Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 3 जनवरी 1953
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी शनि 3 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शनि 3 जनवरी क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़3 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 3 जनवरी
- 05:15–05:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:42 से
- 08:27–09:59शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:51–13:43अभिजीत मुहूर्त
- 14:56–16:34लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:34–18:13अमृत चौघड़िया
-
16:34–17:52अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अश्लेशा में
- सूर्यास्त 19:52 के बाद
- 19:52–21:13लाभ चौघड़िया
- 22:34–23:56शुभ चौघड़िया
- 23:56–01:17 रविअमृत चौघड़िया
- 05:21–06:43 रविलाभ चौघड़िया
- 05:16–05:59 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:42–08:21कालअशुभ
- 08:21–09:59शुभ
- 09:59–11:38रोगअशुभ
- 11:38–13:17उद्वेगअशुभ
- 13:17–14:56चरसामान्य
- 14:56–16:34लाभयमगण्ड में
- 16:34–18:13अमृतशुभ
- 18:13–19:52कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:52–21:13लाभशुभ
- 21:13–22:34उद्वेगअशुभ
- 22:34–23:56शुभ
- 23:56–01:17 रविअमृतशुभ
- 01:17–02:39 रविचरसामान्य
- 02:39–04:00 रविरोगअशुभ
- 04:00–05:21 रविकालअशुभ
- 05:21–06:43 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 3 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–05:59, शुभ
- काल, अशुभ, 06:42–08:21
- शुभ, 08:21–09:59
- रोग, अशुभ, 09:59–11:38
- उद्वेग, अशुभ, 11:38–13:17
- चर, सामान्य, 13:17–14:56
- लाभ, शुभ, 14:56–16:34
- अमृत, शुभ, 16:34–18:13
- काल, अशुभ, 18:13–19:52
- लाभ, शुभ, 19:52–21:13
- उद्वेग, अशुभ, 21:13–22:34
- शुभ, 22:34–23:56
- अमृत, शुभ, 23:56–01:17 रवि
- चर, सामान्य, 01:17–02:39 रवि
- रोग, अशुभ, 02:39–04:00 रवि
- काल, अशुभ, 04:00–05:21 रवि
- लाभ, शुभ, 05:21–06:43 रवि
- गुलिक काल, 06:42–08:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:42–07:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:35–08:27, अशुभ
- राहु काल, 09:59–11:38, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:51–13:43, शुभ
- यमगण्ड, 14:56–16:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–05:59 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में संकष्टी चतुर्थी शनि 3 जनवरी को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी शनि 3 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शनि 3 जनवरी को 08:56 से रवि 4 जनवरी को 11:35 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शनि 3 जनवरी को है, 22:24 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 3 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:42। द्वितीया उससे पहले 06:34 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 08:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 31 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
तृतीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
तृतीया यहाँ शुक्र 2 और शनि 3 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 06:34 शुक्र को, सूर्योदय 06:41 शुक्र से पहले, शुरू हुई और 08:56 को, अगले सूर्योदय 06:42 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन तृतीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
शनि 3 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–05:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–05:59।
शुक्र 2 जनवरी की रात सूर्यास्त 19:51 शुक्र से सूर्योदय 06:42 तक थी, 10 घं 51 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 3 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:51–13:43
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:51–13:43।
शनि 3 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:42–07:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:42–07:35 और 07:35–08:27।
शनि 3 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:35–08:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:42–07:35 और 07:35–08:27।
यहाँ दिन, 06:42 से 19:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:42–07:35 और 07:35–08:27।
शनि 3 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:42–08:21 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:42 से 19:52, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:52 से 06:43 रवि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 3 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:59–11:38
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:59–11:38।
शनि 3 जनवरी को यमगंड कब है? 14:56–16:34
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:56–16:34।
शनि 3 जनवरी को गुलिक काल कब है? 06:42–08:21
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:42–08:21।
यहाँ दिन 06:42 से 19:52 तक है, 13 घं 10 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 3 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 19:52, 13 घं 10 मि का दिन।
शनि 3 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 19:52, 13 घं 10 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 114.5° पर था: अश्लेशा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 113°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:52 को निकलेगा, मघा में।
शनि 3 जनवरी को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 374° थे, एक चक्कर और 14°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 259.5° + 114.5° = 374°, एक पूरा चक्कर और 14°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 06:24 रवि को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
शनि 3 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 215° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:42 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 08:56 तक है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:42, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:42 से 06:43 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 3 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 17 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 13 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 15 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
शनि 3 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2009 · शक 1874
विक्रम संवत 2009 25 मार्च 1952 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1952, 18:12 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 277.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2009 गिनता है; शक संवत 1874।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 3 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:24
चंद्रमा यहाँ 22:24 पर उदय होता है।
शनि 3 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:27
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:27 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:24 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:27 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:24 पर उदय होगा।