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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 28 अगस्त 1974

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 06:56 तक

फिर द्वादशी · 09:26 गुरु तक

एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

पद्मिनी एकादशी

पारण समय
06:22⁠–⁠09:26 गुरु
गुरु 29 अगस्त
व्रत आरंभ
06:23

पद्मिनी एकादशी बुध 28 अगस्त को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। बुध 28 अगस्त क्यों?

पद्मिनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:44 06:23 18:05अगला सूर्योदय 06:22 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:23–07:50लाभशुभ
  • 07:50–09:18अमृतयमगण्ड में
  • 09:18–10:46कालअशुभ
  • 10:46–12:14शुभगुलिक काल में
  • 12:14–13:41रोगअशुभ
  • 13:41–15:09उद्वेगअशुभ
  • 15:09–16:37चरसामान्य
  • 16:37–18:05लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:05–19:37उद्वेगअशुभ
  • 19:37–21:09शुभ
  • 21:09–22:41अमृतशुभ
  • 22:41–00:13 गुरुचरसामान्य
  • 00:13–01:45 गुरुरोगअशुभ
  • 01:45–03:18 गुरुकालअशुभ
  • 03:18–04:50 गुरुलाभशुभ
  • 04:50–06:22 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 28 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:34, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:23–07:50
  • अमृत, शुभ, 07:50–09:18
  • काल, अशुभ, 09:18–10:46
  • शुभ, 10:46–12:14
  • रोग, अशुभ, 12:14–13:41
  • उद्वेग, अशुभ, 13:41–15:09
  • चर, सामान्य, 15:09–16:37
  • लाभ, शुभ, 16:37–18:05
  • उद्वेग, अशुभ, 18:05–19:37
  • शुभ, 19:37–21:09
  • अमृत, शुभ, 21:09–22:41
  • चर, सामान्य, 22:41–00:13 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:13–01:45 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:45–03:18 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:18–04:50 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:50–06:22 गुरु
  • यमगण्ड, 07:50–09:18, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:46–12:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:50–12:37, अशुभ
  • राहु काल, 12:14–13:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:33 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में पद्मिनी एकादशी बुध 28 अगस्त को क्यों है?

पद्मिनी एकादशी बुध 28 अगस्त को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी एकादशी 06:23 04:35 03:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 27 अगस्त अरुणोदय 04:47–06:23
दशमी एकादशी 06:23 04:35 03:00 07:00 मंगल 27 अगस्त अरुणोदय 04:47–06:23
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 27 अगस्त को 06:23 और बुध 28 अगस्त को 06:23। एकादशी (मंगल 27 अगस्त 04:35 से बुध 28 अगस्त 06:56 तक) और द्वादशी (बुध 28 अगस्त 06:56 से गुरु 29 अगस्त 09:26 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: बुध 28 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दो सूर्योदयों पर हो तो वे भी दूसरे दिन व्रत रखते हैं।

पद्मिनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 28 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 131.7° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:23। दशमी उससे पहले 04:35 मंगल पर समाप्त हुई। एकादशी 06:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 17 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ मंगल 27 और बुध 28 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 27 अगस्त सुबह बुध 28 अगस्त सुबह Ipameri UTC−3 04:35 06:56 06:23 एकादशी 06:23 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 27 अगस्त सुबह बुध 28 अगस्त सुबह Ipameri UTC−3 04:35 06:56 06:23 एकादशी 06:23 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 04:35 मंगल को, सूर्योदय 06:23 मंगल से पहले, शुरू हुई और 06:56 को, अगले सूर्योदय 06:23 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

बुध 28 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:34

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:34।

सूर्यास्त 18:04 मंगल सूर्योदय 06:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 27 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:04 मंगल सूर्योदय 06:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 27 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 27 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:04 मंगल से सूर्योदय 06:23 तक थी, 12 घं 19 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:50–12:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:50–12:37।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:23 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:50–12:37: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 28 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:23–07:50 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:23 से 18:05, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:05 से 06:22 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 28 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:14–13:41

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:41।

बुध 28 अगस्त को यमगंड कब है? 07:50–09:18

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:50–09:18।

बुध 28 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:46–12:14

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:46–12:14।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:23 से 18:05 तक है, 11 घं 42 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 28 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 42 मि का दिन।

बुध 28 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 42 मि का दिन।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:01 गुरु चंद्रोदय 14:48
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:01 गुरु चंद्रोदय 14:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 28 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 262.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 262.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 262.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:56 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

बुध 28 अगस्त को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 394.1° थे, एक चक्कर और 34.1°: आयुष्मान्।

सूर्य 131.2° + चंद्रमा 262.9° = 394.1° एक चक्कर + 34.1° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 131.2° + चंद्रमा 262.9° = 394.1° एक चक्कर + 34.1° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 131.2° + 262.9° = 394.1°, एक पूरा चक्कर और 34.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 17:23 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

बुध 28 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 131.7° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:44 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 06:56 तक है।

बुध 28 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:23, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:23 से 06:22 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)

17 अगस्त और 15 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 16:01 शनि से 15 सितंबर 23:45 रवि तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 16 सितंबर 15:33 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।

बुध 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।

अमान्त भाद्रपद (अधिक) पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 28 अगस्त पूर्णिमा 3 अग॰ अमावस्या 17 अग॰ पूर्णिमा 1 सित॰ अमावस्या 15 सित॰
अमान्त भाद्रपद (अधिक) पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 28 अगस्त पूर्णिमा 3 अग॰ अमावस्या 17 अग॰ पूर्णिमा 1 सित॰ अमावस्या 15 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।

बुध 28 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2031 · शक 1896

विक्रम संवत 2031 23 मार्च 1974 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1974 18:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 28 अगस्त सूर्य 131.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1974 18:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 28 अगस्त सूर्य 131.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1974, 18:23 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 151.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2031 गिनता है; शक संवत 1896।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 28 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:48

चंद्रमा यहाँ 14:48 पर उदय होता है।

बुध 28 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:01 गुरु

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:01 गुरु चंद्रोदय 14:48
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:01 गुरु चंद्रोदय 14:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:48 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:01 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:48 पर उदय हुआ; वह फिर 04:01 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।