Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 5 नवंबर 1991
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
त्योहार
दीवाली · लक्ष्मी पूजा
दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 5 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। मंगल 5 नवंबर क्यों?
दीवाली: Ipameri में हर तारीख़त्योहार
नरक चतुर्दशी
नरक चतुर्दशी मंगल 5 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 5 नवंबर क्यों?
नरक चतुर्दशी: Ipameri में हर तारीख़5 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 5 नवंबर
- 05:02–05:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:32 से
- 11:20–12:56लाभ चौघड़िया
- 12:30–12:56अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:56–14:32अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:08–17:44शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:20 के बाद
- 20:44–22:08लाभ चौघड़िया
- 23:32–23:49शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:33–00:56 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:33–02:10 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · स्वाती में
- 00:56–02:20 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:02–05:47 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:32–08:08रोगअशुभ
- 08:08–09:44उद्वेगअशुभ
- 09:44–11:20चरसामान्य
- 11:20–12:56लाभशुभ
- 12:56–14:32अमृतगुलिक काल में
- 14:32–16:08कालअशुभ
- 16:08–17:44शुभराहु काल में
- 17:44–19:20रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:20–20:44कालअशुभ
- 20:44–22:08लाभशुभ
- 22:08–23:32उद्वेगअशुभ
- 23:32–00:56 बुधशुभ
- 00:56–02:20 बुधअमृतशुभ
- 02:20–03:44 बुधचरसामान्य
- 03:44–05:08 बुधरोगअशुभ
- 05:08–06:31 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 5 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:47, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:32–08:08
- उद्वेग, अशुभ, 08:08–09:44
- चर, सामान्य, 09:44–11:20
- लाभ, शुभ, 11:20–12:56
- अमृत, शुभ, 12:56–14:32
- काल, अशुभ, 14:32–16:08
- शुभ, 16:08–17:44
- रोग, अशुभ, 17:44–19:20
- काल, अशुभ, 19:20–20:44
- लाभ, शुभ, 20:44–22:08
- उद्वेग, अशुभ, 22:08–23:32
- शुभ, 23:32–00:56 बुध
- अमृत, शुभ, 00:56–02:20 बुध
- चर, सामान्य, 02:20–03:44 बुध
- रोग, अशुभ, 03:44–05:08 बुध
- काल, अशुभ, 05:08–06:31 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:06–09:57, अशुभ
- यमगण्ड, 09:44–11:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:30–13:22, शुभ
- गुलिक काल, 12:56–14:32, अशुभ
- राहु काल, 16:08–17:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:49–00:33 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:47 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में दीवाली मंगल 5 नवंबर को क्यों है?
दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 5 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या मंगल 5 नवंबर को 09:07 से बुध 6 नवंबर को 09:11 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (19:20–21:34) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 19:20–21:34। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 20:04 से 21:34 तक उदित रहता है।
Ipameri में नरक चतुर्दशी मंगल 5 नवंबर को क्यों है?
नरक चतुर्दशी मंगल 5 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं।
अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी सोम 4 नवंबर को 09:31 से मंगल 5 नवंबर को 09:07 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का अरुणोदय (04:56–06:32) उसके भीतर है। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 5 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.7° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। त्रयोदशी उससे पहले 09:31 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 23 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 5 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:02–05:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:02–05:47।
सोम 4 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:20 सोम से सूर्योदय 06:32 तक थी, 11 घं 12 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 5 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:30–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:30–13:22।
मंगल 5 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:06–09:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:06–09:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:49–00:33 बुध।
मंगल 5 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:49–00:33 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:06–09:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:49–00:33 बुध।
यहाँ दिन, 06:32 से 19:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:06–09:57 और 23:49–00:33 बुध।
मंगल 5 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:32–08:08 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:32 से 19:20, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:20 से 06:31 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 5 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:08–17:44
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:08–17:44।
मंगल 5 नवंबर को यमगंड कब है? 09:44–11:20
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:44–11:20।
मंगल 5 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:56–14:32
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:56–14:32।
यहाँ दिन 06:32 से 19:20 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 5 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:20, 12 घं 48 मि का दिन।
मंगल 5 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:20, 12 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 185.4° पर था: चित्रा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:54 को निकलेगा, स्वाती में।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 384.1° थे, एक चक्कर और 24.1°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 198.7° + 185.4° = 384.1°, एक पूरा चक्कर और 24.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 10:59 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.7° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 21:16 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 09:07 तक है।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:31 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 7 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 6 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 5 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2048 · शक 1913
विक्रम संवत 2048 16 मार्च 1991 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 1991, 05:10 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2048 गिनता है; शक संवत 1913।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 5 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:19 बुध
चंद्रमा यहाँ 06:19 बुध पर उदय होता है।
मंगल 5 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:19 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:19 बुध पर उदय होगा।