Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 24 अक्टूबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
24 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 24 अक्टूबर
- 05:07–05:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:38 से
- 06:38–08:13शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
11:46–13:31अमृत कालपूर्वाषाढा में
- 12:31–13:22अभिजीत मुहूर्त
- 12:57–14:31लाभ चौघड़िया
- 14:31–16:06अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:41–19:15शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:15 के बाद
- 19:15–20:41अमृत चौघड़िया
- 00:56–02:22 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:47–05:12 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:12–06:38 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:07–05:52 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:38–08:13शुभयमगण्ड में
- 08:13–09:47रोगअशुभ
- 09:47–11:22उद्वेगअशुभ
- 11:22–12:57चरसामान्य
- 12:57–14:31लाभशुभ
- 14:31–16:06अमृतराहु काल में
- 16:06–17:41कालअशुभ
- 17:41–19:15शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:15–20:41अमृतशुभ
- 20:41–22:06चरसामान्य
- 22:06–23:31रोगअशुभ
- 23:31–00:56 शुक्रकालअशुभ
- 00:56–02:22 शुक्रलाभशुभ
- 02:22–03:47 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:47–05:12 शुक्रशुभ
- 05:12–06:38 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 24 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:53, शुभ
- शुभ, 06:38–08:13
- रोग, अशुभ, 08:13–09:47
- उद्वेग, अशुभ, 09:47–11:22
- चर, सामान्य, 11:22–12:57
- लाभ, शुभ, 12:57–14:31
- अमृत, शुभ, 14:31–16:06
- काल, अशुभ, 16:06–17:41
- शुभ, 17:41–19:15
- अमृत, शुभ, 19:15–20:41
- चर, सामान्य, 20:41–22:06
- रोग, अशुभ, 22:06–23:31
- काल, अशुभ, 23:31–00:56 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:56–02:22 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:22–03:47 शुक्र
- शुभ, 03:47–05:12 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:12–06:38 शुक्र
- यमगण्ड, 06:38–08:13, अशुभ
- गुलिक काल, 09:47–11:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:51–11:41, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:22, शुभ
- राहु काल, 14:31–16:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:53–16:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:52 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 74.5° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। षष्ठी उससे पहले 01:15 पर समाप्त हुई। सप्तमी 02:49 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 17 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?
नई दिल्ली में षष्ठी है, Ipameri में सप्तमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:27, षष्ठी की समाप्ति 08:45 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 06:38, षष्ठी की समाप्ति 01:15 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।
गुरु 24 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:07–05:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:07–05:53।
बुध 23 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:15 बुध से सूर्योदय 06:38 तक थी, 11 घं 23 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 24 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:22।
गुरु 24 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:51–11:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:51–11:41 और 15:53–16:44।
गुरु 24 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:53–16:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:51–11:41 और 15:53–16:44।
यहाँ दिन, 06:38 से 19:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:51–11:41 और 15:53–16:44।
गुरु 24 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:38–08:13 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:38 से 19:15, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:15 से 06:38 शुक्र, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 24 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:31–16:06
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:31–16:06।
गुरु 24 अक्टूबर को यमगंड कब है? 06:38–08:13
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:38–08:13।
गुरु 24 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 09:47–11:22
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:47–11:22।
यहाँ दिन 06:38 से 19:15 तक है, 12 घं 37 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 24 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 19:15, 12 घं 37 मि का दिन।
गुरु 24 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 19:15, 12 घं 37 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 261.4° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:02 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 448.3° थे, एक चक्कर और 88.3°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 186.9° + 261.4° = 448.3°, एक पूरा चक्कर और 88.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 15:53 को समाप्त होता है, फिर धृति।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 74.5° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 14:07 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 02:49 शुक्र तक।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:38 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक (अधिक)
17 अक्टूबर और 16 नवंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक कार्तिक।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अक्टूबर 09:42 गुरु से 16 नवंबर 04:50 शनि तक सूर्य तुला में रहा; वृश्चिक में वह अमावस्या के बाद 16 नवंबर 08:39 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक कार्तिक है, जो कार्तिक से पहले आता है।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक (अधिक) है।
गुरु 24 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 09:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 206.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 24 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:49
चंद्रमा यहाँ 11:49 पर उदय होता है।
गुरु 24 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:16 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:49 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:16 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:49 पर उदय हुआ; वह फिर 01:16 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।