Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 29 नवंबर 2009
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत रवि 29 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। रवि 29 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
मोक्षदा एकादशी
29 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 29 नवंबर
- 05:01–05:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 09:44–11:23लाभ चौघड़िया
- 11:23–13:01अमृत चौघड़िया
- 12:35–13:01अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:39–16:17शुभ चौघड़िया
-
14:39–15:59अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अश्विनी में
- सूर्यास्त 19:34 के बाद
- 19:34–20:55शुभ चौघड़िया
- 20:55–22:17अमृत चौघड़िया
- 02:23–03:44 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:06–06:28 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:01–05:44 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–08:06उद्वेगअशुभ
- 08:06–09:44चरसामान्य
- 09:44–11:23लाभशुभ
- 11:23–13:01अमृतशुभ
- 13:01–14:39कालअशुभ
- 14:39–16:17शुभ
- 16:17–17:55रोगअशुभ
- 17:55–19:34उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:34–20:55शुभ
- 20:55–22:17अमृतशुभ
- 22:17–23:39चरसामान्य
- 23:39–01:01 सोमरोगअशुभ
- 01:01–02:23 सोमकालअशुभ
- 02:23–03:44 सोमलाभशुभ
- 03:44–05:06 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:06–06:28 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 29 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:44, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:28–08:06
- चर, सामान्य, 08:06–09:44
- लाभ, शुभ, 09:44–11:23
- अमृत, शुभ, 11:23–13:01
- काल, अशुभ, 13:01–14:39
- शुभ, 14:39–16:17
- रोग, अशुभ, 16:17–17:55
- उद्वेग, अशुभ, 17:55–19:34
- शुभ, 19:34–20:55
- अमृत, शुभ, 20:55–22:17
- चर, सामान्य, 22:17–23:39
- रोग, अशुभ, 23:39–01:01 सोम
- काल, अशुभ, 01:01–02:23 सोम
- लाभ, शुभ, 02:23–03:44 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:44–05:06 सोम
- शुभ, 05:06–06:28 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:35–13:27, शुभ
- यमगण्ड, 13:01–14:39, अशुभ
- गुलिक काल, 16:17–17:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:49–18:41, अशुभ
- राहु काल, 17:55–19:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:44 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत रवि 29 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत रवि 29 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 29 नवंबर को 11:08 से सोम 30 नवंबर को 09:50 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (19:34–21:45) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
रवि 29 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 141.6° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। एकादशी उससे पहले 11:43 शनि पर समाप्त हुई। द्वादशी 11:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 16 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 29 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:44।
शनि 28 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:33 शनि से सूर्योदय 06:28 तक थी, 10 घं 55 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 29 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:35–13:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:35–13:27।
रवि 29 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 17:49–18:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:49–18:41।
यहाँ दिन, 06:28 से 19:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:49–18:41।
रवि 29 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–08:06 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 19:34, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:34 से 06:28 सोम, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 29 नवंबर को राहुकाल कब है? 17:55–19:34
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:55–19:34।
रवि 29 नवंबर को यमगंड कब है? 13:01–14:39
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:01–14:39।
रवि 29 नवंबर को गुलिक काल कब है? 16:17–17:55
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:17–17:55।
यहाँ दिन 06:28 से 19:34 तक है, 13 घं 6 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 29 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:34, 13 घं 6 मि का दिन।
रवि 29 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:34, 13 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 29 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 4.8° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:31 को निकलेगा, भरणी में।
रवि 29 नवंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 228.1° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 223.3° + 4.8° = 228.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 02:02 सोम को समाप्त होता है, फिर परिघ।
रवि 29 नवंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 141.6° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 23:32 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 11:08 तक है।
रवि 29 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:28 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 16 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 16 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
रवि 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
रवि 29 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2066 · शक 1931
विक्रम संवत 2066 26 मार्च 2009 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2009, 13:05 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 241.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2066 गिनता है; शक संवत 1931।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 29 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:04
चंद्रमा यहाँ 17:04 पर उदय होता है।
रवि 29 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:38 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:04 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:38 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:04 पर उदय हुआ; वह फिर 04:38 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।