tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 31 मार्च 1957

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 06:18 तक

फिर प्रतिपदा · 07:35 सोम तक

अमावस्या यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:18⁠–⁠08:42
प्रातःकाल 06:18⁠–⁠08:42

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना रवि 31 मार्च को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का सोम 1 अप्रैल से अधिक भाग घेरती है। रवि 31 मार्च क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:42 06:18 18:14अगला सूर्योदय 06:19 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:18–07:48उद्वेगअशुभ
  • 07:48–09:17चरसामान्य
  • 09:17–10:47लाभशुभ
  • 10:47–12:16अमृतशुभ
  • 12:16–13:46कालअशुभ
  • 13:46–15:15शुभ
  • 15:15–16:45रोगअशुभ
  • 16:45–18:14उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:14–19:45शुभ
  • 19:45–21:15अमृतशुभ
  • 21:15–22:46चरसामान्य
  • 22:46–00:16 सोमरोगअशुभ
  • 00:16–01:47 सोमकालअशुभ
  • 01:47–03:18 सोमलाभशुभ
  • 03:18–04:48 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:48–06:19 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 31 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:18–07:48
  • चर, सामान्य, 07:48–09:17
  • लाभ, शुभ, 09:17–10:47
  • अमृत, शुभ, 10:47–12:16
  • काल, अशुभ, 12:16–13:46
  • शुभ, 13:46–15:15
  • रोग, अशुभ, 15:15–16:45
  • उद्वेग, अशुभ, 16:45–18:14
  • शुभ, 18:14–19:45
  • अमृत, शुभ, 19:45–21:15
  • चर, सामान्य, 21:15–22:46
  • रोग, अशुभ, 22:46–00:16 सोम
  • काल, अशुभ, 00:16–01:47 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:47–03:18 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:18–04:48 सोम
  • शुभ, 04:48–06:19 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:40, शुभ
  • यमगण्ड, 12:16–13:46, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:15–16:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:39–17:27, अशुभ
  • राहु काल, 16:45–18:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में चैत्र नवरात्रि रवि 31 मार्च को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना रवि 31 मार्च को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का सोम 1 अप्रैल से अधिक भाग घेरती है।

अमावस्या प्रतिपदा 06:18 06:18 05:00 07:00 08:00 09:00 10:00 रवि 31 मार्च स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:18–08:42
अमावस्या प्रतिपदा 06:18 06:18 05:00 09:00 रवि 31 मार्च स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:18–08:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा रवि 31 मार्च को 06:18 से सोम 1 अप्रैल को 07:35 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: रवि 31 मार्च। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

रवि 31 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। चतुर्दशी उससे पहले 04:39 शनि पर समाप्त हुई। अमावस्या 06:18 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 15 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?

अमावस्या यहाँ शनि 30 और रवि 31 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शनि 30 मार्च सुबह रवि 31 मार्च सुबह Ipameri UTC−3 04:39 06:18 06:18 अमावस्या 06:18 अमावस्या अमावस्या इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शनि 30 मार्च सुबह रवि 31 मार्च सुबह Ipameri UTC−3 04:39 06:18 06:18 अमावस्या 06:18 अमावस्या अमावस्या इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 04:39 शनि को, सूर्योदय 06:18 शनि से पहले, शुरू हुई और 06:18 को, अगले सूर्योदय 06:18 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

रवि 31 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:30

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:30।

सूर्यास्त 18:15 शनि सूर्योदय 06:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:15 शनि सूर्योदय 06:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 30 मार्च की रात सूर्यास्त 18:15 शनि से सूर्योदय 06:18 तक थी, 12 घं 3 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 31 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:40।

रवि 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 16:39–17:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:39–17:27।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:18 से 18:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:39–17:27।

रवि 31 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:18–07:48 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:18 से 18:14, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:14 से 06:19 सोम, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 31 मार्च को राहुकाल कब है? 16:45–18:14

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:45–18:14।

रवि 31 मार्च को यमगंड कब है? 12:16–13:46

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:16–13:46।

रवि 31 मार्च को गुलिक काल कब है? 15:15–16:45

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:15–16:45।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:18 से 18:14 तक है, 11 घं 56 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 31 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:14, 11 घं 56 मि का दिन।

रवि 31 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:14, 11 घं 56 मि का दिन।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:21 चंद्रोदय 06:21
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:21 चंद्रोदय 06:21
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 31 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 347.1° पर था: रेवती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 347.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 347.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 07:15 सोम को निकलेगा, अश्विनी में।

रवि 31 मार्च को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 694.2° थे, एक चक्कर और 334.2°: इन्द्र।

सूर्य 347.1° + चंद्रमा 347.1° = 694.2° एक चक्कर + 334.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 347.1° + चंद्रमा 347.1° = 694.2° एक चक्कर + 334.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 347.1° + 347.1° = 694.2°, एक पूरा चक्कर और 334.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 04:35 सोम को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

रवि 31 मार्च को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.9° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 17:32 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 06:18 तक है।

रवि 31 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:19 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 1 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 31 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

रवि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र फाल्गुन कृष्ण शुक्ल रवि 31 मार्च अमावस्या 1 मार्च पूर्णिमा 15 मार्च अमावस्या 31 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र फाल्गुन कृष्ण शुक्ल रवि 31 मार्च अमावस्या 1 मार्च पूर्णिमा 15 मार्च अमावस्या 31 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

रवि 31 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2013 · शक 1878

विक्रम संवत 2013 10 अप्रैल 1956 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 1956 23:38 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 31 मार्च सूर्य 347.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 1956 23:38 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 31 मार्च सूर्य 347.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 1956, 23:38 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 349.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2013 गिनता है; शक संवत 1878।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 31 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:21

चंद्रमा यहाँ 06:21 पर उदय होता है।

रवि 31 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:21

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:21 चंद्रोदय 06:21
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:21 चंद्रोदय 06:21
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:21 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:21 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:21 पर उदय हुआ; वह फिर 18:21 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।