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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 28 दिसंबर 1964

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:12 05:39 18:50अगला सूर्योदय 05:39 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:39–07:17अमृतशुभ
  • 07:17–08:56कालअशुभ
  • 08:56–10:35शुभ
  • 10:35–12:14रोगअशुभ
  • 12:14–13:53उद्वेगअशुभ
  • 13:53–15:32चरसामान्य
  • 15:32–17:11लाभशुभ
  • 17:11–18:50अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:50–20:11चरसामान्य
  • 20:11–21:32रोगअशुभ
  • 21:32–22:53कालअशुभ
  • 22:53–00:14 मंगललाभशुभ
  • 00:14–01:36 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:36–02:57 मंगलशुभ
  • 02:57–04:18 मंगलअमृतशुभ
  • 04:18–05:39 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 28 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:55, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:39–07:17
  • काल, अशुभ, 07:17–08:56
  • शुभ, 08:56–10:35
  • रोग, अशुभ, 10:35–12:14
  • उद्वेग, अशुभ, 12:14–13:53
  • चर, सामान्य, 13:53–15:32
  • लाभ, शुभ, 15:32–17:11
  • अमृत, शुभ, 17:11–18:50
  • चर, सामान्य, 18:50–20:11
  • रोग, अशुभ, 20:11–21:32
  • काल, अशुभ, 21:32–22:53
  • लाभ, शुभ, 22:53–00:14 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:14–01:36 मंगल
  • शुभ, 01:36–02:57 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:57–04:18 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:18–05:39 मंगल
  • राहु काल, 07:17–08:56, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:35–12:14, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:40, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:40–13:33, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:53–15:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:19–16:11, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:56 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 28 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.8° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 299.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:39। नवमी उससे पहले 04:55 रवि पर समाप्त हुई। दशमी 06:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 18 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

दशमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

दशमी यहाँ रवि 27 और सोम 28 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

नवमी दशमी दशमी एकादशी रवि 27 दिसंबर सुबह सोम 28 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−3 04:55 06:07 05:38 दशमी 05:39 दशमी दशमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
नवमी दशमी दशमी एकादशी रवि 27 दिसंबर सुबह सोम 28 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−3 04:55 06:07 05:38 दशमी 05:39 दशमी दशमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 04:55 रवि को, सूर्योदय 05:38 रवि से पहले, शुरू हुई और 06:07 को, अगले सूर्योदय 05:39 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन दशमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

सोम 28 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:55

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:55।

सूर्यास्त 18:49 रवि सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 27 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:49 रवि सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 27 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 27 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:49 रवि से सूर्योदय 05:39 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 28 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:40।

सोम 28 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:40–13:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:40–13:33 और 15:19–16:11।

सोम 28 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:19–16:11

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:40–13:33 और 15:19–16:11।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:39 से 18:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:40–13:33 और 15:19–16:11।

सोम 28 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:39–07:17 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:39 से 18:50, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:50 से 05:39 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 28 दिसंबर को राहुकाल कब है? 07:17–08:56

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:17–08:56।

सोम 28 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:35–12:14

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:35–12:14।

सोम 28 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:53–15:32

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:53–15:32।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:39 से 18:50 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 28 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:50, 13 घं 11 मि का दिन।

सोम 28 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:50, 13 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 02:26 मंगल
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 02:26 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 193.1° पर था: स्वाती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 193.1° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 193.1° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:14 को निकलेगा, विशाखा में।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 446.4° थे, एक चक्कर और 86.4°: सुकर्मा।

सूर्य 253.3° + चंद्रमा 193.1° = 446.4° एक चक्कर + 86.4° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 253.3° + चंद्रमा 193.1° = 446.4° एक चक्कर + 86.4° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 253.3° + 193.1° = 446.4°, एक पूरा चक्कर और 86.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 18:15 को समाप्त होता है, फिर धृति।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 299.8° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 299.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:27 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 06:07 तक है।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:39, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:39 से 05:39 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 3 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 28 दिसंबर अमावस्या 3 दिस॰ पूर्णिमा 18 दिस॰ अमावस्या 2 जन॰ पूर्णिमा 17 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 28 दिसंबर अमावस्या 3 दिस॰ पूर्णिमा 18 दिस॰ अमावस्या 2 जन॰ पूर्णिमा 17 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

सोम 28 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2021 · शक 1886

विक्रम संवत 2021 13 मार्च 1964 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 13 मार्च 1964 23:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 28 दिसंबर सूर्य 253.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 13 मार्च 1964 23:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 28 दिसंबर सूर्य 253.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 मार्च 1964, 23:13 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 283.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2021 गिनता है; शक संवत 1886।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 28 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:26 मंगल

चंद्रमा यहाँ 02:26 मंगल पर उदय होता है।

सोम 28 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:37

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 02:26 मंगल
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 02:26 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:26 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:26 मंगल पर उदय होगा।