Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 19 जनवरी 2011
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 19 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 19 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़19 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 19 जनवरी
- 05:24–06:08ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:52 से
- 06:52–08:30लाभ चौघड़िया
- 08:30–10:07अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:45–13:23शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:16–19:54लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:54 के बाद
- 21:16–22:39शुभ चौघड़िया
- 22:39–00:01 गुरुअमृत चौघड़िया
- 04:08–05:30 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:25–06:09 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:52–08:30लाभशुभ
- 08:30–10:07अमृतयमगण्ड में
- 10:07–11:45कालअशुभ
- 11:45–13:23शुभगुलिक काल में
- 13:23–15:01रोगअशुभ
- 15:01–16:38उद्वेगअशुभ
- 16:38–18:16चरसामान्य
- 18:16–19:54लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:54–21:16उद्वेगअशुभ
- 21:16–22:39शुभ
- 22:39–00:01 गुरुअमृतशुभ
- 00:01–01:23 गुरुचरसामान्य
- 01:23–02:46 गुरुरोगअशुभ
- 02:46–04:08 गुरुकालअशुभ
- 04:08–05:30 गुरुलाभशुभ
- 05:30–06:53 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 19 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:08, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:52–08:30
- अमृत, शुभ, 08:30–10:07
- काल, अशुभ, 10:07–11:45
- शुभ, 11:45–13:23
- रोग, अशुभ, 13:23–15:01
- उद्वेग, अशुभ, 15:01–16:38
- चर, सामान्य, 16:38–18:16
- लाभ, शुभ, 18:16–19:54
- उद्वेग, अशुभ, 19:54–21:16
- शुभ, 21:16–22:39
- अमृत, शुभ, 22:39–00:01 गुरु
- चर, सामान्य, 00:01–01:23 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:23–02:46 गुरु
- काल, अशुभ, 02:46–04:08 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:08–05:30 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:30–06:53 गुरु
- यमगण्ड, 08:30–10:07, अशुभ
- गुलिक काल, 11:45–13:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:57–13:49, अशुभ
- राहु काल, 13:23–15:01, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:09 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा बुध 19 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 19 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 18 जनवरी को 21:48 से बुध 19 जनवरी को 19:21 तक है, इसलिए वह केवल बुध 19 जनवरी के सूर्योदय (06:52) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 19 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 173° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:52। चतुर्दशी उससे पहले 21:48 मंगल पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 19:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 4 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 19 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:24–06:08
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:24–06:08।
मंगल 18 जनवरी की रात सूर्यास्त 19:54 मंगल से सूर्योदय 06:52 तक थी, 10 घं 58 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 19 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:57–13:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:57–13:49।
यहाँ दिन, 06:52 से 19:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:57–13:49: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 19 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:52–08:30 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:52 से 19:54, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:54 से 06:53 गुरु, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 19 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:23–15:01
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:23–15:01।
बुध 19 जनवरी को यमगंड कब है? 08:30–10:07
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:30–10:07।
बुध 19 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:45–13:23
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:45–13:23।
यहाँ दिन 06:52 से 19:54 तक है, 13 घं 2 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 19 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 19:54, 13 घं 2 मि का दिन।
बुध 19 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 19:54, 13 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 19 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 87.9° पर था: पुनर्वसु, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:52 को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 19 जनवरी को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 362.8° थे, एक चक्कर और 2.8°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 274.9° + 87.9° = 362.8°, एक पूरा चक्कर और 2.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 23:09 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
बुध 19 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 173° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 08:38 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 19:21 तक।
बुध 19 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:52, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:52 से 06:53 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 19 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 4 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 3 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
बुध 19 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
बुध 19 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2067 · शक 1932
विक्रम संवत 2067 15 मार्च 2010 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2010, 18:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 303.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2067 गिनता है; शक संवत 1932।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 19 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:46
चंद्रमा यहाँ 19:46 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:46 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।