tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 11 सितंबर 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 03:34 बुध तक

फिर द्वादशी · 03:29 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

परमा एकादशी

पारण समय
09:33⁠–⁠18:07 बुध
बुध 12 सितंबर
व्रत आरंभ
06:11

परमा एकादशी मंगल 11 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 11 सितंबर क्यों?

परमा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:34 06:11 18:07अगला सूर्योदय 06:10 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:11–07:40रोगअशुभ
  • 07:40–09:10उद्वेगअशुभ
  • 09:10–10:39चरसामान्य
  • 10:39–12:09लाभशुभ
  • 12:09–13:38अमृतगुलिक काल में
  • 13:38–15:08कालअशुभ
  • 15:08–16:37शुभराहु काल में
  • 16:37–18:07रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:07–19:37कालअशुभ
  • 19:37–21:08लाभशुभ
  • 21:08–22:38उद्वेगअशुभ
  • 22:38–00:08 बुधशुभ
  • 00:08–01:39 बुधअमृतशुभ
  • 01:39–03:09 बुधचरसामान्य
  • 03:09–04:40 बुधरोगअशुभ
  • 04:40–06:10 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 11 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:23, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:11–07:40
  • उद्वेग, अशुभ, 07:40–09:10
  • चर, सामान्य, 09:10–10:39
  • लाभ, शुभ, 10:39–12:09
  • अमृत, शुभ, 12:09–13:38
  • काल, अशुभ, 13:38–15:08
  • शुभ, 15:08–16:37
  • रोग, अशुभ, 16:37–18:07
  • काल, अशुभ, 18:07–19:37
  • लाभ, शुभ, 19:37–21:08
  • उद्वेग, अशुभ, 21:08–22:38
  • शुभ, 22:38–00:08 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:08–01:39 बुध
  • चर, सामान्य, 01:39–03:09 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:09–04:40 बुध
  • काल, अशुभ, 04:40–06:10 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:34–09:22, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:10–10:39, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:33, शुभ
  • गुलिक काल, 12:09–13:38, अशुभ
  • राहु काल, 15:08–16:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:56–23:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:22 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में परमा एकादशी मंगल 11 सितंबर को क्यों है?

परमा एकादशी मंगल 11 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी एकादशी 06:11 02:53 04:00 06:00 08:00 मंगल 11 सितंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:35–06:11
एकादशी 06:11 02:53 04:00 06:00 08:00 मंगल 11 सितंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:35–06:11 दशमी 02:53 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 11 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:11: मंगल 11 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:53 पर, उससे (04:35–06:11) पहले, समाप्त हुई।

परमा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 11 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 301.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। दशमी उससे पहले 02:53 पर समाप्त हुई। एकादशी 03:34 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Ipameri में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 11 सितंबर सुबह बुध 12 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:23 02:53 12:04 03:34 06:04 दशमी 06:04 एकादशी 06:11 एकादशी 06:10 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 11 सितंबर सुबह बुध 12 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:23 02:53 12:04 03:34 06:04 दशमी 06:04 एकादशी 06:11 एकादशी 06:10 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:04, दशमी की समाप्ति 11:23 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:11, दशमी की समाप्ति 02:53 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

मंगल 11 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:34–05:23

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:34–05:23।

सूर्यास्त 18:07 सोम सूर्योदय 06:11 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 10 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:07 सोम सूर्योदय 06:11 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 10 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 10 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:07 सोम से सूर्योदय 06:11 तक थी, 12 घं 4 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 11 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:33

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:33।

मंगल 11 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:34–09:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:34–09:22, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:56–23:44।

मंगल 11 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:56–23:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:34–09:22, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:56–23:44।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:11 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:34–09:22 और 22:56–23:44।

मंगल 11 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:11–07:40 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:11 से 18:07, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:07 से 06:10 बुध, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 11 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:08–16:37

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:37।

मंगल 11 सितंबर को यमगंड कब है? 09:10–10:39

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:10–10:39।

मंगल 11 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:09–13:38

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:38।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:11 से 18:07 तक है, 11 घं 56 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 11 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 56 मि का दिन।

मंगल 11 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 56 मि का दिन।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:09 चंद्रोदय 03:18 बुध
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:09 चंद्रोदय 03:18 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 86.6° पर था: पुनर्वसु, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 86.6° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 86.6° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:03 को निकलेगा, पुष्य में।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा योग है? वरीयान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 231.6° थे: वरीयान्।

सूर्य 145.0° + चंद्रमा 86.6° = 231.6° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 145.0° + चंद्रमा 86.6° = 231.6° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 145° + 86.6° = 231.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 21:04 को समाप्त होता है, फिर परिघ।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 301.6° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 15:19 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 03:34 बुध तक।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:10 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)

17 अगस्त और 15 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 12:54 शुक्र से 15 सितंबर 23:10 शनि तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 16 सितंबर 09:24 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 11 सितंबर अमावस्या 17 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰ अमावस्या 15 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 11 सितंबर अमावस्या 17 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰ अमावस्या 15 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद (अधिक) है, और अमान्त गणना में भाद्रपद (अधिक)।

मंगल 11 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934

विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 11:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 11 सितंबर सूर्य 145.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 11:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 11 सितंबर सूर्य 145.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 11:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 166.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 11 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:18 बुध

चंद्रमा यहाँ 03:18 बुध पर उदय होता है।

मंगल 11 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:09

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:09 चंद्रोदय 03:18 बुध
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:09 चंद्रोदय 03:18 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:18 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:18 बुध पर उदय होगा।