Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 29 फ़रवरी 1964
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
29 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 29 फ़रवरी
- 05:39–06:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:11 से
- 08:51–10:18शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:00–13:50अभिजीत मुहूर्त
- 14:58–16:31लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:31–18:05अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:38 के बाद
- 19:38–21:05लाभ चौघड़िया
- 22:32–23:58शुभ चौघड़िया
- 23:58–00:25 रविअमृत चौघड़िया
-
02:52–04:32 रविअमृत कालहस्त में
- 04:45–06:12 रविलाभ चौघड़िया
- 04:39–05:25 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:11–08:45कालअशुभ
- 08:45–10:18शुभ
- 10:18–11:51रोगअशुभ
- 11:51–13:25उद्वेगअशुभ
- 13:25–14:58चरसामान्य
- 14:58–16:31लाभयमगण्ड में
- 16:31–18:05अमृतशुभ
- 18:05–19:38कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:38–21:05लाभशुभ
- 21:05–22:32उद्वेगअशुभ
- 22:32–23:58शुभ
- 23:58–00:25 रविअमृतशुभ
- 00:25–01:52 रविचरसामान्य
- 01:52–03:18 रविरोगअशुभ
- 03:18–04:45 रविकालअशुभ
- 04:45–06:12 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 29 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:39–06:25, शुभ
- काल, अशुभ, 07:11–08:45
- शुभ, 08:45–10:18
- रोग, अशुभ, 10:18–11:51
- उद्वेग, अशुभ, 11:51–13:25
- चर, सामान्य, 13:25–14:58
- लाभ, शुभ, 14:58–16:31
- अमृत, शुभ, 16:31–18:05
- काल, अशुभ, 18:05–19:38
- लाभ, शुभ, 19:38–21:05
- उद्वेग, अशुभ, 21:05–22:32
- शुभ, 22:32–23:58
- अमृत, शुभ, 23:58–00:25 रवि
- चर, सामान्य, 00:25–01:52 रवि
- रोग, अशुभ, 01:52–03:18 रवि
- काल, अशुभ, 03:18–04:45 रवि
- लाभ, शुभ, 04:45–06:12 रवि
- गुलिक काल, 07:11–08:45, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:11–08:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:01–08:51, अशुभ
- राहु काल, 10:18–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:00–13:50, शुभ
- यमगण्ड, 14:58–16:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:25 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 29 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 202.6° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:11। प्रतिपदा उससे पहले 10:06 शुक्र पर समाप्त हुई। द्वितीया 10:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 27 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 29 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:39–06:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:39–06:25।
शुक्र 28 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 19:39 शुक्र से सूर्योदय 07:11 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 29 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:00–13:50
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:00–13:50।
शनि 29 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:11–08:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:11–08:01 और 08:01–08:51।
शनि 29 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:01–08:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:11–08:01 और 08:01–08:51।
यहाँ दिन, 07:11 से 19:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:11–08:01 और 08:01–08:51।
शनि 29 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:11–08:45 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:11 से 19:38, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:38 से 06:12 रवि, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 29 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 10:18–11:51
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:18–11:51।
शनि 29 फ़रवरी को यमगंड कब है? 14:58–16:31
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:58–16:31।
शनि 29 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 07:11–08:45
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:11–08:45।
यहाँ दिन 07:11 से 19:38 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 29 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:11, सूर्यास्त 19:38, 12 घं 27 मि का दिन।
शनि 29 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:11, सूर्यास्त 19:38, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 159° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:59 को निकलेगा, हस्त में।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 475.5° थे, एक चक्कर और 115.5°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 316.5° + 159° = 475.5°, एक पूरा चक्कर और 115.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 14:59 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 202.6° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 22:01 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 10:05 तक है।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:11, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:11 से 06:12 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 13 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 13 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
शनि 29 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 09:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 335.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 29 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:23
चंद्रमा यहाँ 21:23 पर उदय होता है।
शनि 29 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:55
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:55 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:23 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:55 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:23 पर उदय होगा।