Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 9 नवंबर 2002
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
त्योहार
छठ · संध्या अर्घ्य
छठ · संध्या अर्घ्य शनि 9 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है। शनि 9 नवंबर क्यों?
छठ: Ipameri में हर तारीख़9 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 नवंबर
- 05:01–05:46ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:30 से
- 08:13–09:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
08:27–09:43अमृत कालराहु काल छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 12:31–13:22अभिजीत मुहूर्त
- 14:33–16:09लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:09–17:46अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:22 के बाद
- 19:22–20:46लाभ चौघड़िया
- 22:09–23:33शुभ चौघड़िया
- 23:33–00:56 रविअमृत चौघड़िया
- 05:06–06:30 रविलाभ चौघड़िया
- 05:01–05:45 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:30–08:07कालअशुभ
- 08:07–09:43शुभ
- 09:43–11:20रोगअशुभ
- 11:20–12:56उद्वेगअशुभ
- 12:56–14:33चरसामान्य
- 14:33–16:09लाभयमगण्ड में
- 16:09–17:46अमृतशुभ
- 17:46–19:22कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:22–20:46लाभशुभ
- 20:46–22:09उद्वेगअशुभ
- 22:09–23:33शुभ
- 23:33–00:56 रविअमृतशुभ
- 00:56–02:20 रविचरसामान्य
- 02:20–03:43 रविरोगअशुभ
- 03:43–05:06 रविकालअशुभ
- 05:06–06:30 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:46, शुभ
- काल, अशुभ, 06:30–08:07
- शुभ, 08:07–09:43
- रोग, अशुभ, 09:43–11:20
- उद्वेग, अशुभ, 11:20–12:56
- चर, सामान्य, 12:56–14:33
- लाभ, शुभ, 14:33–16:09
- अमृत, शुभ, 16:09–17:46
- काल, अशुभ, 17:46–19:22
- लाभ, शुभ, 19:22–20:46
- उद्वेग, अशुभ, 20:46–22:09
- शुभ, 22:09–23:33
- अमृत, शुभ, 23:33–00:56 रवि
- चर, सामान्य, 00:56–02:20 रवि
- रोग, अशुभ, 02:20–03:43 रवि
- काल, अशुभ, 03:43–05:06 रवि
- लाभ, शुभ, 05:06–06:30 रवि
- गुलिक काल, 06:30–08:07, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:30–07:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:22–08:13, अशुभ
- राहु काल, 09:43–11:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:22, शुभ
- यमगण्ड, 14:33–16:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:45 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में छठ शनि 9 नवंबर को क्यों है?
छठ · संध्या अर्घ्य शनि 9 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है।
संध्या अर्घ्य सूर्यास्त पर दिया जाता है। षष्ठी शनि 9 नवंबर को 06:21 से रवि 10 नवंबर को 05:58 तक है, इसलिए सूर्यास्त पर वह केवल शनि 9 नवंबर को है, 19:22 पर। छठ · संध्या अर्घ्य का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्यास्त Tithika की परिपाटी है।
शनि 9 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 60.1° आगे था: शुक्ल षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:30। पञ्चमी उससे पहले 06:21 पर समाप्त हुई। षष्ठी 05:58 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 4 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?
नई दिल्ली में पञ्चमी है, Ipameri में षष्ठी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:38, पञ्चमी की समाप्ति 13:51 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 06:30, पञ्चमी की समाप्ति 06:21 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।
शनि 9 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:46
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:46।
शुक्र 8 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:22 शुक्र से सूर्योदय 06:30 तक थी, 11 घं 8 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 9 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:22।
शनि 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:30–07:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:30–07:22 और 07:22–08:13।
शनि 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:22–08:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:30–07:22 और 07:22–08:13।
यहाँ दिन, 06:30 से 19:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:30–07:22 और 07:22–08:13।
शनि 9 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:30–08:07 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:30 से 19:22, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:22 से 06:30 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 9 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:43–11:20
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:43–11:20।
शनि 9 नवंबर को यमगंड कब है? 14:33–16:09
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:33–16:09।
शनि 9 नवंबर को गुलिक काल कब है? 06:30–08:07
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:30–08:07।
यहाँ दिन 06:30 से 19:22 तक है, 12 घं 52 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 9 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 52 मि का दिन।
शनि 9 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 52 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 9 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 263° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:11 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
शनि 9 नवंबर को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 465.9° थे, एक चक्कर और 105.9°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 202.9° + 263° = 465.9°, एक पूरा चक्कर और 105.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 07:55 को समाप्त होता है, फिर शूल।
शनि 9 नवंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 60.1° थी: षष्ठी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 18:04 तक है, जब बढ़त 66° होगी; तैतिल 05:58 रवि तक।
शनि 9 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:30, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:30 से 06:30 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 4 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 4 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शनि 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
शनि 9 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2059 · शक 1924
विक्रम संवत 2059 12 अप्रैल 2002 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2002, 16:21 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 204.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2059 गिनता है; शक संवत 1924।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 9 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:49
चंद्रमा यहाँ 10:49 पर उदय होता है।
शनि 9 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:28 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:49 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:28 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:49 पर उदय हुआ; वह फिर 00:28 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।