Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 10 जून 1980
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 10 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 10 जून क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 10 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 10 जून क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़10 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 जून
- 04:56–05:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:39 से
-
07:40–08:52अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · भरणी में
- 10:49–12:12लाभ चौघड़िया
- 11:50–12:12अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:12–13:35अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:58–16:21शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 19:21–20:58लाभ चौघड़िया
- 22:35–22:54शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:46–00:12 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:12–01:49 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:56–05:48 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:39–08:02रोगअशुभ
- 08:02–09:25उद्वेगअशुभ
- 09:25–10:49चरसामान्य
- 10:49–12:12लाभशुभ
- 12:12–13:35अमृतगुलिक काल में
- 13:35–14:58कालअशुभ
- 14:58–16:21शुभराहु काल में
- 16:21–17:44रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:21कालअशुभ
- 19:21–20:58लाभशुभ
- 20:58–22:35उद्वेगअशुभ
- 22:35–00:12 बुधशुभ
- 00:12–01:49 बुधअमृतशुभ
- 01:49–03:26 बुधचरसामान्य
- 03:26–05:02 बुधरोगअशुभ
- 05:02–06:39 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:47, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:39–08:02
- उद्वेग, अशुभ, 08:02–09:25
- चर, सामान्य, 09:25–10:49
- लाभ, शुभ, 10:49–12:12
- अमृत, शुभ, 12:12–13:35
- काल, अशुभ, 13:35–14:58
- शुभ, 14:58–16:21
- रोग, अशुभ, 16:21–17:44
- काल, अशुभ, 17:44–19:21
- लाभ, शुभ, 19:21–20:58
- उद्वेग, अशुभ, 20:58–22:35
- शुभ, 22:35–00:12 बुध
- अमृत, शुभ, 00:12–01:49 बुध
- चर, सामान्य, 01:49–03:26 बुध
- रोग, अशुभ, 03:26–05:02 बुध
- काल, अशुभ, 05:02–06:39 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:52–09:36, अशुभ
- यमगण्ड, 09:25–10:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:34, शुभ
- गुलिक काल, 12:12–13:35, अशुभ
- राहु काल, 14:58–16:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:54–23:46, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:48 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत मंगल 10 जून को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 10 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 10 जून को 00:44 से मंगल 10 जून को 22:07 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:44–20:19) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि मंगल 10 जून को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 10 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 10 जून को 22:07 से बुध 11 जून को 19:42 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:46–00:38 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 10 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.3° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। द्वादशी उससे पहले 00:44 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 22:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 29 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:22, द्वादशी की समाप्ति 09:14 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:39, द्वादशी की समाप्ति 00:44 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
मंगल 10 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:56–05:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:56–05:47।
सोम 9 जून की रात सूर्यास्त 17:44 सोम से सूर्योदय 06:39 तक थी, 12 घं 55 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 10 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:34।
मंगल 10 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:52–09:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:52–09:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:54–23:46।
मंगल 10 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 22:54–23:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:52–09:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:54–23:46।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:52–09:36 और 22:54–23:46।
मंगल 10 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:39–08:02 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:44, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 06:39 बुध, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 10 जून को राहुकाल कब है? 14:58–16:21
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:21।
मंगल 10 जून को यमगंड कब है? 09:25–10:49
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–10:49।
मंगल 10 जून को गुलिक काल कब है? 12:12–13:35
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:35।
यहाँ दिन 06:39 से 17:44 तक है, 11 घं 5 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 10 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 5 मि का दिन।
मंगल 10 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 10 जून को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 23.4° पर था: भरणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:06 को निकलेगा, कृत्तिका में।
मंगल 10 जून को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 79.5° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 56.1° + 23.4° = 79.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 07:29 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
मंगल 10 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 327.3° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 11:25 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 22:07 तक।
मंगल 10 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:39 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 10 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
14 मई और 12 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 मई 09:00 बुध से 12 जून 17:38 गुरु तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 14 जून 09:25 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
मंगल 10 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।
मंगल 10 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2037 · शक 1902
विक्रम संवत 2037 16 मार्च 1980 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 1980, 15:55 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 83.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2037 गिनता है; शक संवत 1902।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 10 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:11 बुध
चंद्रमा यहाँ 05:11 बुध पर उदय होता है।
मंगल 10 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:03
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:03 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:11 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:03 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:11 बुध पर उदय होगा।