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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 16 अक्टूबर 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 05:48 तक

फिर द्वितीया · 02:28 बुध तक

यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं कारण जानें

त्योहार

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
05:43⁠–⁠08:13
प्रातःकाल 05:43⁠–⁠08:13

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना मंगल 16 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 16 अक्टूबर क्यों?

शारदीय नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:11 05:43 18:13अगला सूर्योदय 05:42 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:43–07:16रोगअशुभ
  • 07:16–08:50उद्वेगअशुभ
  • 08:50–10:24चरसामान्य
  • 10:24–11:58लाभशुभ
  • 11:58–13:32अमृतगुलिक काल में
  • 13:32–15:06कालअशुभ
  • 15:06–16:39शुभराहु काल में
  • 16:39–18:13रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:13–19:39कालअशुभ
  • 19:39–21:05लाभशुभ
  • 21:05–22:31उद्वेगअशुभ
  • 22:31–23:58शुभ
  • 23:58–01:24 बुधअमृतशुभ
  • 01:24–02:50 बुधचरसामान्य
  • 02:50–04:16 बुधरोगअशुभ
  • 04:16–05:42 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 16 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:57, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:43–07:16
  • उद्वेग, अशुभ, 07:16–08:50
  • चर, सामान्य, 08:50–10:24
  • लाभ, शुभ, 10:24–11:58
  • अमृत, शुभ, 11:58–13:32
  • काल, अशुभ, 13:32–15:06
  • शुभ, 15:06–16:39
  • रोग, अशुभ, 16:39–18:13
  • काल, अशुभ, 18:13–19:39
  • लाभ, शुभ, 19:39–21:05
  • उद्वेग, अशुभ, 21:05–22:31
  • शुभ, 22:31–23:58
  • अमृत, शुभ, 23:58–01:24 बुध
  • चर, सामान्य, 01:24–02:50 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:50–04:16 बुध
  • काल, अशुभ, 04:16–05:42 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:13–09:03, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:50–10:24, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:33–12:23, शुभ
  • गुलिक काल, 11:58–13:32, अशुभ
  • राहु काल, 15:06–16:39, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:49–23:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:56 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में शारदीय नवरात्रि मंगल 16 अक्टूबर को क्यों है?

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना मंगल 16 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या प्रतिपदा 05:43 09:02 04:00 06:00 08:00 सोम 15 अक्टूबर प्रातःकाल 05:43–08:13
अमावस्या 05:43 09:02 04:00 06:00 08:00 सोम 15 अक्टूबर प्रातःकाल 05:43–08:13 प्रतिपदा 09:02 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा सोम 15 अक्टूबर को 09:02 से मंगल 16 अक्टूबर को 05:48 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रातःकाल (05:43–08:13) को छूती है।

शारदीय नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.9° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। अमावस्या उससे पहले 09:02 सोम पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 05:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 15 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वितीया क्षय क्यों है?

द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया मंगल 16 अक्टूबर सुबह बुध 17 अक्टूबर सुबह Ipameri UTC−3 05:48 02:28 05:43 प्रतिपदा 05:42 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया मंगल 16 अक्टूबर सुबह बुध 17 अक्टूबर सुबह Ipameri UTC−3 05:48 02:28 05:43 प्रतिपदा 05:42 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 05:48 को शुरू हुई और 02:28 बुध को समाप्त, 05:43 और 05:42 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को प्रतिपदा है और बुधवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 16 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:11–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:11–04:57।

सूर्यास्त 18:13 सोम सूर्योदय 05:43 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 15 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:13 सोम सूर्योदय 05:43 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 15 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 15 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:13 सोम से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 30 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 16 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:33–12:23

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:33–12:23।

मंगल 16 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:13–09:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:13–09:03, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:35।

मंगल 16 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:49–23:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:13–09:03, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:35।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:43 से 18:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:13–09:03 और 22:49–23:35।

मंगल 16 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:43–07:16 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:43 से 18:13, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:13 से 05:42 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 16 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:06–16:39

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:06–16:39।

मंगल 16 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:50–10:24

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:50–10:24।

मंगल 16 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:58–13:32

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:58–13:32।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:43 से 18:13 तक है, 12 घं 30 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 16 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:13, 12 घं 30 मि का दिन।

मंगल 16 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:13, 12 घं 30 मि का दिन।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:35 चंद्रोदय 06:23
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:35 चंद्रोदय 06:23
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 191.3° पर था: स्वाती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 191.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 191.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:42 को निकलेगा, विशाखा में।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 370.7° थे, एक चक्कर और 10.7°: विष्कम्भ।

सूर्य 179.4° + चंद्रमा 191.3° = 370.7° एक चक्कर + 10.7° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 179.4° + चंद्रमा 191.3° = 370.7° एक चक्कर + 10.7° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 179.4° + 191.3° = 370.7°, एक पूरा चक्कर और 10.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 09:45 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 11.9° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 19:26 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 05:48 तक है।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:42 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 15 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 13 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 16 अक्टूबर पूर्णिमा 30 सित॰ अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 13 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 16 अक्टूबर पूर्णिमा 30 सित॰ अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 13 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

मंगल 16 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934

विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 11:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 16 अक्टूबर सूर्य 179.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 11:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 16 अक्टूबर सूर्य 179.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 11:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 201.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 16 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:23

चंद्रमा यहाँ 06:23 पर उदय होता है।

मंगल 16 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:35

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:35 चंद्रोदय 06:23
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:35 चंद्रोदय 06:23
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:23 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:35 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:23 पर उदय हुआ; वह फिर 19:35 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।