Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 30 अक्टूबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 30 अक्टूबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। बुध 30 अक्टूबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़30 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 30 अक्टूबर
- 05:04–05:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:35 से
- 06:35–08:10लाभ चौघड़िया
- 08:10–09:45अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
10:35–11:21अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · उत्तर भाद्रपद में
- 11:21–12:56शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:42–19:18लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:18 के बाद
- 20:42–22:07शुभ चौघड़िया
- 22:07–23:31अमृत चौघड़िया
- 03:45–05:10 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:04–05:49 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:35–08:10लाभशुभ
- 08:10–09:45अमृतयमगण्ड में
- 09:45–11:21कालअशुभ
- 11:21–12:56शुभगुलिक काल में
- 12:56–14:32रोगअशुभ
- 14:32–16:07उद्वेगअशुभ
- 16:07–17:42चरसामान्य
- 17:42–19:18लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:18–20:42उद्वेगअशुभ
- 20:42–22:07शुभ
- 22:07–23:31अमृतशुभ
- 23:31–00:56 गुरुचरसामान्य
- 00:56–02:20 गुरुरोगअशुभ
- 02:20–03:45 गुरुकालअशुभ
- 03:45–05:10 गुरुलाभशुभ
- 05:10–06:34 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 30 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–05:50, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:35–08:10
- अमृत, शुभ, 08:10–09:45
- काल, अशुभ, 09:45–11:21
- शुभ, 11:21–12:56
- रोग, अशुभ, 12:56–14:32
- उद्वेग, अशुभ, 14:32–16:07
- चर, सामान्य, 16:07–17:42
- लाभ, शुभ, 17:42–19:18
- उद्वेग, अशुभ, 19:18–20:42
- शुभ, 20:42–22:07
- अमृत, शुभ, 22:07–23:31
- चर, सामान्य, 23:31–00:56 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:56–02:20 गुरु
- काल, अशुभ, 02:20–03:45 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:45–05:10 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:10–06:34 गुरु
- यमगण्ड, 08:10–09:45, अशुभ
- गुलिक काल, 11:21–12:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:31–13:22, अशुभ
- राहु काल, 12:56–14:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–05:49 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत बुध 30 अक्टूबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 30 अक्टूबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 29 अक्टूबर को 22:26 से बुध 30 अक्टूबर को 19:18 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार के प्रदोष काल (19:18–21:33) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 148.7° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:35। द्वादशी उससे पहले 22:26 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 19:18 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 17 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 30 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:04–05:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:04–05:50।
मंगल 29 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:17 मंगल से सूर्योदय 06:35 तक थी, 11 घं 18 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 30 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:31–13:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:31–13:22।
यहाँ दिन, 06:35 से 19:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:31–13:22: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 30 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:35–08:10 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:35 से 19:18, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:18 से 06:34 गुरु, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 30 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:56–14:32
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:56–14:32।
बुध 30 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:10–09:45
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:10–09:45।
बुध 30 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:21–12:56
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:21–12:56।
यहाँ दिन 06:35 से 19:18 तक है, 12 घं 43 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 30 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 19:18, 12 घं 43 मि का दिन।
बुध 30 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 19:18, 12 घं 43 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 341.5° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 340° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:56 को निकलेगा, रेवती में।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 534.4° थे, एक चक्कर और 174.4°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 192.9° + 341.5° = 534.4°, एक पूरा चक्कर और 174.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 01:09 गुरु को समाप्त होता है, फिर वज्र।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 148.7° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 08:56 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 19:18 तक।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:35, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:35 से 06:34 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक (अधिक)
17 अक्टूबर और 16 नवंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक कार्तिक।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अक्टूबर 09:42 गुरु से 16 नवंबर 04:50 शनि तक सूर्य तुला में रहा; वृश्चिक में वह अमावस्या के बाद 16 नवंबर 08:39 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक कार्तिक है, जो कार्तिक से पहले आता है।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक (अधिक) है।
बुध 30 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 09:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 212.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 30 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:30
चंद्रमा यहाँ 17:30 पर उदय होता है।
बुध 30 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:51 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:30 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:51 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:30 पर उदय हुआ; वह फिर 05:51 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।