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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 15 अप्रैल 1970

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:43 06:21 18:03अगला सूर्योदय 06:22 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:21–07:49लाभशुभ
  • 07:49–09:17अमृतयमगण्ड में
  • 09:17–10:45कालअशुभ
  • 10:45–12:12शुभगुलिक काल में
  • 12:12–13:40रोगअशुभ
  • 13:40–15:08उद्वेगअशुभ
  • 15:08–16:35चरसामान्य
  • 16:35–18:03लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:03–19:35उद्वेगअशुभ
  • 19:35–21:08शुभ
  • 21:08–22:40अमृतशुभ
  • 22:40–00:12 गुरुचरसामान्य
  • 00:12–01:45 गुरुरोगअशुभ
  • 01:45–03:17 गुरुकालअशुभ
  • 03:17–04:49 गुरुलाभशुभ
  • 04:49–06:22 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 15 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:32, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:21–07:49
  • अमृत, शुभ, 07:49–09:17
  • काल, अशुभ, 09:17–10:45
  • शुभ, 10:45–12:12
  • रोग, अशुभ, 12:12–13:40
  • उद्वेग, अशुभ, 13:40–15:08
  • चर, सामान्य, 15:08–16:35
  • लाभ, शुभ, 16:35–18:03
  • उद्वेग, अशुभ, 18:03–19:35
  • शुभ, 19:35–21:08
  • अमृत, शुभ, 21:08–22:40
  • चर, सामान्य, 22:40–00:12 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:12–01:45 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:45–03:17 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:17–04:49 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:49–06:22 गुरु
  • यमगण्ड, 07:49–09:17, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:45–12:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:49–12:36, अशुभ
  • राहु काल, 12:12–13:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:32 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 15 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 108.8° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 108.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 108.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:21। नवमी उससे पहले 04:29 पर समाप्त हुई। दशमी 07:02 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 6 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

दशमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

दशमी यहाँ बुध 15 और गुरु 16 अप्रैल दोनों के सूर्योदय पर है।

नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 15 अप्रैल सुबह गुरु 16 अप्रैल सुबह Ipameri UTC−3 04:29 07:02 06:21 दशमी 06:22 दशमी दशमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 15 अप्रैल सुबह गुरु 16 अप्रैल सुबह Ipameri UTC−3 04:29 07:02 06:21 दशमी 06:22 दशमी दशमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 04:29 को, सूर्योदय 06:21 से पहले, शुरू हुई और 07:02 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:22 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन दशमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में नवमी क्यों है?

नई दिल्ली में नवमी है, Ipameri में दशमी।

नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 15 अप्रैल सुबह गुरु 16 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:59 04:29 15:32 07:02 05:56 नवमी 05:55 दशमी 06:21 दशमी 06:22 दशमी
नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 15 अप्रैल सुबह गुरु 16 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:59 04:29 15:32 07:02 05:56 नवमी 05:55 दशमी 06:21 दशमी 06:22 दशमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:56, नवमी की समाप्ति 12:59 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:21, नवमी की समाप्ति 04:29 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।

बुध 15 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:32

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:32।

सूर्यास्त 18:04 मंगल सूर्योदय 06:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 14 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:04 मंगल सूर्योदय 06:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 14 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 14 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:04 मंगल से सूर्योदय 06:21 तक थी, 12 घं 17 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 15 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 11:49–12:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:49–12:36।

सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:21 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:49–12:36: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 15 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:21–07:49 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:21 से 18:03, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:03 से 06:22 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 15 अप्रैल को राहुकाल कब है? 12:12–13:40

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:40।

बुध 15 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:49–09:17

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:49–09:17।

बुध 15 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:45–12:12

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:45–12:12।

सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:21 से 18:03 तक है, 11 घं 42 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 15 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 42 मि का दिन।

बुध 15 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 42 मि का दिन।

सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:02 गुरु चंद्रोदय 14:26
सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:02 गुरु चंद्रोदय 14:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 110.4° पर था: अश्लेशा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 110.4° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 110.4° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 110° पर उसके पद 2 में आया। वह 01:51 गुरु को निकलेगा, मघा में।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 112° थे: शूल।

सूर्य 1.6° + चंद्रमा 110.4° = 112.0° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 1.6° + चंद्रमा 110.4° = 112.0° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 1.6° + 110.4° = 112°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 21:27 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 108.8° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 108.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° तैतिल 108°–114° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 108.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° तैतिल 108°–114° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 17:46 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 07:02 गुरु तक।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:21, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:21 से 06:22 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 6 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 5 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 15 अप्रैल पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 6 अप्रैल पूर्णिमा 21 अप्रैल अमावस्या 5 मई
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 15 अप्रैल पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 6 अप्रैल पूर्णिमा 21 अप्रैल अमावस्या 5 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

बुध 15 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2027 · शक 1892

विक्रम संवत 2027 6 अप्रैल 1970 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 1970 01:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 15 अप्रैल सूर्य 1.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 1970 01:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 15 अप्रैल सूर्य 1.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1970, 01:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 9.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2027 गिनता है; शक संवत 1892।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 15 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:26

चंद्रमा यहाँ 14:26 पर उदय होता है।

बुध 15 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:02 गुरु

सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:02 गुरु चंद्रोदय 14:26
सूर्योदय 06:21 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:22 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:02 गुरु चंद्रोदय 14:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:26 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:02 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:26 पर उदय हुआ; वह फिर 02:02 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।