tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 19 नवंबर 1976

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 19:28 तक

फिर चतुर्दशी · 15:52 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:28⁠–⁠20:40
प्रदोष काल 18:28⁠–⁠20:40

प्रदोष व्रत शुक्र 19 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 19 नवंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:36⁠–⁠00:20 शनि
निशीथ काल 23:36⁠–⁠00:20 शनि

मासिक शिवरात्रि शुक्र 19 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शुक्र 19 नवंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:00 05:28 18:28अगला सूर्योदय 05:28 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:28–07:05चरसामान्य
  • 07:05–08:43लाभगुलिक काल में
  • 08:43–10:20अमृतशुभ
  • 10:20–11:58कालअशुभ
  • 11:58–13:35शुभ
  • 13:35–15:13रोगअशुभ
  • 15:13–16:50उद्वेगअशुभ
  • 16:50–18:28चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:28–19:50रोगअशुभ
  • 19:50–21:13कालअशुभ
  • 21:13–22:35लाभशुभ
  • 22:35–23:58उद्वेगअशुभ
  • 23:58–01:20 शनिशुभ
  • 01:20–02:43 शनिअमृतशुभ
  • 02:43–04:05 शनिचरसामान्य
  • 04:05–05:28 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 19 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:28–07:05
  • लाभ, शुभ, 07:05–08:43
  • अमृत, शुभ, 08:43–10:20
  • काल, अशुभ, 10:20–11:58
  • शुभ, 11:58–13:35
  • रोग, अशुभ, 13:35–15:13
  • उद्वेग, अशुभ, 15:13–16:50
  • चर, सामान्य, 16:50–18:28
  • रोग, अशुभ, 18:28–19:50
  • काल, अशुभ, 19:50–21:13
  • लाभ, शुभ, 21:13–22:35
  • उद्वेग, अशुभ, 22:35–23:58
  • शुभ, 23:58–01:20 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:20–02:43 शनि
  • चर, सामान्य, 02:43–04:05 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:05–05:28 शनि
  • गुलिक काल, 07:05–08:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:04–08:56, अशुभ
  • राहु काल, 10:20–11:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:32–12:24, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:24–13:16, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:13–16:50, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में प्रदोष व्रत शुक्र 19 नवंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत शुक्र 19 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 22:50 17:00 19:00 21:00 गुरु 18 नवंबर प्रदोष काल 18:27–20:39 त्रयोदशी 22:50 से
द्वादशी 22:50 17:00 19:00 21:00 गुरु 18 नवंबर प्रदोष काल 18:27–20:39 त्रयोदशी 22:50 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 18 नवंबर को 22:50 से शुक्र 19 नवंबर को 19:28 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार के प्रदोष काल (18:28–20:40) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में मासिक शिवरात्रि शुक्र 19 नवंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शुक्र 19 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

चतुर्दशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 शुक्र 19 नवंबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:36–00:20 शनि
चतुर्दशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 शुक्र 19 नवंबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:36–00:20 शनि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 19 नवंबर को 19:28 से शनि 20 नवंबर को 15:52 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार की रात का निशीथ काल (23:36–00:20 शनि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

शुक्र 19 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.8° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 327.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 327.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। द्वादशी उससे पहले 22:50 गुरु पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 19:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 6 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 19 नवंबर सुबह शनि 20 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 07:20 22:50 03:58 19:28 06:46 द्वादशी 06:47 चतुर्दशी 05:28 त्रयोदशी 05:28 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 19 नवंबर सुबह शनि 20 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 07:20 22:50 03:58 19:28 06:46 द्वादशी 06:47 चतुर्दशी 05:28 त्रयोदशी 05:28 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:46, द्वादशी की समाप्ति 07:20 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 03:58 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:28, द्वादशी की समाप्ति 22:50 गुरु के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

शुक्र 19 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:44।

सूर्यास्त 18:27 गुरु सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 18 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:27 गुरु सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 18 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 18 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:27 गुरु से सूर्योदय 05:28 तक थी, 11 घं 1 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 19 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:32–12:24

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:32–12:24।

शुक्र 19 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:04–08:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–08:56 और 12:24–13:16।

शुक्र 19 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:24–13:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–08:56 और 12:24–13:16।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:28 से 18:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:04–08:56 और 12:24–13:16।

शुक्र 19 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:28–07:05 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:28, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:28 से 05:28 शनि, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 19 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:20–11:58

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:20–11:58।

शुक्र 19 नवंबर को यमगंड कब है? 15:13–16:50

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:13–16:50।

शुक्र 19 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:05–08:43

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:05–08:43।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:28 से 18:28 तक है, 13 घं 0 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 19 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:28, 13 घं 0 मि का दिन।

शुक्र 19 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:28, 13 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:30 चंद्रोदय 04:26 शनि
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:30 चंद्रोदय 04:26 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 181.4° पर था: चित्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 181.4° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 181.4° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:50 को निकलेगा, स्वाती में।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 395° थे, एक चक्कर और 35°: आयुष्मान्।

सूर्य 213.6° + चंद्रमा 181.4° = 395.0° एक चक्कर + 35.0° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 213.6° + चंद्रमा 181.4° = 395.0° एक चक्कर + 35.0° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 213.6° + 181.4° = 395°, एक पूरा चक्कर और 35°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 12:54 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 327.8° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 327.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 327.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:12 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 19:28 तक।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 23 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 21 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 19 नवंबर अमावस्या 23 अक्टू॰ पूर्णिमा 6 नव॰ अमावस्या 21 नव॰ पूर्णिमा 6 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 19 नवंबर अमावस्या 23 अक्टू॰ पूर्णिमा 6 नव॰ अमावस्या 21 नव॰ पूर्णिमा 6 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

शुक्र 19 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2033 · शक 1898

विक्रम संवत 2033 30 मार्च 1976 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1976 14:07 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 19 नवंबर सूर्य 213.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1976 14:07 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 19 नवंबर सूर्य 213.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1976, 14:07 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 227° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2033 गिनता है; शक संवत 1898।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 19 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:26 शनि

चंद्रमा यहाँ 04:26 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 19 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:30

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:30 चंद्रोदय 04:26 शनि
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:30 चंद्रोदय 04:26 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:26 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:26 शनि पर उदय होगा।