tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 17 दिसंबर 2013

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 07:28 तक

फिर प्रतिपदा · 09:48 बुध तक

पूर्णिमा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:06 06:33 19:44अगला सूर्योदय 06:33 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:33–08:12रोगअशुभ
  • 08:12–09:51उद्वेगअशुभ
  • 09:51–11:30चरसामान्य
  • 11:30–13:09लाभशुभ
  • 13:09–14:47अमृतगुलिक काल में
  • 14:47–16:26कालअशुभ
  • 16:26–18:05शुभराहु काल में
  • 18:05–19:44रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:44–21:05कालअशुभ
  • 21:05–22:27लाभशुभ
  • 22:27–23:48उद्वेगअशुभ
  • 23:48–01:09 बुधशुभ
  • 01:09–02:30 बुधअमृतशुभ
  • 02:30–03:51 बुधचरसामान्य
  • 03:51–05:12 बुधरोगअशुभ
  • 05:12–06:33 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 17 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–05:50, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:33–08:12
  • उद्वेग, अशुभ, 08:12–09:51
  • चर, सामान्य, 09:51–11:30
  • लाभ, शुभ, 11:30–13:09
  • अमृत, शुभ, 13:09–14:47
  • काल, अशुभ, 14:47–16:26
  • शुभ, 16:26–18:05
  • रोग, अशुभ, 18:05–19:44
  • काल, अशुभ, 19:44–21:05
  • लाभ, शुभ, 21:05–22:27
  • उद्वेग, अशुभ, 22:27–23:48
  • शुभ, 23:48–01:09 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:09–02:30 बुध
  • चर, सामान्य, 02:30–03:51 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:51–05:12 बुध
  • काल, अशुभ, 05:12–06:33 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:11–10:04, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:51–11:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:42–13:35, शुभ
  • गुलिक काल, 13:09–14:47, अशुभ
  • राहु काल, 16:26–18:05, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:04–00:47 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:50 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 17 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 179.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 179.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। चतुर्दशी उससे पहले 05:20 सोम पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 07:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 2 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?

पूर्णिमा यहाँ सोम 16 और मंगल 17 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा सोम 16 दिसंबर सुबह मंगल 17 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−2 05:20 07:28 06:32 पूर्णिमा 06:33 पूर्णिमा पूर्णिमा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा सोम 16 दिसंबर सुबह मंगल 17 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−2 05:20 07:28 06:32 पूर्णिमा 06:33 पूर्णिमा पूर्णिमा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 05:20 सोम को, सूर्योदय 06:32 सोम से पहले, शुरू हुई और 07:28 को, अगले सूर्योदय 06:33 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 17 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:06–05:50

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:06–05:50।

सूर्यास्त 19:44 सोम सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:44 सोम सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 16 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:44 सोम से सूर्योदय 06:33 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 17 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:42–13:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:42–13:35।

मंगल 17 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:11–10:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:11–10:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:04 बुध–00:47 बुध।

मंगल 17 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 00:04–00:47 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:11–10:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:04 बुध–00:47 बुध।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:33 से 19:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:11–10:04 और 00:04 बुध–00:47 बुध।

मंगल 17 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:33–08:12 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 19:44, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:44 से 06:33 बुध, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 17 दिसंबर को राहुकाल कब है? 16:26–18:05

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:26–18:05।

मंगल 17 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:51–11:30

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:51–11:30।

मंगल 17 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:09–14:47

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:09–14:47।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:33 से 19:44 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 17 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 19:44, 13 घं 11 मि का दिन।

मंगल 17 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 19:44, 13 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:41 चंद्रोदय 19:59
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:41 चंद्रोदय 19:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 61.1° पर था: मृगशिरा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 61.1° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 61.1° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:43 को निकलेगा, आर्द्रा में।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 302.6° थे: शुभ।

सूर्य 241.5° + चंद्रमा 61.1° = 302.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 241.5° + चंद्रमा 61.1° = 302.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 241.5° + 61.1° = 302.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 14:03 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 179.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 179.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 179.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 18:22 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 07:28 तक है।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:33 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 2 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 1 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 17 दिसंबर पूर्णिमा 17 नव॰ अमावस्या 2 दिस॰ पूर्णिमा 17 दिस॰ अमावस्या 1 जन॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 17 दिसंबर पूर्णिमा 17 नव॰ अमावस्या 2 दिस॰ पूर्णिमा 17 दिस॰ अमावस्या 1 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

मंगल 17 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2070 · शक 1935

विक्रम संवत 2070 10 अप्रैल 2013 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2013 06:35 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 दिसंबर सूर्य 241.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2013 06:35 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 दिसंबर सूर्य 241.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2013, 06:35 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 244.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2070 गिनता है; शक संवत 1935।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 17 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:59

चंद्रमा यहाँ 19:59 पर उदय होता है।

मंगल 17 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:41

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:41 चंद्रोदय 19:59
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:41 चंद्रोदय 19:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:41 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:59 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:41 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:59 पर उदय होगा।