Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 30 मार्च 1964
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
30 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 30 मार्च
- 04:42–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:18 से
- 06:18–07:48अमृत चौघड़िया
- 09:17–10:47शुभ चौघड़िया
- 12:17–12:40अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
-
12:17–12:40अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · स्वाती में
- 15:52–16:45लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:45–18:15अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:15 के बाद
- 22:46–00:17 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:47–03:18 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:18–04:48 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:42–05:30 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:18–07:48अमृतशुभ
- 07:48–09:17कालअशुभ
- 09:17–10:47शुभ
- 10:47–12:17रोगअशुभ
- 12:17–13:46उद्वेगअशुभ
- 13:46–15:16चरसामान्य
- 15:16–16:45लाभशुभ
- 16:45–18:15अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:15–19:45चरसामान्य
- 19:45–21:16रोगअशुभ
- 21:16–22:46कालअशुभ
- 22:46–00:17 मंगललाभशुभ
- 00:17–01:47 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:47–03:18 मंगलशुभ
- 03:18–04:48 मंगलअमृतशुभ
- 04:48–06:18 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 30 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:18–07:48
- काल, अशुभ, 07:48–09:17
- शुभ, 09:17–10:47
- रोग, अशुभ, 10:47–12:17
- उद्वेग, अशुभ, 12:17–13:46
- चर, सामान्य, 13:46–15:16
- लाभ, शुभ, 15:16–16:45
- अमृत, शुभ, 16:45–18:15
- चर, सामान्य, 18:15–19:45
- रोग, अशुभ, 19:45–21:16
- काल, अशुभ, 21:16–22:46
- लाभ, शुभ, 22:46–00:17 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:17–01:47 मंगल
- शुभ, 01:47–03:18 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:18–04:48 मंगल
- चर, सामान्य, 04:48–06:18 मंगल
- राहु काल, 07:48–09:17, अशुभ
- यमगण्ड, 10:47–12:17, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:40, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:40–13:28, अशुभ
- गुलिक काल, 13:46–15:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:04–15:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 30 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 206° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। द्वितीया उससे पहले 01:56 पर समाप्त हुई। तृतीया 03:45 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 27 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, Ipameri में तृतीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:13, द्वितीया की समाप्ति 10:26 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:18, द्वितीया की समाप्ति 01:56 के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।
सोम 30 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:30।
रवि 29 मार्च की रात सूर्यास्त 18:16 रवि से सूर्योदय 06:18 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 30 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:40
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:40।
सोम 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:40–13:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:40–13:28 और 15:04–15:52।
सोम 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:04–15:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:40–13:28 और 15:04–15:52।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:40–13:28 और 15:04–15:52।
सोम 30 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:18–07:48 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:15, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:15 से 06:18 मंगल, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 30 मार्च को राहुकाल कब है? 07:48–09:17
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:17।
सोम 30 मार्च को यमगंड कब है? 10:47–12:17
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:47–12:17।
सोम 30 मार्च को गुलिक काल कब है? 13:46–15:16
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:46–15:16।
यहाँ दिन 06:18 से 18:15 तक है, 11 घं 57 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 30 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:15, 11 घं 57 मि का दिन।
सोम 30 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:15, 11 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 30 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 192.4° पर था: स्वाती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:19 को निकलेगा, विशाखा में।
सोम 30 मार्च को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 538.7° थे, एक चक्कर और 178.7°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 346.3° + 192.4° = 538.7°, एक पूरा चक्कर और 178.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 20:46 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
सोम 30 मार्च को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 206° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 14:47 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 03:45 मंगल तक।
सोम 30 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:18 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
13 मार्च और 12 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 13 मार्च 23:13 शुक्र से 12 अप्रैल 09:37 रवि तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 13 अप्रैल 03:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
सोम 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र (अधिक) है, और अमान्त गणना में चैत्र (अधिक)।
सोम 30 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2021 · शक 1886
विक्रम संवत 2021 13 मार्च 1964 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 मार्च 1964, 23:13 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 16.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2021 गिनता है; शक संवत 1886।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 30 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:10
चंद्रमा यहाँ 20:10 पर उदय होता है।
सोम 30 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:16
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:16 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:10 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:16 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:10 पर उदय होगा।