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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 16 अक्टूबर 1997

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:11 06:43 19:13अगला सूर्योदय 06:42 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:43–08:17शुभयमगण्ड में
  • 08:17–09:50रोगअशुभ
  • 09:50–11:24उद्वेगअशुभ
  • 11:24–12:58चरसामान्य
  • 12:58–14:32लाभशुभ
  • 14:32–16:06अमृतराहु काल में
  • 16:06–17:39कालअशुभ
  • 17:39–19:13शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:13–20:39अमृतशुभ
  • 20:39–22:05चरसामान्य
  • 22:05–23:31रोगअशुभ
  • 23:31–00:58 शुक्रकालअशुभ
  • 00:58–02:24 शुक्रलाभशुभ
  • 02:24–03:50 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:50–05:16 शुक्रशुभ
  • 05:16–06:42 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 16 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–05:57, शुभ
  • शुभ, 06:43–08:17
  • रोग, अशुभ, 08:17–09:50
  • उद्वेग, अशुभ, 09:50–11:24
  • चर, सामान्य, 11:24–12:58
  • लाभ, शुभ, 12:58–14:32
  • अमृत, शुभ, 14:32–16:06
  • काल, अशुभ, 16:06–17:39
  • शुभ, 17:39–19:13
  • अमृत, शुभ, 19:13–20:39
  • चर, सामान्य, 20:39–22:05
  • रोग, अशुभ, 22:05–23:31
  • काल, अशुभ, 23:31–00:58 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:58–02:24 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:24–03:50 शुक्र
  • शुभ, 03:50–05:16 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:16–06:42 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:43–08:17, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:50–11:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:53–11:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:33–13:23, शुभ
  • राहु काल, 14:32–16:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:53–16:43, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–05:56 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 182.9° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 182.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 182.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:43। पूर्णिमा उससे पहले 01:45 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 22:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 16 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?

नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Ipameri में प्रतिपदा।

पूर्णिमा प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया गुरु 16 अक्टूबर सुबह शुक्र 17 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 09:15 01:45 05:53 22:23 06:22 पूर्णिमा 06:23 द्वितीया 06:43 प्रतिपदा 06:42 द्वितीया
पूर्णिमा प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया गुरु 16 अक्टूबर सुबह शुक्र 17 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 09:15 01:45 05:53 22:23 06:22 पूर्णिमा 06:23 द्वितीया 06:43 प्रतिपदा 06:42 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:22, पूर्णिमा की समाप्ति 09:15 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 05:53 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−2

यहाँ सूर्योदय, 06:43, पूर्णिमा की समाप्ति 01:45 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

गुरु 16 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–05:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–05:57।

सूर्यास्त 19:13 बुध सूर्योदय 06:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 15 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:13 बुध सूर्योदय 06:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 15 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 15 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:13 बुध से सूर्योदय 06:43 तक थी, 11 घं 30 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 16 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:33–13:23

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:33–13:23।

गुरु 16 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:53–11:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:53–11:43 और 15:53–16:43।

गुरु 16 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:53–16:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:53–11:43 और 15:53–16:43।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:43 से 19:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:53–11:43 और 15:53–16:43।

गुरु 16 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:43–08:17 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:43 से 19:13, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:13 से 06:42 शुक्र, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 16 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:32–16:06

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:32–16:06।

गुरु 16 अक्टूबर को यमगंड कब है? 06:43–08:17

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:43–08:17।

गुरु 16 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 09:50–11:24

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:24।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:43 से 19:13 तक है, 12 घं 30 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 16 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 19:13, 12 घं 30 मि का दिन।

गुरु 16 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 19:13, 12 घं 30 मि का दिन।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:04 चंद्रोदय 19:56
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:04 चंद्रोदय 19:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 2.1° पर था: अश्विनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 2.1° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 2.1° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 0° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:48 शुक्र को निकलेगा, भरणी में।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 181.3° थे: हर्षण।

सूर्य 179.2° + चंद्रमा 2.1° = 181.3° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 179.2° + चंद्रमा 2.1° = 181.3° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 179.2° + 2.1° = 181.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 14:48 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 182.9° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 182.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 182.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 12:02 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 22:23 तक।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:43, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:43 से 06:42 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 1 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 16 अक्टूबर अमावस्या 1 अक्टू॰ पूर्णिमा 16 अक्टू॰ अमावस्या 31 अक्टू॰ पूर्णिमा 14 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 16 अक्टूबर अमावस्या 1 अक्टू॰ पूर्णिमा 16 अक्टू॰ अमावस्या 31 अक्टू॰ पूर्णिमा 14 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

गुरु 16 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919

विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 08:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 16 अक्टूबर सूर्य 179.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 08:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 16 अक्टूबर सूर्य 179.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 08:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 185.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 16 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:56

चंद्रमा यहाँ 19:56 पर उदय होता है।

गुरु 16 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:04

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:04 चंद्रोदय 19:56
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 19:13 सूर्योदय 06:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:04 चंद्रोदय 19:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:04 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:56 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:04 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:56 पर उदय होगा।