tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 2 जनवरी 1998

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

चतुर्थी

शुक्ल पक्ष · 07:33 तक

फिर पञ्चमी · 05:25 शनि तक

यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:15 06:41 19:51अगला सूर्योदय 06:42 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:41–08:20चरसामान्य
  • 08:20–09:59लाभगुलिक काल में
  • 09:59–11:38अमृतशुभ
  • 11:38–13:16कालअशुभ
  • 13:16–14:55शुभ
  • 14:55–16:34रोगअशुभ
  • 16:34–18:13उद्वेगअशुभ
  • 18:13–19:51चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 19:51–21:13रोगअशुभ
  • 21:13–22:34कालअशुभ
  • 22:34–23:55लाभशुभ
  • 23:55–01:17 शनिउद्वेगअशुभ
  • 01:17–02:38 शनिशुभ
  • 02:38–03:59 शनिअमृतशुभ
  • 03:59–05:21 शनिचरसामान्य
  • 05:21–06:42 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 2 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–05:58, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:41–08:20
  • लाभ, शुभ, 08:20–09:59
  • अमृत, शुभ, 09:59–11:38
  • काल, अशुभ, 11:38–13:16
  • शुभ, 13:16–14:55
  • रोग, अशुभ, 14:55–16:34
  • उद्वेग, अशुभ, 16:34–18:13
  • चर, सामान्य, 18:13–19:51
  • रोग, अशुभ, 19:51–21:13
  • काल, अशुभ, 21:13–22:34
  • लाभ, शुभ, 22:34–23:55
  • उद्वेग, अशुभ, 23:55–01:17 शनि
  • शुभ, 01:17–02:38 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:38–03:59 शनि
  • चर, सामान्य, 03:59–05:21 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:21–06:42 शनि
  • गुलिक काल, 08:20–09:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:19–10:12, अशुभ
  • राहु काल, 11:38–13:16, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:50–13:43, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:43–14:35, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:34–18:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–05:59 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 2 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.5° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 47.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। तृतीया उससे पहले 09:40 गुरु पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 29 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पञ्चमी क्षय क्यों है?

पञ्चमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं होता।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी शुक्र 2 जनवरी सुबह शनि 3 जनवरी सुबह Ipameri UTC−2 07:33 05:25 06:41 चतुर्थी 06:42 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी शुक्र 2 जनवरी सुबह शनि 3 जनवरी सुबह Ipameri UTC−2 07:33 05:25 06:41 चतुर्थी 06:42 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 07:33 को शुरू हुई और 05:25 शनि को समाप्त, 06:41 और 06:42 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को चतुर्थी है और शनिवार को षष्ठी: पञ्चमी यहाँ क्षय तिथि है।

शुक्र 2 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–05:58

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–05:58।

सूर्यास्त 19:51 गुरु सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 1 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:51 गुरु सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 1 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 1 जनवरी की रात सूर्यास्त 19:51 गुरु से सूर्योदय 06:41 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 2 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:50–13:43

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:50–13:43।

शुक्र 2 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:19–10:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:19–10:12 और 13:43–14:35।

शुक्र 2 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 13:43–14:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:19–10:12 और 13:43–14:35।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:41 से 19:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:19–10:12 और 13:43–14:35।

शुक्र 2 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:41–08:20 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:41 से 19:51, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:51 से 06:42 शनि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 2 जनवरी को राहुकाल कब है? 11:38–13:16

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:38–13:16।

शुक्र 2 जनवरी को यमगंड कब है? 16:34–18:13

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:34–18:13।

शुक्र 2 जनवरी को गुलिक काल कब है? 08:20–09:59

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:20–09:59।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:41 से 19:51 तक है, 13 घं 10 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 2 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 19:51, 13 घं 10 मि का दिन।

शुक्र 2 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 19:51, 13 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:14 चंद्रोदय 10:25
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:14 चंद्रोदय 10:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 305.4° पर था: धनिष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 305.4° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 305.4° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:46 को निकलेगा, शतभिषा में।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 563.3° थे, एक चक्कर और 203.3°: सिद्धि।

सूर्य 257.9° + चंद्रमा 305.4° = 563.3° एक चक्कर + 203.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 257.9° + चंद्रमा 305.4° = 563.3° एक चक्कर + 203.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 257.9° + 305.4° = 563.3°, एक पूरा चक्कर और 203.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 22:25 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 47.5° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 47.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:37 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 07:33 तक है।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:42 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 29 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 28 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 2 जनवरी पूर्णिमा 14 दिस॰ अमावस्या 29 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 28 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 2 जनवरी पूर्णिमा 14 दिस॰ अमावस्या 29 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 28 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

शुक्र 2 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919

विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 08:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 2 जनवरी सूर्य 257.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 08:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 2 जनवरी सूर्य 257.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 08:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 264° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 2 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:25

चंद्रमा यहाँ 10:25 पर उदय होता है।

शुक्र 2 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:14

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:14 चंद्रोदय 10:25
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:14 चंद्रोदय 10:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:25 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:14 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:25 पर उदय हुआ; वह फिर 23:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।