Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 30 दिसंबर 1986
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 30 दिसंबर क्यों?
अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़30 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 दिसंबर
- 05:13–05:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:39 से
- 11:36–13:15लाभ चौघड़िया
- 12:48–13:15अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:15–14:54अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
16:17–16:32अमृत कालराहु काल छोड़कर · मूल में
- 16:32–18:11शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:50 के बाद
- 21:11–22:33लाभ चौघड़िया
- 23:54–00:10 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:53–01:15 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:15–02:36 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:13–05:57 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:39–08:18रोगअशुभ
- 08:18–09:57उद्वेगअशुभ
- 09:57–11:36चरसामान्य
- 11:36–13:15लाभशुभ
- 13:15–14:54अमृतगुलिक काल में
- 14:54–16:32कालअशुभ
- 16:32–18:11शुभराहु काल में
- 18:11–19:50रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:50–21:11कालअशुभ
- 21:11–22:33लाभशुभ
- 22:33–23:54उद्वेगअशुभ
- 23:54–01:15 बुधशुभ
- 01:15–02:36 बुधअमृतशुभ
- 02:36–03:58 बुधचरसामान्य
- 03:58–05:19 बुधरोगअशुभ
- 05:19–06:40 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–05:56, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:39–08:18
- उद्वेग, अशुभ, 08:18–09:57
- चर, सामान्य, 09:57–11:36
- लाभ, शुभ, 11:36–13:15
- अमृत, शुभ, 13:15–14:54
- काल, अशुभ, 14:54–16:32
- शुभ, 16:32–18:11
- रोग, अशुभ, 18:11–19:50
- काल, अशुभ, 19:50–21:11
- लाभ, शुभ, 21:11–22:33
- उद्वेग, अशुभ, 22:33–23:54
- शुभ, 23:54–01:15 बुध
- अमृत, शुभ, 01:15–02:36 बुध
- चर, सामान्य, 02:36–03:58 बुध
- रोग, अशुभ, 03:58–05:19 बुध
- काल, अशुभ, 05:19–06:40 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:18–10:10, अशुभ
- यमगण्ड, 09:57–11:36, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:48–13:41, शुभ
- गुलिक काल, 13:15–14:54, अशुभ
- राहु काल, 16:32–18:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:10–00:53 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–05:57 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को 05:04 से बुध 31 दिसंबर को 01:09 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 30 दिसंबर के सूर्योदय (06:39) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। चतुर्दशी उससे पहले 05:04 पर समाप्त हुई। अमावस्या 01:09 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:13, चतुर्दशी की समाप्ति 12:34 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 06:39, चतुर्दशी की समाप्ति 05:04 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
मंगल 30 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:13–05:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:13–05:56।
सोम 29 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:50 सोम से सूर्योदय 06:39 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 30 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:48–13:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:48–13:41।
मंगल 30 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:18–10:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:18–10:10, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:10 बुध–00:53 बुध।
मंगल 30 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 00:10–00:53 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:18–10:10, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:10 बुध–00:53 बुध।
यहाँ दिन, 06:39 से 19:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:18–10:10 और 00:10 बुध–00:53 बुध।
मंगल 30 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:39–08:18 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:39 से 19:50, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:50 से 06:40 बुध, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 30 दिसंबर को राहुकाल कब है? 16:32–18:11
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:32–18:11।
मंगल 30 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:57–11:36
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:57–11:36।
मंगल 30 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:15–14:54
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:15–14:54।
यहाँ दिन 06:39 से 19:50 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 30 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 19:50, 13 घं 11 मि का दिन।
मंगल 30 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 19:50, 13 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 243.6° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:50 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 498.3° थे, एक चक्कर और 138.3°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 254.7° + 243.6° = 498.3°, एक पूरा चक्कर और 138.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 18:56 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.9° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 15:07 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 01:09 बुध तक।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:40 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 1 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 31 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
मंगल 30 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2043 · शक 1908
विक्रम संवत 2043 9 अप्रैल 1986 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 1986, 03:08 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 259.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2043 गिनता है; शक संवत 1908।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 30 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:40
चंद्रमा यहाँ 19:40 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 19:40 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।