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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 11 फ़रवरी 1999

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 05:03 शुक्र तक

फिर द्वादशी · 05:54 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

विजया एकादशी

पारण समय
11:15⁠–⁠19:48 शुक्र
शुक्र 12 फ़रवरी
व्रत आरंभ
07:04

विजया एकादशी गुरु 11 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 11 फ़रवरी क्यों?

विजया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:34 07:04 19:48अगला सूर्योदय 07:05 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:04–08:40शुभयमगण्ड में
  • 08:40–10:15रोगअशुभ
  • 10:15–11:51उद्वेगअशुभ
  • 11:51–13:26चरसामान्य
  • 13:26–15:02लाभशुभ
  • 15:02–16:37अमृतराहु काल में
  • 16:37–18:13कालअशुभ
  • 18:13–19:48शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:48–21:13अमृतशुभ
  • 21:13–22:37चरसामान्य
  • 22:37–00:02 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:02–01:27 शुक्रकालअशुभ
  • 01:27–02:51 शुक्रलाभशुभ
  • 02:51–04:16 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:16–05:40 शुक्रशुभ
  • 05:40–07:05 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 11 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:19, शुभ
  • शुभ, 07:04–08:40
  • रोग, अशुभ, 08:40–10:15
  • उद्वेग, अशुभ, 10:15–11:51
  • चर, सामान्य, 11:51–13:26
  • लाभ, शुभ, 13:26–15:02
  • अमृत, शुभ, 15:02–16:37
  • काल, अशुभ, 16:37–18:13
  • शुभ, 18:13–19:48
  • अमृत, शुभ, 19:48–21:13
  • चर, सामान्य, 21:13–22:37
  • रोग, अशुभ, 22:37–00:02 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:02–01:27 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:27–02:51 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:51–04:16 शुक्र
  • शुभ, 04:16–05:40 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:40–07:05 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:04–08:40, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:15–11:51, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:19–12:10, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:01–13:52, शुभ
  • राहु काल, 15:02–16:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:25–17:16, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:20 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में विजया एकादशी गुरु 11 फ़रवरी को क्यों है?

विजया एकादशी गुरु 11 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 07:04 03:34 05:00 07:00 09:00 गुरु 11 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 05:28–07:04 दशमी 03:34 तक
एकादशी 07:04 03:34 05:00 07:00 09:00 गुरु 11 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 05:28–07:04 दशमी 03:34 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 11 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 07:04: गुरु 11 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:34 पर, उससे (05:28–07:04) पहले, समाप्त हुई।

विजया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 301.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:04। दशमी उससे पहले 03:34 पर समाप्त हुई। एकादशी 05:03 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 31 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Ipameri में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 11 फ़रवरी सुबह शुक्र 12 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 11:04 03:34 12:33 05:03 07:03 दशमी 07:02 एकादशी 07:04 एकादशी 07:05 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 11 फ़रवरी सुबह शुक्र 12 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 11:04 03:34 12:33 05:03 07:03 दशमी 07:02 एकादशी 07:04 एकादशी 07:05 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:03, दशमी की समाप्ति 11:04 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।

Ipameri · UTC−2

यहाँ सूर्योदय, 07:04, दशमी की समाप्ति 03:34 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

गुरु 11 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:34–06:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:34–06:19।

सूर्यास्त 19:49 बुध सूर्योदय 07:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 10 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:49 बुध सूर्योदय 07:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 10 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 10 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 19:49 बुध से सूर्योदय 07:04 तक थी, 11 घं 15 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 11 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:01–13:52

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:01–13:52।

गुरु 11 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:19–12:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:19–12:10 और 16:25–17:16।

गुरु 11 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:25–17:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:19–12:10 और 16:25–17:16।

सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:04 से 19:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:19–12:10 और 16:25–17:16।

गुरु 11 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:04–08:40 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:04 से 19:48, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:48 से 07:05 शुक्र, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 11 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:02–16:37

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:02–16:37।

गुरु 11 फ़रवरी को यमगंड कब है? 07:04–08:40

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:04–08:40।

गुरु 11 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:15–11:51

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:15–11:51।

सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:04 से 19:48 तक है, 12 घं 44 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 11 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 19:48, 12 घं 44 मि का दिन।

गुरु 11 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:48

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 19:48, 12 घं 44 मि का दिन।

सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:05 चंद्रोदय 03:38 शुक्र
सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:05 चंद्रोदय 03:38 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 239.9° पर था: ज्येष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 239.9° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 239.9° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 236°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:07 को निकलेगा, मूल में।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 538.2° थे, एक चक्कर और 178.2°: हर्षण।

सूर्य 298.3° + चंद्रमा 239.9° = 538.2° एक चक्कर + 178.2° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 298.3° + चंद्रमा 239.9° = 538.2° एक चक्कर + 178.2° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 298.3° + 239.9° = 538.2°, एक पूरा चक्कर और 178.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 22:08 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 301.6° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 301.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:23 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 05:03 शुक्र तक।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:04, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:04 से 07:05 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 17 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 16 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 11 फ़रवरी अमावस्या 17 जन॰ पूर्णिमा 31 जन॰ अमावस्या 16 फ़र॰ पूर्णिमा 2 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 11 फ़रवरी अमावस्या 17 जन॰ पूर्णिमा 31 जन॰ अमावस्या 16 फ़र॰ पूर्णिमा 2 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।

गुरु 11 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2055 · शक 1920

विक्रम संवत 2055 28 मार्च 1998 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1998 00:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 11 फ़रवरी सूर्य 298.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1998 00:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 11 फ़रवरी सूर्य 298.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 1998, 00:13 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 314.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2055 गिनता है; शक संवत 1920।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 11 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:38 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 03:38 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 11 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:05

सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:05 चंद्रोदय 03:38 शुक्र
सूर्योदय 07:04 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 07:05 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:05 चंद्रोदय 03:38 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:05 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:38 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:05 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:38 शुक्र पर उदय होगा।