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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 12 मार्च 1974

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

पञ्चमी

कृष्ण पक्ष · 00:24 बुध तक

फिर षष्ठी · 01:24 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:40 06:14 18:30अगला सूर्योदय 06:15 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:14–07:46रोगअशुभ
  • 07:46–09:18उद्वेगअशुभ
  • 09:18–10:50चरसामान्य
  • 10:50–12:22लाभशुभ
  • 12:22–13:54अमृतगुलिक काल में
  • 13:54–15:26कालअशुभ
  • 15:26–16:58शुभराहु काल में
  • 16:58–18:30रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:30–19:58कालअशुभ
  • 19:58–21:26लाभशुभ
  • 21:26–22:54उद्वेगअशुभ
  • 22:54–00:22 बुधशुभ
  • 00:22–01:50 बुधअमृतशुभ
  • 01:50–03:18 बुधचरसामान्य
  • 03:18–04:46 बुधरोगअशुभ
  • 04:46–06:15 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 12 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:27, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:14–07:46
  • उद्वेग, अशुभ, 07:46–09:18
  • चर, सामान्य, 09:18–10:50
  • लाभ, शुभ, 10:50–12:22
  • अमृत, शुभ, 12:22–13:54
  • काल, अशुभ, 13:54–15:26
  • शुभ, 15:26–16:58
  • रोग, अशुभ, 16:58–18:30
  • काल, अशुभ, 18:30–19:58
  • लाभ, शुभ, 19:58–21:26
  • उद्वेग, अशुभ, 21:26–22:54
  • शुभ, 22:54–00:22 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:22–01:50 बुध
  • चर, सामान्य, 01:50–03:18 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:18–04:46 बुध
  • काल, अशुभ, 04:46–06:15 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:41–09:30, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:18–10:50, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:57–12:47, शुभ
  • गुलिक काल, 12:22–13:54, अशुभ
  • राहु काल, 15:26–16:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:12–23:59, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 12 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 231° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 231.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 231.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। चतुर्थी उससे पहले 00:13 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 00:24 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 8 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्थी है, Ipameri में पञ्चमी।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 12 मार्च सुबह बुध 13 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 08:43 00:13 08:54 00:24 06:35 चतुर्थी 06:33 पञ्चमी 06:14 पञ्चमी 06:15 षष्ठी
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 12 मार्च सुबह बुध 13 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 08:43 00:13 08:54 00:24 06:35 चतुर्थी 06:33 पञ्चमी 06:14 पञ्चमी 06:15 षष्ठी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:35, चतुर्थी की समाप्ति 08:43 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:14, चतुर्थी की समाप्ति 00:13 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

मंगल 12 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:40–05:27

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:40–05:27।

सूर्यास्त 18:30 सोम सूर्योदय 06:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 11 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:30 सोम सूर्योदय 06:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 11 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 11 मार्च की रात सूर्यास्त 18:30 सोम से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 44 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 12 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:57–12:47

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:57–12:47।

मंगल 12 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:12–23:59।

मंगल 12 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 23:12–23:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:12–23:59।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:14 से 18:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:41–09:30 और 23:12–23:59।

मंगल 12 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:14–07:46 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:14 से 18:30, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:30 से 06:15 बुध, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 12 मार्च को राहुकाल कब है? 15:26–16:58

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:26–16:58।

मंगल 12 मार्च को यमगंड कब है? 09:18–10:50

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:50।

मंगल 12 मार्च को गुलिक काल कब है? 12:22–13:54

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:22–13:54।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:14 से 18:30 तक है, 12 घं 16 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 12 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:30, 12 घं 16 मि का दिन।

मंगल 12 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:30, 12 घं 16 मि का दिन।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:02 चंद्रोदय 21:34
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:02 चंद्रोदय 21:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 12 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 198.9° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.9° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.9° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:11 को निकलेगा, विशाखा में।

मंगल 12 मार्च को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 526.8° थे, एक चक्कर और 166.8°: व्याघात।

सूर्य 327.9° + चंद्रमा 198.9° = 526.8° एक चक्कर + 166.8° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 327.9° + चंद्रमा 198.9° = 526.8° एक चक्कर + 166.8° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 327.9° + 198.9° = 526.8°, एक पूरा चक्कर और 166.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 17:24 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

मंगल 12 मार्च को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 231° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 231.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° कौलव 228°–234° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 231.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° कौलव 228°–234° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 12:12 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 00:24 बुध तक।

मंगल 12 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:15 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 12 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 22 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 23 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

मंगल 12 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 12 मार्च अमावस्या 22 फ़र॰ पूर्णिमा 8 मार्च अमावस्या 23 मार्च पूर्णिमा 6 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 12 मार्च अमावस्या 22 फ़र॰ पूर्णिमा 8 मार्च अमावस्या 23 मार्च पूर्णिमा 6 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

मंगल 12 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2030 · शक 1895

विक्रम संवत 2030 3 अप्रैल 1973 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 1973 08:45 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 12 मार्च सूर्य 327.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 1973 08:45 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 12 मार्च सूर्य 327.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 1973, 08:45 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 337.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2030 गिनता है; शक संवत 1895।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 12 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:34

चंद्रमा यहाँ 21:34 पर उदय होता है।

मंगल 12 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:02

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:02 चंद्रोदय 21:34
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:30 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:02 चंद्रोदय 21:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:02 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:34 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:02 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:34 पर उदय होगा।