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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 25 जुलाई 1985

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:59 06:41 17:57अगला सूर्योदय 06:41 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:41–08:06शुभयमगण्ड में
  • 08:06–09:30रोगअशुभ
  • 09:30–10:54उद्वेगअशुभ
  • 10:54–12:19चरसामान्य
  • 12:19–13:43लाभशुभ
  • 13:43–15:08अमृतराहु काल में
  • 15:08–16:32कालअशुभ
  • 16:32–17:57शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:57–19:32अमृतशुभ
  • 19:32–21:08चरसामान्य
  • 21:08–22:43रोगअशुभ
  • 22:43–00:19 शुक्रकालअशुभ
  • 00:19–01:54 शुक्रलाभशुभ
  • 01:54–03:30 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:30–05:05 शुक्रशुभ
  • 05:05–06:41 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 25 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:50, शुभ
  • शुभ, 06:41–08:06
  • रोग, अशुभ, 08:06–09:30
  • उद्वेग, अशुभ, 09:30–10:54
  • चर, सामान्य, 10:54–12:19
  • लाभ, शुभ, 12:19–13:43
  • अमृत, शुभ, 13:43–15:08
  • काल, अशुभ, 15:08–16:32
  • शुभ, 16:32–17:57
  • अमृत, शुभ, 17:57–19:32
  • चर, सामान्य, 19:32–21:08
  • रोग, अशुभ, 21:08–22:43
  • काल, अशुभ, 22:43–00:19 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:19–01:54 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:54–03:30 शुक्र
  • शुभ, 03:30–05:05 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:05–06:41 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:41–08:06, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:30–10:54, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:26–11:11, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:41, शुभ
  • राहु काल, 13:43–15:08, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:56–15:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:50 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 25 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 95.5° आगे था: शुक्ल अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 95.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 95.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। सप्तमी उससे पहले 09:42 बुध पर समाप्त हुई। अष्टमी 07:34 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 17 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नवमी क्षय क्यों है?

नवमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी गुरु 25 जुलाई सुबह शुक्र 26 जुलाई सुबह Ipameri UTC−3 07:34 05:25 06:41 अष्टमी 06:41 दशमी नवमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अष्टमी नवमी नवमी दशमी गुरु 25 जुलाई सुबह शुक्र 26 जुलाई सुबह Ipameri UTC−3 07:34 05:25 06:41 अष्टमी 06:41 दशमी नवमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 07:34 को शुरू हुई और 05:25 शुक्र को समाप्त, 06:41 और 06:41 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को अष्टमी है और शुक्रवार को दशमी: नवमी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 25 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:50

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:50।

सूर्यास्त 17:56 बुध सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 24 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:56 बुध सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 24 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 24 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:56 बुध से सूर्योदय 06:41 तक थी, 12 घं 45 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 25 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:41

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:41।

गुरु 25 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:26–11:11

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:26–11:11 और 14:56–15:41।

गुरु 25 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:56–15:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:26–11:11 और 14:56–15:41।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:41 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:26–11:11 और 14:56–15:41।

गुरु 25 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:41–08:06 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:41 से 17:57, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:57 से 06:41 शुक्र, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 25 जुलाई को राहुकाल कब है? 13:43–15:08

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:43–15:08।

गुरु 25 जुलाई को यमगंड कब है? 06:41–08:06

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:41–08:06।

गुरु 25 जुलाई को गुलिक काल कब है? 09:30–10:54

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:30–10:54।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:41 से 17:57 तक है, 11 घं 16 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 25 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 16 मि का दिन।

गुरु 25 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 16 मि का दिन।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:25 शुक्र चंद्रोदय 12:16
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:25 शुक्र चंद्रोदय 12:16
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 194.3° पर था: स्वाती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 194.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 194.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:27 को निकलेगा, विशाखा में।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 293° थे: साध्य।

सूर्य 98.7° + चंद्रमा 194.3° = 293.0° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 98.7° + चंद्रमा 194.3° = 293.0° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 98.7° + 194.3° = 293°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 07:14 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 95.5° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 95.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° बव 90°–96° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 95.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° बव 90°–96° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:38 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 07:34 तक है।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:41 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)

17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 20:56 बुध से 16 अगस्त 07:05 शुक्र तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 11:23 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।

अमान्त श्रावण (अधिक) पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 25 जुलाई पूर्णिमा 2 जुल॰ अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 16 अग॰
अमान्त श्रावण (अधिक) पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 25 जुलाई पूर्णिमा 2 जुल॰ अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 16 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।

गुरु 25 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907

विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 1985 08:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 25 जुलाई सूर्य 98.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 1985 08:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 25 जुलाई सूर्य 98.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 08:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 121.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 25 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:16

चंद्रमा यहाँ 12:16 पर उदय होता है।

गुरु 25 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:25 शुक्र

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:25 शुक्र चंद्रोदय 12:16
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:25 शुक्र चंद्रोदय 12:16
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:16 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:25 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:16 पर उदय हुआ; वह फिर 01:25 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।