tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 23 अगस्त 1990

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

तृतीया

शुक्ल पक्ष · 08:45 तक

फिर चतुर्थी · 09:38 शुक्र तक

त्योहार

गणेश चतुर्थी

गणेश पूजा मुहूर्त
11:05⁠–⁠13:25
मध्याह्न 11:05⁠–⁠13:25

गणेश चतुर्थी गुरु 23 अगस्त को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में चतुर्थी है, और किसी दिन नहीं। गुरु 23 अगस्त क्यों?

गणेश चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

त्योहार

हरतालिका तीज

हरतालिका पूजा मुहूर्त
06:26⁠–⁠08:46
प्रातःकाल 06:26⁠–⁠08:46

हरतालिका तीज गुरु 23 अगस्त को है: उस सुबह तृतीया प्रातःकाल का बुध 22 अगस्त से अधिक भाग घेरती है। गुरु 23 अगस्त क्यों?

हरतालिका तीज: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:47 06:26 18:04अगला सूर्योदय 06:26 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:26–07:53शुभयमगण्ड में
  • 07:53–09:21रोगअशुभ
  • 09:21–10:48उद्वेगअशुभ
  • 10:48–12:15चरसामान्य
  • 12:15–13:42लाभशुभ
  • 13:42–15:09अमृतराहु काल में
  • 15:09–16:37कालअशुभ
  • 16:37–18:04शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:04–19:37अमृतशुभ
  • 19:37–21:09चरसामान्य
  • 21:09–22:42रोगअशुभ
  • 22:42–00:15 शुक्रकालअशुभ
  • 00:15–01:47 शुक्रलाभशुभ
  • 01:47–03:20 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:20–04:53 शुक्रशुभ
  • 04:53–06:26 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 23 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:37, शुभ
  • शुभ, 06:26–07:53
  • रोग, अशुभ, 07:53–09:21
  • उद्वेग, अशुभ, 09:21–10:48
  • चर, सामान्य, 10:48–12:15
  • लाभ, शुभ, 12:15–13:42
  • अमृत, शुभ, 13:42–15:09
  • काल, अशुभ, 15:09–16:37
  • शुभ, 16:37–18:04
  • अमृत, शुभ, 18:04–19:37
  • चर, सामान्य, 19:37–21:09
  • रोग, अशुभ, 21:09–22:42
  • काल, अशुभ, 22:42–00:15 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:15–01:47 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:47–03:20 शुक्र
  • शुभ, 03:20–04:53 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:53–06:26 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:26–07:53, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:21–10:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:19–11:05, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:38, शुभ
  • राहु काल, 13:42–15:09, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:58–15:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:36 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में गणेश चतुर्थी गुरु 23 अगस्त को क्यों है?

गणेश चतुर्थी गुरु 23 अगस्त को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में चतुर्थी है, और किसी दिन नहीं।

चतुर्थी 09:00 11:00 13:00 15:00 गुरु 23 अगस्त स्मार्त · वैष्णव मध्याह्न 11:05–13:25
चतुर्थी 09:00 11:00 13:00 15:00 गुरु 23 अगस्त स्मार्त · वैष्णव मध्याह्न 11:05–13:25
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: मध्याह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

गणेश पूजा मध्याह्न में होती है, दिन का बीच का पाँचवाँ भाग। चतुर्थी गुरु 23 अगस्त को 08:45 से शुक्र 24 अगस्त को 09:38 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का मध्याह्न (11:05–13:25) उसके भीतर है।

गणेश चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में हरतालिका तीज गुरु 23 अगस्त को क्यों है?

हरतालिका तीज गुरु 23 अगस्त को है: उस सुबह तृतीया प्रातःकाल का बुध 22 अगस्त से अधिक भाग घेरती है।

द्वितीया तृतीया 06:27 08:28 05:00 06:00 07:00 10:00 बुध 22 अगस्त प्रातःकाल 06:27–08:46
द्वितीया तृतीया 06:27 08:28 05:00 07:00 बुध 22 अगस्त प्रातःकाल 06:27–08:46
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

हरतालिका तीज की पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। तृतीया बुध 22 अगस्त को 08:28 से गुरु 23 अगस्त को 08:45 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: गुरु 23 अगस्त। हरतालिका तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

हरतालिका तीज: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 23 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 34.9° आगे था: शुक्ल तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 34.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 34.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:26। द्वितीया उससे पहले 08:28 बुध पर समाप्त हुई। तृतीया 08:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 20 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:47–05:37

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:47–05:37।

सूर्यास्त 18:04 बुध सूर्योदय 06:26 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:04 बुध सूर्योदय 06:26 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 22 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:04 बुध से सूर्योदय 06:26 तक थी, 12 घं 22 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 23 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:38

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:38।

गुरु 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 10:19–11:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:19–11:05 और 14:58–15:44।

गुरु 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 14:58–15:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:19–11:05 और 14:58–15:44।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:26 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:19–11:05 और 14:58–15:44।

गुरु 23 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:26–07:53 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:26 से 18:04, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:04 से 06:26 शुक्र, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 23 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:42–15:09

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:42–15:09।

गुरु 23 अगस्त को यमगंड कब है? 06:26–07:53

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:26–07:53।

गुरु 23 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:21–10:48

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:21–10:48।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:26 से 18:04 तक है, 11 घं 38 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 23 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:26

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:04, 11 घं 38 मि का दिन।

गुरु 23 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:04, 11 घं 38 मि का दिन।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:54 चंद्रोदय 08:13
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:54 चंद्रोदय 08:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 161.1° पर था: हस्त, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 161.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 161.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:42 शुक्र को निकलेगा, चित्रा में।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 287.4° थे: साध्य।

सूर्य 126.3° + चंद्रमा 161.1° = 287.4° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 126.3° + चंद्रमा 161.1° = 287.4° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 126.3° + 161.1° = 287.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 16:52 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 34.9° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 34.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° गर 30°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 34.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° गर 30°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:32 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 08:45 तक है।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:26, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:26 से 06:26 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 20 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 18 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 23 अगस्त पूर्णिमा 6 अग॰ अमावस्या 20 अग॰ पूर्णिमा 4 सित॰ अमावस्या 18 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 23 अगस्त पूर्णिमा 6 अग॰ अमावस्या 20 अग॰ पूर्णिमा 4 सित॰ अमावस्या 18 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2047 · शक 1912

विक्रम संवत 2047 26 मार्च 1990 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1990 16:48 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 अगस्त सूर्य 126.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1990 16:48 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 अगस्त सूर्य 126.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 1990, 16:48 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 144.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2047 गिनता है; शक संवत 1912।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 23 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:13

चंद्रमा यहाँ 08:13 पर उदय होता है।

गुरु 23 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:54

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:54 चंद्रोदय 08:13
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:54 चंद्रोदय 08:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:13 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:54 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:13 पर उदय हुआ; वह फिर 20:54 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।