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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 16 अगस्त 2014

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 21:26 तक

फिर अष्टमी · 21:36 रवि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

जन्माष्टमी

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:51⁠–⁠00:41 रवि
निशीथ काल 23:51⁠–⁠00:41 रवि

जन्माष्टमी शनि 16 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं। शनि 16 अगस्त क्यों?

जन्माष्टमी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:51 06:31 18:02अगला सूर्योदय 06:30 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:31–07:57कालअशुभ
  • 07:57–09:24शुभ
  • 09:24–10:50रोगअशुभ
  • 10:50–12:17उद्वेगअशुभ
  • 12:17–13:43चरसामान्य
  • 13:43–15:10लाभयमगण्ड में
  • 15:10–16:36अमृतशुभ
  • 16:36–18:02कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:02–19:36लाभशुभ
  • 19:36–21:09उद्वेगअशुभ
  • 21:09–22:43शुभ
  • 22:43–00:16 रविअमृतशुभ
  • 00:16–01:50 रविचरसामान्य
  • 01:50–03:23 रविरोगअशुभ
  • 03:23–04:57 रविकालअशुभ
  • 04:57–06:30 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 16 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:41, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:31–07:57
  • शुभ, 07:57–09:24
  • रोग, अशुभ, 09:24–10:50
  • उद्वेग, अशुभ, 10:50–12:17
  • चर, सामान्य, 12:17–13:43
  • लाभ, शुभ, 13:43–15:10
  • अमृत, शुभ, 15:10–16:36
  • काल, अशुभ, 16:36–18:02
  • लाभ, शुभ, 18:02–19:36
  • उद्वेग, अशुभ, 19:36–21:09
  • शुभ, 21:09–22:43
  • अमृत, शुभ, 22:43–00:16 रवि
  • चर, सामान्य, 00:16–01:50 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:50–03:23 रवि
  • काल, अशुभ, 03:23–04:57 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:57–06:30 रवि
  • गुलिक काल, 06:31–07:57, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:31–07:17, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:17–08:03, अशुभ
  • राहु काल, 09:24–10:50, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:40, शुभ
  • यमगण्ड, 13:43–15:10, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:40 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में जन्माष्टमी शनि 16 अगस्त को क्यों है?

जन्माष्टमी शनि 16 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।

अष्टमी 21:26 23:00 00:00 01:00 02:00 शनि 16 अगस्त स्मार्त निशीथ काल 23:51–00:41 रवि सप्तमी 21:26 तक
अष्टमी 21:26 23:00 01:00 शनि 16 अगस्त स्मार्त निशीथ काल 23:51–00:41 रवि सप्तमी 21:26 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी शनि 16 अगस्त को 21:26 से रवि 17 अगस्त को 21:36 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (23:51–00:41 रवि) उसके भीतर है।

जन्माष्टमी: Ipameri में हर तारीख़

शनि 16 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 256.4° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 256.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 256.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:31। षष्ठी उससे पहले 22:00 शुक्र पर समाप्त हुई। सप्तमी 21:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 10 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?

नई दिल्ली में षष्ठी है, Ipameri में सप्तमी।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी शनि 16 अगस्त सुबह रवि 17 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 06:30 22:00 05:56 21:26 05:50 षष्ठी 05:51 सप्तमी 06:31 सप्तमी 06:30 अष्टमी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी शनि 16 अगस्त सुबह रवि 17 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 06:30 22:00 05:56 21:26 05:50 षष्ठी 05:51 सप्तमी 06:31 सप्तमी 06:30 अष्टमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:50, षष्ठी की समाप्ति 06:30 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:31, षष्ठी की समाप्ति 22:00 शुक्र के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।

शनि 16 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:51–05:41

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:51–05:41।

सूर्यास्त 18:02 शुक्र सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 15 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:02 शुक्र सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 15 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 15 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:02 शुक्र से सूर्योदय 06:31 तक थी, 12 घं 29 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 16 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:40।

शनि 16 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:31–07:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:31–07:17 और 07:17–08:03।

शनि 16 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:17–08:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:31–07:17 और 07:17–08:03।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:31 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:31–07:17 और 07:17–08:03।

शनि 16 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:31–07:57 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:31 से 18:02, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:02 से 06:30 रवि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 16 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:24–10:50

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:24–10:50।

शनि 16 अगस्त को यमगंड कब है? 13:43–15:10

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:43–15:10।

शनि 16 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:31–07:57

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:31–07:57।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:31 से 18:02 तक है, 11 घं 31 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 16 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 31 मि का दिन।

शनि 16 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 00:02 रवि
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 00:02 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 16 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 15.8° पर था: भरणी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 15.8° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 15.8° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 13°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:22 रवि को निकलेगा, कृत्तिका में।

शनि 16 अगस्त को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 135.2° थे: वृद्धि।

सूर्य 119.4° + चंद्रमा 15.8° = 135.2° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 119.4° + चंद्रमा 15.8° = 135.2° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 119.4° + 15.8° = 135.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 02:03 रवि को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

शनि 16 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 256.4° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 256.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 256.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 09:37 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 21:26 तक।

शनि 16 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:31, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:31 से 06:30 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 16 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 26 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शनि 16 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शनि 16 अगस्त अमावस्या 26 जुल॰ पूर्णिमा 10 अग॰ अमावस्या 25 अग॰ पूर्णिमा 8 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शनि 16 अगस्त अमावस्या 26 जुल॰ पूर्णिमा 10 अग॰ अमावस्या 25 अग॰ पूर्णिमा 8 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

शनि 16 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2071 · शक 1936

विक्रम संवत 2071 30 मार्च 2014 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2014 15:44 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 16 अगस्त सूर्य 119.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2014 15:44 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 16 अगस्त सूर्य 119.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2014, 15:44 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 133.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2071 गिनता है; शक संवत 1936।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 16 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:02 रवि

चंद्रमा यहाँ 00:02 रवि पर उदय होता है।

शनि 16 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:56

सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 00:02 रवि
सूर्योदय 06:31 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:30 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 00:02 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:02 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:02 रवि पर उदय होगा।