Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 4 जनवरी 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 4 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 4 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़4 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 4 जनवरी
- 05:16–05:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:42 से
- 10:00–11:38लाभ चौघड़िया
- 11:38–13:17अमृत चौघड़िया
- 12:51–13:17अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:56–16:34शुभ चौघड़िया
-
15:24–16:34अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · आर्द्रा में
- सूर्यास्त 19:52 के बाद
- 19:52–21:13शुभ चौघड़िया
- 21:13–22:35अमृत चौघड़िया
- 02:39–04:00 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:22–06:43 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:16–06:00 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:42–08:21उद्वेगअशुभ
- 08:21–10:00चरसामान्य
- 10:00–11:38लाभशुभ
- 11:38–13:17अमृतशुभ
- 13:17–14:56कालअशुभ
- 14:56–16:34शुभ
- 16:34–18:13रोगअशुभ
- 18:13–19:52उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:52–21:13शुभ
- 21:13–22:35अमृतशुभ
- 22:35–23:56चरसामान्य
- 23:56–01:17 सोमरोगअशुभ
- 01:17–02:39 सोमकालअशुभ
- 02:39–04:00 सोमलाभशुभ
- 04:00–05:22 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:22–06:43 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 4 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–05:59, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:42–08:21
- चर, सामान्य, 08:21–10:00
- लाभ, शुभ, 10:00–11:38
- अमृत, शुभ, 11:38–13:17
- काल, अशुभ, 13:17–14:56
- शुभ, 14:56–16:34
- रोग, अशुभ, 16:34–18:13
- उद्वेग, अशुभ, 18:13–19:52
- शुभ, 19:52–21:13
- अमृत, शुभ, 21:13–22:35
- चर, सामान्य, 22:35–23:56
- रोग, अशुभ, 23:56–01:17 सोम
- काल, अशुभ, 01:17–02:39 सोम
- लाभ, शुभ, 02:39–04:00 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:00–05:22 सोम
- शुभ, 05:22–06:43 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:51–13:43, शुभ
- यमगण्ड, 13:17–14:56, अशुभ
- गुलिक काल, 16:34–18:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:07–18:59, अशुभ
- राहु काल, 18:13–19:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–06:00 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा रवि 4 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 4 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 4 जनवरी को 01:52 से सोम 5 जनवरी को 02:53 तक है, इसलिए वह केवल रवि 4 जनवरी के सूर्योदय (06:42) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 4 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 170.3° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:42। चतुर्दशी उससे पहले 01:52 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 02:53 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 21 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:14, चतुर्दशी की समाप्ति 09:22 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 06:42, चतुर्दशी की समाप्ति 01:52 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
रवि 4 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:16–05:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:16–05:59।
शनि 3 जनवरी की रात सूर्यास्त 19:52 शनि से सूर्योदय 06:42 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 4 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:51–13:43
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:51–13:43।
रवि 4 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 18:07–18:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:07–18:59।
यहाँ दिन, 06:42 से 19:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:07–18:59।
रवि 4 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:42–08:21 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:42 से 19:52, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:52 से 06:43 सोम, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 4 जनवरी को राहुकाल कब है? 18:13–19:52
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:13–19:52।
रवि 4 जनवरी को यमगंड कब है? 13:17–14:56
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:17–14:56।
रवि 4 जनवरी को गुलिक काल कब है? 16:34–18:13
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:34–18:13।
यहाँ दिन 06:42 से 19:52 तक है, 13 घं 10 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 4 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 19:52, 13 घं 10 मि का दिन।
रवि 4 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 19:52, 13 घं 10 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 4 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 69.9° पर था: आर्द्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:01 सोम को निकलेगा, पुनर्वसु में।
रवि 4 जनवरी को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 329.5° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 259.6° + 69.9° = 329.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 13:27 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
रवि 4 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 170.3° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 14:19 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 02:53 सोम तक।
रवि 4 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:42, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:42 से 06:43 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 4 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 21 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 20 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
रवि 4 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
रवि 4 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2071 · शक 1936
विक्रम संवत 2071 30 मार्च 2014 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2014, 15:44 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 273.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2071 गिनता है; शक संवत 1936।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 4 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:25
चंद्रमा यहाँ 19:25 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:25 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।