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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 3 जुलाई 1980

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:00 06:44 17:49अगला सूर्योदय 06:44 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:44–08:07शुभयमगण्ड में
  • 08:07–09:30रोगअशुभ
  • 09:30–10:53उद्वेगअशुभ
  • 10:53–12:17चरसामान्य
  • 12:17–13:40लाभशुभ
  • 13:40–15:03अमृतराहु काल में
  • 15:03–16:26कालअशुभ
  • 16:26–17:49शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:49–19:26अमृतशुभ
  • 19:26–21:03चरसामान्य
  • 21:03–22:40रोगअशुभ
  • 22:40–00:17 शुक्रकालअशुभ
  • 00:17–01:53 शुक्रलाभशुभ
  • 01:53–03:30 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:30–05:07 शुक्रशुभ
  • 05:07–06:44 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 3 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:52, शुभ
  • शुभ, 06:44–08:07
  • रोग, अशुभ, 08:07–09:30
  • उद्वेग, अशुभ, 09:30–10:53
  • चर, सामान्य, 10:53–12:17
  • लाभ, शुभ, 12:17–13:40
  • अमृत, शुभ, 13:40–15:03
  • काल, अशुभ, 15:03–16:26
  • शुभ, 16:26–17:49
  • अमृत, शुभ, 17:49–19:26
  • चर, सामान्य, 19:26–21:03
  • रोग, अशुभ, 21:03–22:40
  • काल, अशुभ, 22:40–00:17 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:17–01:53 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:53–03:30 शुक्र
  • शुभ, 03:30–05:07 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:07–06:44 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:44–08:07, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:30–10:53, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:26–11:10, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:39, शुभ
  • राहु काल, 13:40–15:03, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:52–15:36, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:52 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 3 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 244.8° आगे था: कृष्ण षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 244.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 244.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। पञ्चमी उससे पहले 21:58 बुध पर समाप्त हुई। षष्ठी 19:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 28 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?

नई दिल्ली में पञ्चमी है, Ipameri में षष्ठी।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी गुरु 3 जुलाई सुबह शुक्र 4 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 06:28 21:58 04:18 19:48 05:27 पञ्चमी 05:28 सप्तमी 06:44 षष्ठी 06:44 सप्तमी
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी गुरु 3 जुलाई सुबह शुक्र 4 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 06:28 21:58 04:18 19:48 05:27 पञ्चमी 05:28 सप्तमी 06:44 षष्ठी 06:44 सप्तमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:27, पञ्चमी की समाप्ति 06:28 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है। षष्ठी अगले सूर्योदय से पहले, 04:18 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:44, पञ्चमी की समाप्ति 21:58 बुध के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।

गुरु 3 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:00–05:52

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:00–05:52।

सूर्यास्त 17:49 बुध सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 2 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:49 बुध सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 2 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 2 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:49 बुध से सूर्योदय 06:44 तक थी, 12 घं 55 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 3 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:39।

गुरु 3 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:26–11:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:26–11:10 और 14:52–15:36।

गुरु 3 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:52–15:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:26–11:10 और 14:52–15:36।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:44 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:26–11:10 और 14:52–15:36।

गुरु 3 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:44–08:07 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 17:49, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:49 से 06:44 शुक्र, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 3 जुलाई को राहुकाल कब है? 13:40–15:03

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:40–15:03।

गुरु 3 जुलाई को यमगंड कब है? 06:44–08:07

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:44–08:07।

गुरु 3 जुलाई को गुलिक काल कब है? 09:30–10:53

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:30–10:53।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:44 से 17:49 तक है, 11 घं 5 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 3 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 5 मि का दिन।

गुरु 3 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 5 मि का दिन।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 23:09
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 23:09
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 322.8° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 322.8° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 322.8° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:32 शुक्र को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 400.8° थे, एक चक्कर और 40.8°: सौभाग्य।

सूर्य 78.0° + चंद्रमा 322.8° = 400.8° एक चक्कर + 40.8° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 78.0° + चंद्रमा 322.8° = 400.8° एक चक्कर + 40.8° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 78° + 322.8° = 400.8°, एक पूरा चक्कर और 40.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 02:34 शुक्र को समाप्त होता है, फिर शोभन।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 244.8° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 244.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° गर 240°–246° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 244.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° गर 240°–246° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 08:54 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 19:48 तक।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:44 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 12 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 12 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 3 जुलाई अमावस्या 12 जून पूर्णिमा 28 जून अमावस्या 12 जुल॰ पूर्णिमा 27 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 3 जुलाई अमावस्या 12 जून पूर्णिमा 28 जून अमावस्या 12 जुल॰ पूर्णिमा 27 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

गुरु 3 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2037 · शक 1902

विक्रम संवत 2037 16 मार्च 1980 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 1980 15:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 3 जुलाई सूर्य 78.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 1980 15:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 3 जुलाई सूर्य 78.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 1980, 15:55 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 105.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2037 गिनता है; शक संवत 1902।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 3 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:09

चंद्रमा यहाँ 23:09 पर उदय होता है।

गुरु 3 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:56

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 23:09
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 23:09
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:09 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:09 पर उदय होगा।