tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 27 नवंबर 2003

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

चतुर्थी

शुक्ल पक्ष · 07:34 तक

फिर पञ्चमी · 05:23 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं कारण जानें

त्योहार

विवाह पंचमी

विवाह पंचमी गुरु 27 नवंबर को है: पञ्चमी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। गुरु 27 नवंबर क्यों?

विवाह पंचमी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:00 06:28 19:32अगला सूर्योदय 06:28 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:28–08:06शुभयमगण्ड में
  • 08:06–09:44रोगअशुभ
  • 09:44–11:22उद्वेगअशुभ
  • 11:22–13:00चरसामान्य
  • 13:00–14:38लाभशुभ
  • 14:38–16:16अमृतराहु काल में
  • 16:16–17:54कालअशुभ
  • 17:54–19:32शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:32–20:54अमृतशुभ
  • 20:54–22:16चरसामान्य
  • 22:16–23:38रोगअशुभ
  • 23:38–01:00 शुक्रकालअशुभ
  • 01:00–02:22 शुक्रलाभशुभ
  • 02:22–03:44 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:44–05:06 शुक्रशुभ
  • 05:06–06:28 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 27 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:44, शुभ
  • शुभ, 06:28–08:06
  • रोग, अशुभ, 08:06–09:44
  • उद्वेग, अशुभ, 09:44–11:22
  • चर, सामान्य, 11:22–13:00
  • लाभ, शुभ, 13:00–14:38
  • अमृत, शुभ, 14:38–16:16
  • काल, अशुभ, 16:16–17:54
  • शुभ, 17:54–19:32
  • अमृत, शुभ, 19:32–20:54
  • चर, सामान्य, 20:54–22:16
  • रोग, अशुभ, 22:16–23:38
  • काल, अशुभ, 23:38–01:00 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:00–02:22 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:22–03:44 शुक्र
  • शुभ, 03:44–05:06 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:06–06:28 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:28–08:06, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:44–11:22, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:49–11:41, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:34–13:26, शुभ
  • राहु काल, 14:38–16:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:03–16:55, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:44 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में विवाह पंचमी गुरु 27 नवंबर को क्यों है?

विवाह पंचमी गुरु 27 नवंबर को है: पञ्चमी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्थी 07:34 05:00 06:00 07:00 गुरु 27 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:28 पञ्चमी 07:34 से
चतुर्थी 07:34 05:00 06:00 07:00 गुरु 27 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:28 पञ्चमी 07:34 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विवाह पंचमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पञ्चमी गुरु 27 नवंबर को 07:34 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शुक्र 28 नवंबर को 05:23 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 27 नवंबर। विवाह पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

विवाह पंचमी: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 27 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.4° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 47.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। तृतीया उससे पहले 10:22 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:34 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 23 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पञ्चमी क्षय क्यों है?

पञ्चमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं होता।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी गुरु 27 नवंबर सुबह शुक्र 28 नवंबर सुबह Ipameri UTC−2 07:34 05:23 06:28 चतुर्थी 06:28 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी गुरु 27 नवंबर सुबह शुक्र 28 नवंबर सुबह Ipameri UTC−2 07:34 05:23 06:28 चतुर्थी 06:28 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 07:34 को शुरू हुई और 05:23 शुक्र को समाप्त, 06:28 और 06:28 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को चतुर्थी है और शुक्रवार को षष्ठी: पञ्चमी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 27 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:00–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:00–05:44।

सूर्यास्त 19:32 बुध सूर्योदय 06:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:32 बुध सूर्योदय 06:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 26 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:32 बुध से सूर्योदय 06:28 तक थी, 10 घं 56 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 27 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:34–13:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:34–13:26।

गुरु 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:49–11:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:49–11:41 और 16:03–16:55।

गुरु 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:03–16:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:49–11:41 और 16:03–16:55।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:28 से 19:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:49–11:41 और 16:03–16:55।

गुरु 27 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:28–08:06 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:28 से 19:32, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:32 से 06:28 शुक्र, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 27 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:38–16:16

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:38–16:16।

गुरु 27 नवंबर को यमगंड कब है? 06:28–08:06

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:28–08:06।

गुरु 27 नवंबर को गुलिक काल कब है? 09:44–11:22

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:44–11:22।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:28 से 19:32 तक है, 13 घं 4 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 27 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:32, 13 घं 4 मि का दिन।

गुरु 27 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:32

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:32, 13 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 10:01
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 10:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 268.1° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 268.1° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 268.1° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:26 शुक्र को निकलेगा, श्रवण में।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 488.9° थे, एक चक्कर और 128.9°: गण्ड।

सूर्य 220.8° + चंद्रमा 268.1° = 488.9° एक चक्कर + 128.9° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 220.8° + चंद्रमा 268.1° = 488.9° एक चक्कर + 128.9° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 220.8° + 268.1° = 488.9°, एक पूरा चक्कर और 128.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 13:22 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 47.4° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 47.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:54 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 07:34 तक है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:28 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 23 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 23 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल गुरु 27 नवंबर पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 23 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰ अमावस्या 23 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल गुरु 27 नवंबर पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 23 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰ अमावस्या 23 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925

विक्रम संवत 2060 1 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2003 16:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 नवंबर सूर्य 220.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2003 16:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 नवंबर सूर्य 220.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2003, 16:18 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 233° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 27 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:01

चंद्रमा यहाँ 10:01 पर उदय होता है।

गुरु 27 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:42

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 10:01
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 19:32 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 10:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:42 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:01 पर उदय हुआ; वह फिर 23:42 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।