tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 7 अप्रैल 1997

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 08:01 तक

फिर प्रतिपदा · 05:13 मंगल तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:20⁠–⁠08:42
प्रातःकाल 06:20⁠–⁠08:42

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना सोम 7 अप्रैल को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। सोम 7 अप्रैल क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर सोम 7 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 2054 आरंभ होता है। सोम 7 अप्रैल क्यों?

नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या सोम 7 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 7 अप्रैल क्यों?

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:42 06:20 18:09अगला सूर्योदय 06:20 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:20–07:48अमृतशुभ
  • 07:48–09:17कालअशुभ
  • 09:17–10:46शुभ
  • 10:46–12:14रोगअशुभ
  • 12:14–13:43उद्वेगअशुभ
  • 13:43–15:12चरसामान्य
  • 15:12–16:40लाभशुभ
  • 16:40–18:09अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:09–19:40चरसामान्य
  • 19:40–21:12रोगअशुभ
  • 21:12–22:43कालअशुभ
  • 22:43–00:14 मंगललाभशुभ
  • 00:14–01:46 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:46–03:17 मंगलशुभ
  • 03:17–04:49 मंगलअमृतशुभ
  • 04:49–06:20 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 7 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:31, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:20–07:48
  • काल, अशुभ, 07:48–09:17
  • शुभ, 09:17–10:46
  • रोग, अशुभ, 10:46–12:14
  • उद्वेग, अशुभ, 12:14–13:43
  • चर, सामान्य, 13:43–15:12
  • लाभ, शुभ, 15:12–16:40
  • अमृत, शुभ, 16:40–18:09
  • चर, सामान्य, 18:09–19:40
  • रोग, अशुभ, 19:40–21:12
  • काल, अशुभ, 21:12–22:43
  • लाभ, शुभ, 22:43–00:14 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:14–01:46 मंगल
  • शुभ, 01:46–03:17 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:17–04:49 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:49–06:20 मंगल
  • राहु काल, 07:48–09:17, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:46–12:14, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:38, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:38–13:25, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:43–15:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:00–15:47, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:31 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में चैत्र नवरात्रि सोम 7 अप्रैल को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना सोम 7 अप्रैल को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या प्रतिपदा 06:20 08:01 05:00 06:00 07:00 09:00 10:00 सोम 7 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:20–08:42
अमावस्या प्रतिपदा 06:20 08:01 05:00 07:00 09:00 सोम 7 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:20–08:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा सोम 7 अप्रैल को 08:01 से मंगल 8 अप्रैल को 05:13 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार के प्रातःकाल (06:20–08:42) को छूती है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में नव संवत्सर सोम 7 अप्रैल को क्यों है?

नव संवत्सर सोम 7 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 2054 आरंभ होता है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 6 अप्रैल सूर्योदय 06:20
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 6 अप्रैल सूर्योदय 06:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2054 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। यहाँ प्रतिपदा किसी सूर्योदय पर नहीं है, इसलिए वर्ष उसी दिन आरंभ होता है जिस दिन वह चलती है: सोम 7 अप्रैल।

नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में अमावस्या सोम 7 अप्रैल को क्यों है?

अमावस्या सोम 7 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 6 अप्रैल सूर्योदय 06:20
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 6 अप्रैल सूर्योदय 06:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 6 अप्रैल को 11:06 से सोम 7 अप्रैल को 08:01 तक है, इसलिए वह केवल सोम 7 अप्रैल के सूर्योदय (06:20) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

सोम 7 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:20। चतुर्दशी उससे पहले 11:06 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 08:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 24 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 7 अप्रैल सुबह मंगल 8 अप्रैल सुबह Ipameri UTC−3 08:01 05:13 06:20 अमावस्या 06:20 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 7 अप्रैल सुबह मंगल 8 अप्रैल सुबह Ipameri UTC−3 08:01 05:13 06:20 अमावस्या 06:20 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 08:01 को शुरू हुई और 05:13 मंगल को समाप्त, 06:20 और 06:20 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को अमावस्या है और मंगलवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 7 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:31।

सूर्यास्त 18:10 रवि सूर्योदय 06:20 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 6 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:10 रवि सूर्योदय 06:20 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 6 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 6 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:10 रवि से सूर्योदय 06:20 तक थी, 12 घं 10 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 7 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:38

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:38।

सोम 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 12:38–13:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:38–13:25 और 15:00–15:47।

सोम 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 15:00–15:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:38–13:25 और 15:00–15:47।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:20 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:38–13:25 और 15:00–15:47।

सोम 7 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:20–07:48 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:20 से 18:09, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:09 से 06:20 मंगल, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 7 अप्रैल को राहुकाल कब है? 07:48–09:17

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:17।

सोम 7 अप्रैल को यमगंड कब है? 10:46–12:14

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:46–12:14।

सोम 7 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 13:43–15:12

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:43–15:12।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:20 से 18:09 तक है, 11 घं 49 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 7 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:09, 11 घं 49 मि का दिन।

सोम 7 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:09, 11 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:30 चंद्रोदय 06:21
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:30 चंद्रोदय 06:21
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 352.8° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 352.8° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 352.8° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 18:07 को निकलेगा, अश्विनी में।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 706.6° थे, एक चक्कर और 346.6°: इन्द्र।

सूर्य 353.8° + चंद्रमा 352.8° = 706.6° एक चक्कर + 346.6° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 353.8° + चंद्रमा 352.8° = 706.6° एक चक्कर + 346.6° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 353.8° + 352.8° = 706.6°, एक पूरा चक्कर और 346.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 06:26 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:32 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 08:01 तक है।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:20, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:20 से 06:20 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 8 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र फाल्गुन कृष्ण शुक्ल सोम 7 अप्रैल अमावस्या 8 मार्च पूर्णिमा 24 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 22 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र फाल्गुन कृष्ण शुक्ल सोम 7 अप्रैल अमावस्या 8 मार्च पूर्णिमा 24 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 22 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

सोम 7 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919

विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 08:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 7 अप्रैल सूर्य 353.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 08:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 7 अप्रैल सूर्य 353.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 08:01। तब से सूर्य तारों के बीच -0.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 7 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:21

चंद्रमा यहाँ 06:21 पर उदय होता है।

सोम 7 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:30

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:30 चंद्रोदय 06:21
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 06:20 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:30 चंद्रोदय 06:21
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:21 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:30 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:21 पर उदय हुआ; वह फिर 18:30 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।