tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 26 दिसंबर 1995

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

पञ्चमी

शुक्ल पक्ष · 07:44 तक

फिर षष्ठी · 06:04 बुध तक

यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:11 06:37 19:48अगला सूर्योदय 06:38 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:37–08:16रोगअशुभ
  • 08:16–09:55उद्वेगअशुभ
  • 09:55–11:34चरसामान्य
  • 11:34–13:13लाभशुभ
  • 13:13–14:52अमृतगुलिक काल में
  • 14:52–16:31कालअशुभ
  • 16:31–18:10शुभराहु काल में
  • 18:10–19:48रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:48–21:10कालअशुभ
  • 21:10–22:31लाभशुभ
  • 22:31–23:52उद्वेगअशुभ
  • 23:52–01:13 बुधशुभ
  • 01:13–02:34 बुधअमृतशुभ
  • 02:34–03:55 बुधचरसामान्य
  • 03:55–05:16 बुधरोगअशुभ
  • 05:16–06:38 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 26 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–05:54, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:37–08:16
  • उद्वेग, अशुभ, 08:16–09:55
  • चर, सामान्य, 09:55–11:34
  • लाभ, शुभ, 11:34–13:13
  • अमृत, शुभ, 13:13–14:52
  • काल, अशुभ, 14:52–16:31
  • शुभ, 16:31–18:10
  • रोग, अशुभ, 18:10–19:48
  • काल, अशुभ, 19:48–21:10
  • लाभ, शुभ, 21:10–22:31
  • उद्वेग, अशुभ, 22:31–23:52
  • शुभ, 23:52–01:13 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:13–02:34 बुध
  • चर, सामान्य, 02:34–03:55 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:55–05:16 बुध
  • काल, अशुभ, 05:16–06:38 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:15–10:08, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:55–11:34, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:46–13:39, शुभ
  • गुलिक काल, 13:13–14:52, अशुभ
  • राहु काल, 16:31–18:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:08–00:51 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–05:54 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 26 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 59.4° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 59.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 59.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:37। चतुर्थी उससे पहले 10:08 सोम पर समाप्त हुई। पञ्चमी 07:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 22 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

षष्ठी क्षय क्यों है?

षष्ठी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी मंगल 26 दिसंबर सुबह बुध 27 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−2 07:44 06:04 06:37 पञ्चमी 06:38 सप्तमी षष्ठी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी मंगल 26 दिसंबर सुबह बुध 27 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−2 07:44 06:04 06:37 पञ्चमी 06:38 सप्तमी षष्ठी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। षष्ठी 07:44 को शुरू हुई और 06:04 बुध को समाप्त, 06:37 और 06:38 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को पञ्चमी है और बुधवार को सप्तमी: षष्ठी यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 26 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–05:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–05:54।

सूर्यास्त 19:48 सोम सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 25 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:48 सोम सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 25 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 25 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:48 सोम से सूर्योदय 06:37 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 26 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:46–13:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:46–13:39।

मंगल 26 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:15–10:08

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:15–10:08, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:08 बुध–00:51 बुध।

मंगल 26 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 00:08–00:51 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:15–10:08, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:08 बुध–00:51 बुध।

सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:37 से 19:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:15–10:08 और 00:08 बुध–00:51 बुध।

मंगल 26 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:37–08:16 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:37 से 19:48, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:48 से 06:38 बुध, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 26 दिसंबर को राहुकाल कब है? 16:31–18:10

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:31–18:10।

मंगल 26 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:55–11:34

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:55–11:34।

मंगल 26 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:13–14:52

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:13–14:52।

सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:37 से 19:48 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 26 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 19:48, 13 घं 11 मि का दिन।

मंगल 26 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:48

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 19:48, 13 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:50 चंद्रोदय 11:14
सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:50 चंद्रोदय 11:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 309.6° पर था: शतभिषा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 309.6° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 309.6° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 306°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:20 बुध को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 559.9° थे, एक चक्कर और 199.9°: वज्र।

सूर्य 250.3° + चंद्रमा 309.6° = 559.9° एक चक्कर + 199.9° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 250.3° + चंद्रमा 309.6° = 559.9° एक चक्कर + 199.9° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 250.3° + 309.6° = 559.9°, एक पूरा चक्कर और 199.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 06:40 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 59.4° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 59.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 59.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:51 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 07:44 तक है।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:37, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:37 से 06:38 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 22 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 20 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल मंगल 26 दिसंबर पूर्णिमा 6 दिस॰ अमावस्या 22 दिस॰ पूर्णिमा 5 जन॰ अमावस्या 20 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल मंगल 26 दिसंबर पूर्णिमा 6 दिस॰ अमावस्या 22 दिस॰ पूर्णिमा 5 जन॰ अमावस्या 20 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

मंगल 26 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2052 · शक 1917

विक्रम संवत 2052 30 मार्च 1995 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1995 23:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 26 दिसंबर सूर्य 250.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1995 23:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 26 दिसंबर सूर्य 250.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1995, 23:08 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 264.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2052 गिनता है; शक संवत 1917।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 26 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:14

चंद्रमा यहाँ 11:14 पर उदय होता है।

मंगल 26 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:50

सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:50 चंद्रोदय 11:14
सूर्योदय 06:37 सूर्यास्त 19:48 सूर्योदय 06:38 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:50 चंद्रोदय 11:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:14 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:50 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:14 पर उदय हुआ; वह फिर 23:50 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।