tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 4 मई 1981

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:26 17:51अगला सूर्योदय 06:27 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:26–07:52अमृतशुभ
  • 07:52–09:18कालअशुभ
  • 09:18–10:43शुभ
  • 10:43–12:09रोगअशुभ
  • 12:09–13:35उद्वेगअशुभ
  • 13:35–15:00चरसामान्य
  • 15:00–16:26लाभशुभ
  • 16:26–17:51अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:51–19:26चरसामान्य
  • 19:26–21:00रोगअशुभ
  • 21:00–22:35कालअशुभ
  • 22:35–00:09 मंगललाभशुभ
  • 00:09–01:43 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:43–03:18 मंगलशुभ
  • 03:18–04:52 मंगलअमृतशुभ
  • 04:52–06:27 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:36, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:26–07:52
  • काल, अशुभ, 07:52–09:18
  • शुभ, 09:18–10:43
  • रोग, अशुभ, 10:43–12:09
  • उद्वेग, अशुभ, 12:09–13:35
  • चर, सामान्य, 13:35–15:00
  • लाभ, शुभ, 15:00–16:26
  • अमृत, शुभ, 16:26–17:51
  • चर, सामान्य, 17:51–19:26
  • रोग, अशुभ, 19:26–21:00
  • काल, अशुभ, 21:00–22:35
  • लाभ, शुभ, 22:35–00:09 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:09–01:43 मंगल
  • शुभ, 01:43–03:18 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:18–04:52 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:52–06:27 मंगल
  • राहु काल, 07:52–09:18, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:43–12:09, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:32, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:32–13:17, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:35–15:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:49–15:34, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:36 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 4 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 3.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:26। अमावस्या उससे पहले 01:19 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 21:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 4 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Ipameri में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 4 मई सुबह मंगल 5 मई सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:49 01:19 05:53 21:23 05:38 अमावस्या 05:37 प्रतिपदा 06:26 प्रतिपदा 06:27 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 4 मई सुबह मंगल 5 मई सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:49 01:19 05:53 21:23 05:38 अमावस्या 05:37 प्रतिपदा 06:26 प्रतिपदा 06:27 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:38, अमावस्या की समाप्ति 09:49 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:26, अमावस्या की समाप्ति 01:19 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

सोम 4 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:36।

सूर्यास्त 17:52 रवि सूर्योदय 06:26 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:52 रवि सूर्योदय 06:26 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 मई की रात सूर्यास्त 17:52 रवि से सूर्योदय 06:26 तक थी, 12 घं 34 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:32।

सोम 4 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:32–13:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:32–13:17 और 14:49–15:34।

सोम 4 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:32–13:17 और 14:49–15:34।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:26 से 17:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:32–13:17 और 14:49–15:34।

सोम 4 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:26–07:52 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:26 से 17:51, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:51 से 06:27 मंगल, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 मई को राहुकाल कब है? 07:52–09:18

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:52–09:18।

सोम 4 मई को यमगंड कब है? 10:43–12:09

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:43–12:09।

सोम 4 मई को गुलिक काल कब है? 13:35–15:00

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:35–15:00।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:26 से 17:51 तक है, 11 घं 25 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:26

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 25 मि का दिन।

सोम 4 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 25 मि का दिन।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 06:44
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 06:44
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 23.3° पर था: भरणी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 23.3° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 23.3° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 20° पर उसके पद 3 में आया। वह 11:42 को निकलेगा, कृत्तिका में।

सोम 4 मई को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 43.5° थे: सौभाग्य।

सूर्य 20.2° + चंद्रमा 23.3° = 43.5° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 20.2° + चंद्रमा 23.3° = 43.5° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 20.2° + 23.3° = 43.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 20:53 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

सोम 4 मई को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 3.1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 3.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 11:20 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 21:23 तक।

सोम 4 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:26, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:26 से 06:27 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 4 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

सोम 4 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल सोम 4 मई पूर्णिमा 19 अप्रैल अमावस्या 4 मई पूर्णिमा 18 मई अमावस्या 2 जून
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल सोम 4 मई पूर्णिमा 19 अप्रैल अमावस्या 4 मई पूर्णिमा 18 मई अमावस्या 2 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

सोम 4 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2038 · शक 1903

विक्रम संवत 2038 4 अप्रैल 1981 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 4 अप्रैल 1981 17:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 मई सूर्य 20.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 4 अप्रैल 1981 17:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 मई सूर्य 20.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 1981, 17:19 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 28.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2038 गिनता है; शक संवत 1903।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:44

चंद्रमा यहाँ 06:44 पर उदय होता है।

सोम 4 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:36

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 06:44
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 06:44
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:44 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:36 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:44 पर उदय हुआ; वह फिर 18:36 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।