Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 16 नवंबर 1997
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
16 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 16 नवंबर
- 05:00–05:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 09:43–11:20लाभ चौघड़िया
- 11:20–12:57अमृत चौघड़िया
- 12:31–12:57अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:34–16:12शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:26 के बाद
- 19:26–20:49शुभ चौघड़िया
- 20:49–22:12अमृत चौघड़िया
-
20:52–22:25अमृत कालमृगशिरा में
- 02:20–03:43 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:05–06:28 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:00–05:44 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–08:06उद्वेगअशुभ
- 08:06–09:43चरसामान्य
- 09:43–11:20लाभशुभ
- 11:20–12:57अमृतशुभ
- 12:57–14:34कालअशुभ
- 14:34–16:12शुभ
- 16:12–17:49रोगअशुभ
- 17:49–19:26उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:26–20:49शुभ
- 20:49–22:12अमृतशुभ
- 22:12–23:34चरसामान्य
- 23:34–00:57 सोमरोगअशुभ
- 00:57–02:20 सोमकालअशुभ
- 02:20–03:43 सोमलाभशुभ
- 03:43–05:05 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:05–06:28 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 16 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:44, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:28–08:06
- चर, सामान्य, 08:06–09:43
- लाभ, शुभ, 09:43–11:20
- अमृत, शुभ, 11:20–12:57
- काल, अशुभ, 12:57–14:34
- शुभ, 14:34–16:12
- रोग, अशुभ, 16:12–17:49
- उद्वेग, अशुभ, 17:49–19:26
- शुभ, 19:26–20:49
- अमृत, शुभ, 20:49–22:12
- चर, सामान्य, 22:12–23:34
- रोग, अशुभ, 23:34–00:57 सोम
- काल, अशुभ, 00:57–02:20 सोम
- लाभ, शुभ, 02:20–03:43 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:43–05:05 सोम
- शुभ, 05:05–06:28 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:23, शुभ
- यमगण्ड, 12:57–14:34, अशुभ
- गुलिक काल, 16:12–17:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:42–18:34, अशुभ
- राहु काल, 17:49–19:26, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:44 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 16 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.3° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। प्रतिपदा उससे पहले 09:42 शनि पर समाप्त हुई। द्वितीया 07:41 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 14 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
तृतीया क्षय क्यों है?
तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 07:41 को शुरू हुई और 06:20 सोम को समाप्त, 06:28 और 06:28 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को द्वितीया है और सोमवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 16 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:00–05:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:00–05:44।
शनि 15 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:25 शनि से सूर्योदय 06:28 तक थी, 11 घं 3 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 16 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:23
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:23।
रवि 16 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 17:42–18:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:42–18:34।
यहाँ दिन, 06:28 से 19:26, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:42–18:34।
रवि 16 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–08:06 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 19:26, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:26 से 06:28 सोम, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 16 नवंबर को राहुकाल कब है? 17:49–19:26
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:49–19:26।
रवि 16 नवंबर को यमगंड कब है? 12:57–14:34
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:57–14:34।
रवि 16 नवंबर को गुलिक काल कब है? 16:12–17:49
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:12–17:49।
यहाँ दिन 06:28 से 19:26 तक है, 12 घं 58 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 16 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:26, 12 घं 58 मि का दिन।
रवि 16 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:26, 12 घं 58 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 16 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 53.5° पर था: मृगशिरा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:24 सोम को निकलेगा, आर्द्रा में।
रवि 16 नवंबर को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 263.7° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 210.2° + 53.5° = 263.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 11:12 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
रवि 16 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 203.3° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:37 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 07:41 तक है।
रवि 16 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:28 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 16 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 31 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 30 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
रवि 16 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
रवि 16 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919
विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 08:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 216.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 16 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:36
चंद्रमा यहाँ 21:36 पर उदय होता है।
रवि 16 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:17
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:17 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:36 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:17 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:36 पर उदय होगा।