tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 17 जनवरी 1969

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 01:58 शनि तक

फिर प्रतिपदा · 22:41 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शुक्र 17 जनवरी क्यों?

मौनी अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शुक्र 17 जनवरी क्यों?

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

17 जनवरी का शुभ मुहूर्त

Tithika में खोलेंIpameri को अपने दूसरे स्थानों के साथ रखें, हर एक अपने सूर्योदय से, साथ-साथ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:23 05:51 18:54अगला सूर्योदय 05:52 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:51–07:29चरसामान्य
  • 07:29–09:07लाभगुलिक काल में
  • 09:07–10:45अमृतशुभ
  • 10:45–12:22कालअशुभ
  • 12:22–14:00शुभ
  • 14:00–15:38रोगअशुभ
  • 15:38–17:16उद्वेगअशुभ
  • 17:16–18:54चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:54–20:16रोगअशुभ
  • 20:16–21:38कालअशुभ
  • 21:38–23:01लाभशुभ
  • 23:01–00:23 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:23–01:45 शनिशुभ
  • 01:45–03:07 शनिअमृतशुभ
  • 03:07–04:29 शनिचरसामान्य
  • 04:29–05:52 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 17 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:07, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:51–07:29
  • लाभ, शुभ, 07:29–09:07
  • अमृत, शुभ, 09:07–10:45
  • काल, अशुभ, 10:45–12:22
  • शुभ, 12:22–14:00
  • रोग, अशुभ, 14:00–15:38
  • उद्वेग, अशुभ, 15:38–17:16
  • चर, सामान्य, 17:16–18:54
  • रोग, अशुभ, 18:54–20:16
  • काल, अशुभ, 20:16–21:38
  • लाभ, शुभ, 21:38–23:01
  • उद्वेग, अशुभ, 23:01–00:23 शनि
  • शुभ, 00:23–01:45 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:45–03:07 शनि
  • चर, सामान्य, 03:07–04:29 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:29–05:52 शनि
  • गुलिक काल, 07:29–09:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:28–09:20, अशुभ
  • राहु काल, 10:45–12:22, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:49, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:49–13:41, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:38–17:16, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:08 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मौनी अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को क्यों है?

मौनी अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी अमावस्या 05:31 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 17 जनवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:51
चतुर्दशी अमावस्या 05:31 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 17 जनवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:51
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को 05:31 से शनि 18 जनवरी को 01:58 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 17 जनवरी के सूर्योदय (05:51) पर है। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

मौनी अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को क्यों है?

अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी अमावस्या 05:31 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 17 जनवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:51
चतुर्दशी अमावस्या 05:31 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 17 जनवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:51
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 17 जनवरी को 05:31 से शनि 18 जनवरी को 01:58 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 17 जनवरी के सूर्योदय (05:51) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

शुक्र 17 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.2° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 348.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 348.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:51। चतुर्दशी उससे पहले 05:31 पर समाप्त हुई। अमावस्या 01:58 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 3 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में अमावस्या।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शुक्र 17 जनवरी सुबह शनि 18 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 14:01 05:31 10:28 01:58 07:14 चतुर्दशी 07:14 अमावस्या 05:51 अमावस्या 05:52 प्रतिपदा
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शुक्र 17 जनवरी सुबह शनि 18 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 14:01 05:31 10:28 01:58 07:14 चतुर्दशी 07:14 अमावस्या 05:51 अमावस्या 05:52 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:14, चतुर्दशी की समाप्ति 14:01 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:51, चतुर्दशी की समाप्ति 05:31 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।

शुक्र 17 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:07।

सूर्यास्त 18:54 गुरु सूर्योदय 05:51 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 16 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:54 गुरु सूर्योदय 05:51 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 16 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 16 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:54 गुरु से सूर्योदय 05:51 तक थी, 10 घं 57 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 17 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:49

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:49।

शुक्र 17 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:28–09:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:28–09:20 और 12:49–13:41।

शुक्र 17 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:49–13:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:28–09:20 और 12:49–13:41।

सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:51 से 18:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:28–09:20 और 12:49–13:41।

शुक्र 17 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:51–07:29 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:51 से 18:54, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:54 से 05:52 शनि, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 17 जनवरी को राहुकाल कब है? 10:45–12:22

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:45–12:22।

शुक्र 17 जनवरी को यमगंड कब है? 15:38–17:16

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:38–17:16।

शुक्र 17 जनवरी को गुलिक काल कब है? 07:29–09:07

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:29–09:07।

सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:51 से 18:54 तक है, 13 घं 3 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 17 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 3 मि का दिन।

शुक्र 17 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 3 मि का दिन।

सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:43
सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 261.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 261.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 261.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:29 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 535.6° थे, एक चक्कर और 175.6°: हर्षण।

सूर्य 273.7° + चंद्रमा 261.9° = 535.6° एक चक्कर + 175.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 273.7° + चंद्रमा 261.9° = 535.6° एक चक्कर + 175.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 273.7° + 261.9° = 535.6°, एक पूरा चक्कर और 175.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 22:27 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 348.2° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 348.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 348.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 15:43 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 01:58 शनि तक।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:51, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:51 से 05:52 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 19 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 13 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 18 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त माघ पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 17 जनवरी अमावस्या 19 दिस॰ पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰
अमान्त पूर्णिमान्त माघ पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 17 जनवरी अमावस्या 19 दिस॰ पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2025 · शक 1890

विक्रम संवत 2025 28 मार्च 1968 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1968 19:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 17 जनवरी सूर्य 273.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1968 19:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 17 जनवरी सूर्य 273.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 1968, 19:47 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 288.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2025 गिनता है; शक संवत 1890।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 17 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:43

चंद्रमा यहाँ 18:43 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:43
सूर्योदय 05:51 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 18:43 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।