Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 5 दिसंबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
5 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 5 दिसंबर
- 05:02–05:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:29 से
- 06:29–08:07शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:37–13:29अभिजीत मुहूर्त
- 13:03–14:41लाभ चौघड़िया
- 14:41–16:20अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:58–19:37शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:37 के बाद
- 19:37–20:58अमृत चौघड़िया
- 01:03–02:24 शुक्रलाभ चौघड़िया
-
01:44–03:19 शुक्रअमृत कालअश्लेशा में
- 03:46–05:07 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:07–06:29 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:02–05:45 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:29–08:07शुभयमगण्ड में
- 08:07–09:46रोगअशुभ
- 09:46–11:24उद्वेगअशुभ
- 11:24–13:03चरसामान्य
- 13:03–14:41लाभशुभ
- 14:41–16:20अमृतराहु काल में
- 16:20–17:58कालअशुभ
- 17:58–19:37शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:37–20:58अमृतशुभ
- 20:58–22:20चरसामान्य
- 22:20–23:41रोगअशुभ
- 23:41–01:03 शुक्रकालअशुभ
- 01:03–02:24 शुक्रलाभशुभ
- 02:24–03:46 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:46–05:07 शुक्रशुभ
- 05:07–06:29 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 5 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:45, शुभ
- शुभ, 06:29–08:07
- रोग, अशुभ, 08:07–09:46
- उद्वेग, अशुभ, 09:46–11:24
- चर, सामान्य, 11:24–13:03
- लाभ, शुभ, 13:03–14:41
- अमृत, शुभ, 14:41–16:20
- काल, अशुभ, 16:20–17:58
- शुभ, 17:58–19:37
- अमृत, शुभ, 19:37–20:58
- चर, सामान्य, 20:58–22:20
- रोग, अशुभ, 22:20–23:41
- काल, अशुभ, 23:41–01:03 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:03–02:24 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:24–03:46 शुक्र
- शुभ, 03:46–05:07 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:07–06:29 शुक्र
- यमगण्ड, 06:29–08:07, अशुभ
- गुलिक काल, 09:46–11:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:51–11:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:37–13:29, शुभ
- राहु काल, 14:41–16:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:07–16:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:45 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 5 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 239.2° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। चतुर्थी उससे पहले 09:38 बुध पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 30 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 5 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:02–05:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:02–05:45।
बुध 4 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:36 बुध से सूर्योदय 06:29 तक थी, 10 घं 53 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 5 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:37–13:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:37–13:29।
गुरु 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:51–11:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:51–11:44 और 16:07–16:59।
गुरु 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:07–16:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:51–11:44 और 16:07–16:59।
यहाँ दिन, 06:29 से 19:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:51–11:44 और 16:07–16:59।
गुरु 5 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:29–08:07 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:29 से 19:37, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:37 से 06:29 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 5 दिसंबर को राहुकाल कब है? 14:41–16:20
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:41–16:20।
गुरु 5 दिसंबर को यमगंड कब है? 06:29–08:07
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:29–08:07।
गुरु 5 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 09:46–11:24
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:46–11:24।
यहाँ दिन 06:29 से 19:37 तक है, 13 घं 8 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 5 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 19:37, 13 घं 8 मि का दिन।
गुरु 5 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 19:37, 13 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 108.3° पर था: अश्लेशा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:19 शुक्र को निकलेगा, मघा में।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 337.4° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 229.1° + 108.3° = 337.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 21:44 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 239.2° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 20:44 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 234° हुई; तैतिल 08:03 तक है।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:29 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 16 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को वृश्चिक में और 15 दिसंबर को धनु में जाता है, दोनों मास के भीतर। अगली अमावस्या, 16 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
गुरु 5 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 09:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 248.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 5 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:20 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 00:20 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 5 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:02
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:02 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:20 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:02 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:20 शुक्र पर उदय होगा।