44 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:26, चतुर्दशी की समाप्ति 09:30 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:44, चतुर्दशी की समाप्ति 01:00 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।

बुध 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:00–05:52

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:00–05:52।

सूर्यास्त 17:48 मंगल सूर्योदय 06:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:48 मंगल सूर्योदय 06:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 30 जून की रात सूर्यास्त 17:48 मंगल से सूर्योदय 06:44 तक थी, 12 घं 56 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:54–12:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:54–12:38।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:54–12:38: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:44–08:07 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 17:49, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:49 से 06:44 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:16–13:39

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:16–13:39।

बुध 1 जुलाई को यमगंड कब है? 08:07–09:30

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:07–09:30।

बुध 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:53–12:16

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:16।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:44 से 17:49 तक है, 11 घं 5 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 5 मि का दिन।

बुध 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 5 मि का दिन।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:38
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:38
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 246.2° पर था: मूल, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 246.2° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 246.2° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:00 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

बुध 1 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 321.4° थे: ब्रह्म।

सूर्य 75.2° + चंद्रमा 246.2° = 321.4° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 75.2° + चंद्रमा 246.2° = 321.4° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75.2° + 246.2° = 321.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 01:57 गुरु को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

बुध 1 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 171.1° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 171.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 171.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 12:13 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 23:19 तक।

बुध 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:44 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 11:05 मंगल से 15 जुलाई 22:24 बुध तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 19:32 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

बुध 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 1 जुलाई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰
अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 1 जुलाई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।

बुध 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 06:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 1 जुलाई सूर्य 75.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 06:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 1 जुलाई सूर्य 75.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 06:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 99.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:38

चंद्रमा यहाँ 17:38 पर उदय होता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:38
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:38
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 17:38 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।